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हांगकांग के आंदोलन को दबाने के लिए चीन लागू करेगा नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

Fri, 22 May 2020 02:20 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 22 May 2020 02:20 AM IST
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China is going to bring new national security law in hong kong for suppressing movement
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपती शी जिनपिंग

हांगकांग की तरफ से लगातार किए जा रहे हिंसक आंदोलन से परेशान चीन नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लाने जा रहा है। संसद में आज इसके लिए प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस कानून को लाने के बाद चीन देश द्रोह जैसे मामले से और सख्ती से निपटेगा साथ ही साथ उसे हांगकांग में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को दबाने के लिए और ज्यादा अधिकार प्राप्त हो जाएंगे।

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वहीं चीन की ओर से कानून में संशोधन प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए  कहा है कि चीन ने यदि इस तरह के कदम उठाए तो अमेरिका बेहद कड़ी कार्रवाई करेगा।
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लोकतंत्र समर्थक सांसदों और कार्यकर्ताओं ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि सरकार द्वारा जल्दबाजी में लाया जा रहा यह कानून हांगकांग को खत्म करने की एक साजिश है। सांसदो ने आगे कहा कि सरकार हांगकांग के लोगों की आवाज को दबाना चाहती है। 
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हालांकि चीन ने स्पष्ट कर दिया है कि कड़ी चेतावनी के बावजूद हांगकांग में प्रदर्शनकारियों ने लगातार सात महीने तक बड़े पैमाने पर आंदोलन को जारी रखा और कभी-कभी इसे हिंसक रूप भी दिया। इसलिए अब हम इस नए सुरक्षा कानून के द्वारा यहां शांति स्थापित करने की कोशिश करेंगे।

बता दें कि हांगकांग के छोटे से संविधान में अनुच्छेद 23 के तहत लिखा है कि चीनी सरकार अपने खिलाफ देशद्रोह, अलगाव, तोड़फोड़ को रोकने के लिए इस तरह के कानून को बना सकती है। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2003 में अनुच्छेद 23 को अधिनियमित करने का प्रयास किया गया था लेकिन विरोध में 5 लाख से अधिक लोग सड़क पर उतर गए और इस वजह से इसे पास नहीं किया जा सका।



वर्ष 1997 से पहले हांगकांग के लोग एक एग्रीमेंट के तहत स्वतंत्र रूप से जिंदगी जी रहे थे लेकिन 1997 के बाद ब्रिटेन से चीन के कब्जे में आने के बाद हांगकांग में पहली बार इतनी विषम स्थिति पैदा हुई और फिर से स्वतंत्र होने के लिए आंदोलन तेज कर दी गई, जो कि अभी तक जारी है।

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