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तिलमिलाए चीन की अमेरिका को धमकी, एप पर बैन का जल्द देंगे जवाब
Sat, 19 Sep 2020 02:05 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:05 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
- फोटो : फाइल फोटो
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चीन ने शनिवार को कहा कि वह वीचैट और टिकटॉक एप के डाउनलोडिंग को रोकने के अमेरिका के कदम का घोर विरोध करेगा। बीजिंग ने वाशिंगटन को चेतावनी दी कि वह चीनी कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए उसके खिलाफ जवाबी उपाय भी करेगा।
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अमेरिका ने शुक्रवार को लोकप्रिय चीनी सोशल मीडिया एप टिकटॉक और वीचैट को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए रविवार से प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए। वाशिंगटन ने कहा कि ये एप देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले भारत ने भी इन एप्स को प्रतिबंधित कर दिया था।
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पिछले महीने, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 सितंबर तक टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश में कहा गया कि इस दौरान तक इन कंपनियों को अपना स्वामित्व अमेरिकी कंपनियों कौ सौंपना होगा, तब ही ये देश में परिचालन कर पाएंगी।
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यह भी पढ़ें: ट्रंप ने डाटा सुरक्षा पर प्रतिबद्धता दोहराई, कहा- टिकटॉक पर जल्द लेंगे बड़ा फैसला
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने के लिए ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी आदेशों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह इन एप्स के डाउनलोड को ब्लॉक करने के अमेरिका के कदम का घोर विरोध करता है। चीनी मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, किसी भी सबूत के अभाव में अमेरिका ने बार-बार गैर-कानूनी कारणों का हवाला देते हुए दोनों कंपनियों को दबाने के लिए राज्य की शक्ति का इस्तेमाल किया है।
इसमें कहा गया कि अमेरिका ने कंपनियों की सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। साथ ही निवेश के माहौल में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के विश्वास को कम कर दिया और सामान्य वैश्विक आर्थिक और व्यापार को नुकसान पहुंचाया है। मंत्रालय ने कहा कि वाशिंगटन को अपनी कार्रवाइयों को तुरंत रोकना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय नियमों और व्यवस्था की रक्षा करनी चाहिए।
मंत्रालय ने कहा, अगर अमेरिका अपने आदेश को वापिस नहीं लेता है, तो चीन कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करने के लिए आवश्यक उपाय करेगा। हालांकि मंत्रालय ने किसी भी जवाबी कार्रवाई को निर्दिष्ट नहीं किया।