ड्रैगन की चाल: म्यांमार के अलगाववादियों को चीन कर रहा है वैक्सीन की सप्लाई
एक रिपोर्ट के मुताबिक कचिन इंडिपेंडेंस आर्मी, शान स्टेट आर्मी-नॉर्थ, और यूनाइटेड वा स्टेट आर्मी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में वहां के निवासियों को चीन में बने कोरोना वैक्सीन लगवा रहे हैं। ये इलाके चीन के यूनान प्रांत की सीमा से मिलते हैं...
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चीन म्यांमार के बागी संगठनों से जुड़े लोगों को कोरोना टीका लगाने मदद दे रहा है। ये नस्लीय बागी गुट म्यांमार के सीमाई इलाकों में सक्रिय हैं। दूरदराज के इन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि चीन का ये कदम म्यांमार के सैनिक शासकों को पसंद नहीं आएगा। बागी गुटों ने म्यांमार सरकार के खिलाफ हिंसक युद्ध छेड़ रखा है।
वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कचिन इंडिपेंडेंस आर्मी, शान स्टेट आर्मी-नॉर्थ, और यूनाइटेड वा स्टेट आर्मी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में वहां के निवासियों को चीन में बने कोरोना वैक्सीन लगवा रहे हैं। ये इलाके चीन के यूनान प्रांत की सीमा से मिलते हैं। कचिन इंडिपेंडेंस आर्मी के सूचना प्रमुख नाव बू ने निक्कई एशिया से कहा- ‘हमने 20 हजार लोगों का टीकाकरण किया है। दस हजार लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। हमारा इरादा लगभग 40 हजार लोगो का टीकाकरण का है।’
नाव बू ने कहा कि चीन के रेड क्रॉस के जरिए उन्हें साइनोवैक वैक्सीन के डोज प्राप्त हुए हैं। ये उग्रवादी संगठन म्यांमार के उत्तरी प्रांत कचिन में सक्रिय हैं। वहां बीते फरवरी से म्यांमार की सेना के साथ उसकी हिंसक झड़पों में काफी इजाफा हुआ है। इस संगठन का मकसद कचिन को एक स्वतंत्र देश बनाना है। कचिन प्रांत में जुलाई में कोरोना संक्रमण के 700 मामले सामने आए थे। उसके बाद से वहां टीकाकरण की मुहिम तेज की गई।
शान स्टेट प्रोग्रेसिव पार्टी के प्रवक्ता कर्नल साइ फोन हान ने निक्कई एशिया से कहा कि उनके संगठन ने अपने प्रभाव वाले इलाकों में क्वॉरंटीन के नियम और यात्राओं पर प्रतिबंध लागू किए, ताकि कोरोना संक्रमण के प्रसार पर काबू पाया जा सके।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि म्यांमार में जब कोरोना संक्रमण की स्थिति बेकाबू होने लगी, तब चीन ने हस्तक्षेप किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक बीती पांच अगस्त तक म्यांमार में कोरोना संक्रमण के तीन लाख 20 हजार मामले सामने आ चुके थे, जबकि 11 हजार लोगों की मौत हुई थी। 11 अगस्त तक औसतन रोजाना होने वाली मौतों की संख्या 300 से ऊपर हो गई। म्यांमार की आबादी पांच करोड़ 40 लाख है।
चीन ने म्यांमार को भी वैक्सीन मुहैया कराए हैं। उसने म्यांमार को 30 लाख डोज देने का वादा किया है। इनमें से साइनोफार्म वैक्सीन के 20 लाख डोज चीन ने अनुदान के रूप में दिया, जबकि साइनोवैक के दस लाख डोज म्यांमार सरकार ने खरीदे हैं।
जानकारों का कहना है कि जहां तक उग्रवादी गुटों की मदद का सवाल है, तो चीन ने यह कदम अपने बचाव में उठाया है। उसे आशंका है कि म्यांमार के इलाकों से संक्रमण उसके यूनान प्रांत में फैल सकता है। म्यांमार से संक्रमण के कुछ मामलों के यूनान में प्रवेश के बाद यूनान के गवर्नर जोंग गुओयिंग ने म्यांमार से लगी सीमा को सख्ती से बंद करने का फैसला किया था।
जानकारों का कहना है कि हालांकि वैक्सीन की सप्लाई मानवीय मदद की श्रेणी में आती है, लेकिन अलगाववादी बागी गुटों से चीन की एजेंसियों के सीधे संपर्क करने की खबर से म्यांमार की जनभावनाएं आहत हो सकती हैं। वहां के सैनिक शासक भी इसे नापसंद करेंगे, हालांकि उनकी चीन पर निर्भरता हाल में काफी बढ़ गई है।