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China vs Taiwan: चीन ने सैन्य अभ्यास शुरू कर अमेरिका को दी नसीहत, ताइवान ने दिया कड़ा संदेश
Sat, 19 Aug 2023 01:18 PM IST
कुमार विवेक
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 19 Aug 2023 01:18 PM IST
सार
China vs Taiwan: ताइवान ने कहा, "हम युद्ध की तैयारी नहीं करते, युद्ध के मौके नहीं खोजते पर युद्ध का जवाब देने और युद्ध से बचने की अपनी मजबूत इच्छाशक्ति को बनाए रखते हैं। हमारे पास अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने की क्षमता, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास है।"
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चीन-ताइवान
- फोटो : iStock
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विस्तार
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीन ने शनिवार को ताइवान के आसपास संयुक्त हवाई और समुद्री गश्त व सैन्य अभ्यास शुरू किया। बीजिंग ने इसे विदेशी तत्वों के साथ ताइवान की मिलीभगत के खिलाफ "कड़ी चेतावनी" करार दिया है। यह अभ्यास ताइवान के उपराष्ट्रपति विलियम लाई के हाल ही में अमेरिका में "ठहराव" पर गुस्से की प्रतिक्रिया के रूप में आया था।
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समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्वी थिएटर कमांड के प्रवक्ता शी यी के हवाले से कहा कि गश्त और अभ्यास सैन्य जहाजों के समन्वय और वायु व समुद्री क्षेत्रों पर नियंत्रण करने की उनकी क्षमता के प्रशिक्षण से जुड़ा है। शी ने कहा कि वास्तविक युद्ध स्थितियों में लड़ने की सशस्त्र बलों की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गश्त और अभ्यास विदेशी तत्वों के साथ "ताइवान की स्वतंत्रता" के लिए अलगाववादियों की मिलीभगत और उनकी ओर से किए जा रहे उकसावे के लिए एक कड़ी चेतावनी है। दूसरी ओर, ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में द्वीप के पास चीन के नवीनतम सैन्य अभ्यास की निंदा की और इसे "तर्कहीन भड़काऊ व्यवहार" कहा।
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मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह व्यावहारिक कार्यों के साथ चीन के उनकसाने वाले कदम का जवाब देने के लिए उचित सैनिकों को भेजेगा। ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हाल के वर्षों में, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) ने हमें परेशान करने के लिए विमान और जहाज (Ship) भेजना जारी रखा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को काफी नुकसान हुआ है। बयान में कहा गया है, "इस बार बहाने से सैन्य अभ्यास शुरू करने से ताइवान जलडमरूमध्य की शांति और स्थिरता में मदद नहीं मिलती है, बल्कि इससे चीन की सैन्यवादी मानसिकता भी उजागर होती है और सैन्य विस्तार की वर्चस्ववादी प्रकृति की पुष्टि करती है"।
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राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने जोर दिया कि कम्युनिस्ट सेना द्वारा बार-बार इस तरह के कृत्य करने के खिलाफा राष्ट्रीय सेना के सभी अधिकारी और सैनिक लड़ने के लिए तैयार हैं।
ताइवान ने कहा, "हम युद्ध की तैयारी नहीं करते, युद्ध के मौके नहीं खोजते पर युद्ध का जवाब देने और युद्ध से बचने की अपनी मजबूत इच्छाशक्ति को बनाए रखते हैं। हमारे पास अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने की क्षमता, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास है।" ताइवान ने देश के लोगों से इस मामले में ठोस समर्थन करने और एकता बनाए रखने का आह्वान किया। जलडमरूमध्य के दोनों किनारों पर स्थिति गंभीर है। हम सेना और नागरिक रक्षा अभियानों के लिए एक प्रमुख बल बनाने और मातृभूमि की रक्षा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
इससे पहले जब लाई ने अमेरिका का दौरा किया था, उस समय भी चीन ने यात्रा की निंदा की थी और 'कड़े कदम' उठाने का संकल्प लिया था। लाइ के अमेरिका में रुकने के बाद देश के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में चीन ने कहा, 'चीन अमेरिका और ताइवान क्षेत्र के बीच किसी भी तरह की आधिकारिक बातचीत का कड़ा विरोध करता है। हम किसी भी नाम से या किसी भी बहाने से 'ताइवान की आजादी' के नाम पर अलगाववादियों की अमेरिका यात्रा का कड़ा विरोध करते हैं और हम अमेरिकी सरकार के ताइवान क्षेत्र के साथ किसी भी प्रकार के आधिकारिक संपर्क का दृढ़ता से विरोध करते हैं। चीन लाई चिंग-ते के लिए तथाकथित 'स्टॉपओवर' की व्यवस्था करने के अमेरिका के फैसले की निंदा करता है।
चीन ने कहा, "हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह एक चीन के एक चीन सिद्धांत का पालन करे और दो चीन या एक चीन, ताइवान जैसे किसी भी विचार का समर्थन नहीं करे।" चीन के अनुसार वह घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है और अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ व मजबूत कदम उठाएगा।