फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China Foreign Ministry spokesperson says that incident happened because Indian troops broke the consensus reached by the military chiefs of both sides

चीनी विदेश मंत्रालय ने 'प्रेस वार्ता' में नहीं दिया मीडिया के किसी सवाल का जवाब, मारे गए सैनिकों की जानकारी भी नहीं दी

Thu, 18 Jun 2020 09:39 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 18 Jun 2020 09:39 PM IST
सार

पूर्वी लद्दाख के गलवां घाटी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 15 जून की रात हुई भारतीय और चीनी सैनिकों की हिंसक झड़प को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस वार्ता की। हालांकि, यह प्रेस वार्ता केवल नाम की रही। यहां मीडिया द्वारा पूछे गए न तो किसी सवाल का जवाब दिया गया और न ही भिड़ंत में मारे गए चीनी सैनिकों के बारे में कोई जानकारी दी गई। 

विज्ञापन
China Foreign Ministry spokesperson says that incident happened because Indian troops broke the consensus reached by the military chiefs of both sides
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन - फोटो : एएनआई

विस्तार

प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया ने भारत-चीन सैनिकों की झड़प को लकेर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन से छह सवाल किए, लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। वह बस एक ही राग अलापते रहे कि इस विवाद को शांतिपूर्वक हल से बातचीत के जरिए हल करेंगे। उन्होंने यह जानकारी तक नहीं दी कि इस भिड़ंत में चीन के कितने सैनिक मारे गए। 

विज्ञापन


झाओ ने मीडिया के कई अहम सवालों का जवाब ही नहीं दिया। एक रिपोर्टर ने सवाल किया था कि क्या गलवां नदी पर चीन कोई बांध बना रहा है जिससे भारत-चीन सीमा पर इसके प्रवाह को रोका जा सके। झाओ ने इस सवाल का कोई उत्तर नहीं दिया। इसके अलावा गलवां घाटी में हुई झड़प का कारण पूछने पर झाओ ने इसके लिए भारतीय पक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनका इसमें कोई हाथ नहीं है। 
विज्ञापन

फिर भारत को ठहराया जिम्मेदार, कहा- अब स्थिति नियंत्रण में

वार्ता के दौरान झाओ ने एलएसी पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर फिर से भारत पर आरोप लगाया। उन्होंने गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प को लेकर कहा- चीन ने बार-बार यह कहा है कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि भारतीय सैनिकों ने दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को तोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

लिजिआन ने कहा, फिलहाल सीमा पर स्थिति स्थिर है और नियंत्रण में है। हम भरोसा करते हैं कि दोनों देशों के नेता जिस परिणाम पर पहुंचे हैं उसके तहत दोनों पक्ष स्थिति को समझदारी से संभालेंगे और संयुक्त रूप से शांति स्थापित करेंगे।


उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष स्वस्थ और स्थायी द्विपक्षीय संबंध स्थापित करेंगे। बता दें कि 15 जून की रात हुई इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से देशभर में चीन के प्रति भारी गुस्सा है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed