फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   china foreign minister wang yi will visit nepal in march in amid of MCC agreement

एमसीसी करार से टेंशन: नेपाल पर प्रभाव जमाने की होड़ तेज, अब काठमांडू यात्रा पर आएंगे चीनी विदेश मंत्री

Fri, 11 Mar 2022 03:24 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 11 Mar 2022 03:24 PM IST
सार

नेपाल ने 2017 में चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में शामिल होने के लिए करार किया था। लेकिन इस पर काम ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया है। अब समझा जाता है कि वांग यहां इस परियोजना के रास्ते में आई रुकावटों पर भी बातचीत करेंगे...

विज्ञापन
china foreign minister wang yi will visit nepal in march in amid of MCC agreement
चीन के विदेश मंत्री वांग यी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

नेपाल को अपने प्रभाव क्षेत्र में रखने के लिए अमेरिका और चीन में चल रही होड़ के बीच ये खबर आई है कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी इसी महीने नेपाल की यात्रा करेंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 26-27 मार्च को वांग के काठमांडू में रहने की संभावना है। ये खबर यहां के अखबार काठमांडू पोस्ट ने नेपाल विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से दी है। इस खबर के मुताबिक वांग के साथ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय संपर्क विभाग के प्रमुख सोंग ताओ भी यहां आएंगे। अखबार ने अपनी खबर में कहा है कि शेर बहादुर देउबा के पिछले जुलाई में नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के यह किसी विदेशी पदाधिकारी की सबसे हाई प्रोफाइल यात्रा होगी।

विज्ञापन


बताया जाता है कि पिछले अक्तूबर में नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खड़का की जब वांग से फोन पर बातचीत हुई थी, तभी खड़का ने उन्हें नेपाल यात्रा का आमंत्रण दिया था। उसी आमंत्रण को स्वीकार करते हुए अब वांग ने काठमांडू आने की योजना बनाई है। नेपाली अधिकारियों ने अखबार को बताया कि वांग के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय दल की नेपाल यात्रा की पेशकश इस बार चीन की तरफ से आई।

विज्ञापन

एमसीसी की मदद पर जताया था एतराज

इस प्रस्तावित यात्रा को यहां बहुत अहमियत दी जा रही है। हाल में नेपाल सरकार ने अमेरिकी संस्था मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) से 50 करोड़ डॉलर की सहायता लेने के लिए हुए करार के संसदीय अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी कराई है। उस दौरान चीन ने इस पर सख्त एतराज जताया था। यहां के कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि इस घटना के बाद अब चीन यहां की स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करना चाहता है। वांग अपनी यात्रा के दौरान यह भांपने की कोशिश करेंगे कि क्या एमसीसी करार पर अमल से चीन की सुरक्षा और रणनीतिक मकसदों के लिए कोई चिंता पैदा होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन


नेपाल ने 2017 में चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में शामिल होने के लिए करार किया था। लेकिन इस पर काम ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया है। अब समझा जाता है कि वांग यहां इस परियोजना के रास्ते में आई रुकावटों पर भी बातचीत करेंगे।

अमेरिकी धमकी की चीन ने की थी आलोचना

पूर्व विदेश मंत्री प्रकाश शरण महत ने काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘हमने देखा है कि संसद में एमसीसी करार के अनुमोदन को लेकर चीन की कुछ चिंताएं हैं। वांग की यहां होने वाली बातचीत में इन चिंताओं पर गौर किया जा सकता है।’ एमसीसी करार के अऩुमोदन में हो रही देर को लेकर जब अमेरिका ने नेपाल को धमकी दी थी, तो चीन ने उसकी आलोचना की थी। उसने अमेरिकी नजरिए को ‘जोर-जबरदस्ती वाली कूटनीति’ कहा था। बाद में जब अनुमोदन प्रस्ताव पारित हो गया, तो चीन ने कहा था कि उसने इस घटनाक्रम पर ध्यान दिया है।



उसके बाद चीन के दो अखबारों- चाइना डेली और ग्लोबल टाइम्स में इस बारे में टिप्पणियां छपीं। उनमें कहा गया कि एमसीसी करार में कई जोखिम शामिल हैं और उससे दक्षिण एशिया में शांति और विकास के लिए खतरा पैदा होगा। हालांकि नेपाल के कूटनीतिकों का यही कहना है कि एमसीसी करार में ऐसा कुछ नहीं है, जिसको लेकर चीन को चिंता करनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed