फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China has a strict law over third child birth

चीन में तीसरे बच्चे को जन्म देने पर भुगतना पड़ता है सख्त अंजाम

Sat, 14 Dec 2019 01:29 PM IST
अमित मंडल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमित मंडल Updated Sat, 14 Dec 2019 01:29 PM IST
विज्ञापन
China has a strict law over third child birth
चीन में सख्त नियम

चीन ने चार साल पहले ही एक बच्चे की नीति खत्म की थी। यहां एक बच्चे की नीति साल 1980 में लागू की गई थी। लेकिन उसकी इस नीति से कई समस्याएं खड़ी हो गई थीं। इसके चलते यहां बुजुर्गों की संख्या बढ़ने लगी। इसके बाद सरकार ने इस नीति को खत्म किया और कई प्रांतों में ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए सहायता और सुविधाएं दीं। बावजूद इसके तीसरी संतान होने पर कुछ चीनी माता-पिता को सजा दी जा रही है। 

विज्ञापन


पिछले महिला युनफू शहर में एक स्कूली शिक्षिका शी झेंगलिंग का मामला खूब सुर्खियों में रहा। शी ने जनवरी में अपने तीसरे बच्चे को जन्म दिया था। इसपर सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। उन्हें और उनके पुलिसकर्मी पति को नौकरी से निकाल दिया गया। बता दें कि चीन में सरकारी कर्मचारियों को दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर नौकरी से निकालने का सख्त नियम है। 
विज्ञापन


ये खबर वायरल हो गई। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट वीबो पर शी से जुड़ी ये खबर करीब 90 लाख बार पढ़ी गई। चीन में एक बच्चे की नीति के चलते ऐसे परिवारों की संख्या यहां करीब 15 करोड़ है। जबतक ये नियम लागू रहा यहां करोड़ों गर्भपात और नसबंदियां जबर्दस्ती कराई गई थीं। इसका विरोध करने वाले लोगों के घर ढहा दिए गए थे। अब इस तरह का सख्त नियम तीसरा बच्चा पैदा होने पर लगाया गया है। यानताई शहर में तीसरा बच्चा होने पर 29 लाख रुपये तक जुर्माना अदा करना पड़ता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed