अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता रद्द करने पर विचार कर रहा चीन
- ट्रंप की 200 अरब डालर के चीनी सामान पर आयात शुल्क बढ़ाने की धमकी।
- अमेरिकी राष्ट्रपति बोले, चीन के साथ व्यापार वार्ता की रफ्तार धीमी, मैं अपना धैर्य खो रहा हूं।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 200 अरब डालर के चीनी सामान के आयात पर शुल्क दर बढ़ाए जाने की चेतावनी के बाद चीन अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता को रद्द करने पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि 10 मई से वह चीन से आयात किए जाने वाले 200 अरब डालर के सामान पर शुल्क दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर सकते हैं।
चीन के उप-प्रधानमंत्री लियू हेई की अध्यक्षता वाले एक उच्च स्तरीय चीनी प्रतिनिधि मंडल की इस हफ्ते वाशिंगटन में बैठक होनी थी। बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) का समाधान ढूंढना है ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंताओं को दूर किया जा सके। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सूत्रों के हवाले से कहा, ‘चीन वाशिंगटन में बुधवार से शुरू होने वाली व्यापार वार्ता को रद्द करने पर विचार कर रहा है। हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर यह उम्मीद की जा रही थी कि शुक्रवार तक किसी समझौते पर पहुंचा जा सकता है।’
सीएनबीसी न्यूज ने कहा कि चीनी उप-प्रधानमंत्री अंतिम दौर की बातचीत के लिए की जाने वाली अपनी यात्रा को रद्द कर सकते हैं और उनके साथ ही 100 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल भी इस यात्रा को रद्द कर सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चीन पर दबाव बढ़ाते हुए 200 अरब डालर के चीनी सामान पर आयात शुल्क दर बढ़ाने की धमकी दी है। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि 10 मई से वह चीन से आयात किए जाने वाले 200 अरब डालर के सामान पर शुल्क दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर देंगे। ट्रंप का बयान ऐसे समय आया जब बुधवार को वाशिंगटन में चीन और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता फिर शुरू होनी थी। इसमें चीन के उप प्रधानमंत्री लियू हेई की अध्यक्षता में 100 सदस्यों का एक चीनी प्रतिनिधि मंडल बैठक में शामिल होने वाला था।
बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) का समाधान ढूंढना है ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंताओं को दूर किया जा सके। व्यापार वार्ता में किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप चीन के खिलाफ शुल्क बढ़ाने की समय सीमा दो बार जनवरी और मार्च में आगे खिसका चुके हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि वह अपना धैर्य खो रहे हैं। उन्होंने खुद को ‘ट्रैरिफ मैन’ बताया। ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ व्यापार वार्ता बहुत धीमी रफ्तार से चल रही है क्योंकि वह उस पर फिर से बात करना चाहते हैं। लेकिन यह मंजूर नहीं।
चीन के खुद को एक तकनीकी महाशक्ति के तौर पर स्थापित करने को लेकर दोनों देशों के बीच बड़ा तनाव चल रहा है। अमेरिका का आरोप है कि इसके लिए चीन दूसरों का बाजार खराब करने जैसे तरीके इस्तेमाल कर रहा है। इसमें साइबर सेंधमारी से लेकर कंपनियों पर जबरन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का दबाव जैसे तरीके भी शामिल हैं।
दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधी विवादों के समाधान के लिए वार्ता पिछले साल दिसंबर से शुरू हुई थी। ट्रंप ने चीन पर पिछली जुलाई से टैरिफ कार्रवाई शुरू कर दी थी ताकि वे चीन पर नीति बदलने का दबाव पैदा कर सकें। अमेरिका इस समय चीन के 200 अरब डालर के सामान पर 10 प्रतिशत और कुछ अलग किस्म के 50 अरब डालर के सामान पर 25 प्रतिशत की दर से शुल्क लगाता है।