फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China huge loss due to America China trade war says US president Donald Trump

अमेरिका से ट्रेड वॉर के चलते चीन हुआ बर्बाद, सितंबर वार्ता पर संशय के संकेत : डोनाल्ड ट्रंप

Sat, 10 Aug 2019 06:52 PM IST
आसिम खान वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: आसिम खान Updated Sat, 10 Aug 2019 06:52 PM IST
विज्ञापन
China huge loss due to America China trade war says US president Donald Trump
अमेरिका-चीन में ट्रेड वॉर

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह संकेत देकर अमेरिका-चीन में ट्रेड वॉर पर होने वाली वार्ता को संशय में धकेल दिया है कि दो महाशक्तियों के बीच सितंबर में प्रस्तावित बैठक नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘हम देखेंगे कि सितंबर में बैठक करें या नहीं। अगर हम करेंगे तो ठीक है, और यदि नहीं करेंगे तो भी ठीक है।’ ट्रंप ने कहा कि व्यापार युद्ध से चीन बर्बाद हो चुका है। 

विज्ञापन


उधर, आईएमएफ ने भी इस बयान पर मुहर लगाते हुए चीन की आर्थिक वृद्धि दर का पूर्वानुमान इस साल के लिए घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) का अनुमान यह मानकर लगाया गया कि चीन से आयात होने वाले सामान पर आगे कोई और शुल्क नहीं लगाया जाएगा। जबकि यदि अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर रोकने के मकसद से जारी वार्ता सितंबर में नहीं होती है, तो ट्रंप प्रशासन एक सितंबर से चीन के 300 अरब डॉलर मूल्य के अन्य उत्पादों पर भी 10 प्रतिशत का शुल्क लगा देगा। 
विज्ञापन


इससे न सिर्फ चीन की सुस्त होती अर्थव्यवस्था गर्त में जा सकती है, बल्कि चीनी आर्थिक विकास दर में भी तेज गिरावट आ सकती है। शनिवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने साफतौर पर कहा है कि ‘चीन पिछले कई दशकों में सबसे बुरे साल से गुजर रहा है और इस कारण वह व्यापार समझौता करना चाहता है। लेकिन मैं समझौते के लिए तैयार नहीं हूं। चीन का हाल अभी और बुरा होने वाला है। हजारों कंपनियां चीन छोड़ रही हैं।’
विज्ञापन
विज्ञापन


सितंबर वार्ता नहीं हुई तो बिगड़ेंगे हालात

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने कहा, अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव और अधिक बढ़ने के चलते चीन की आर्थिक वृद्धि दर कम होना तय है। यानि अमेरिका यदि 300 अरब डॉलर के चीनी सामान पर 10 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाता है तब भी अब तक लगे 25 प्रतिशत के आयात शुल्क के कारण ही चीन की आर्थिक वृद्धि दर अगले 12 महीने में करीब 0.80 प्रतिशत कम हो सकती है। 


ऐसे में यदि सितंबर में वार्ता नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। आईएमएफ ने दुनिया की दो सबसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच जारी व्यापारिक तनाव को यथाशीघ्र सुलझाने की भी अपील की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed