फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China forcibly relocated 60 Tibetans from their homes

चीन ने 60 तिब्बतियों को उनके घरों से जबरन हटाकर किया स्थानांतरित

Fri, 17 Jul 2020 06:13 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 17 Jul 2020 06:13 AM IST
विज्ञापन
China forcibly relocated 60 Tibetans from their homes
चीन का झंडा - फोटो : Social media

तिब्बत क्षेत्र में चीन किस तरह से स्थानीय लोगों के साथ बर्ताव कर रहा है इसका ताजा उदाहरण एक एनजीओ ने किया है। तिब्बत वॉच का हवाला देते हुए फ्री तिब्बत एनजीओ ने कहा है कि चीनी अधिकारियों ने पूर्वी तिब्बत इलाके में 13 अलग-अलग घरों के 60 तिब्बतियों को जबरदस्ती उनके घरों से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। नए घरों में चीनी ध्वज भी लगाए गए हैं।

विज्ञापन


बताया गया कि चीन सरकार द्वारा बनाए गए पल्युल काउंटी की एक बस्ती में इन्हें डोलिंग गांव से स्थानांतरित करके भेजा गया है। 24 जून को हुई इस कार्रवाई में तिब्बतियों को जिन नए घरों में भेजा गया है वहां छत पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने चीन का झंडा लगा दिया और घरों के भीतर राष्ट्रपति जिनपिंग के चित्र रख दिए।
विज्ञापन


एनजीओ ने बताया कि 2018 से 2019 के बीच चीनी सरकार ने पूर्वी तिब्बत से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के रूप में शासित क्षेत्र में लगभग 400 तिब्बती परिवारों को बड़े पैमाने पर जबरन स्थानांतरण किया गया है। चीन सरकार ने जुलाई 2019 में तीन तिब्बती-बहुसंख्यक टाउनशिप से 2,693 लोगों का पुनर्वास पाशा काउंटी में पूरा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन



पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) का दावा है कि तिब्बत चीन का अभिन्न अंग है। तिब्बती सरकार में निर्वासन का कहना है कि तिब्बत अवैध कब्जे के तहत एक स्वतंत्र राज्य है।

सीसीपी सदस्यों के प्रवेश पर रोक लगा सकता है अमेरिका
हांगकांग के विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों और उनके परिवारों के लिए संयुक्त राज्य अपने देश में प्रतिबंध लगा सकता है। द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार उन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के वीजा को रद्द करने की अनुमति दे सकती है जो वर्तमान में देश में हैं, साथ ही साथ उनके परिवार के लोगों का भी निष्कासन कर सकती है।


चीनी धमकी के विरुद्ध ताइवान ने किया युद्धाभ्यास
चीन द्वारा ताइवान पर अपने अधिकार की धमकी के बीच ताइवान ने सैन्य युद्धाभ्यास किया। ताइवानी सेना, नौसेना और वायुसेना ने लाइव युद्धाभ्यास कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति साई इंग वेन ने कहा कि हम चीन को बताना चाहते हैं कि हमारा देश कमजोर नहीं हैं। हम अपनी जमीन और चीन के घुसपैठ को रोकने में सक्षम हैं। अगर चीन ने कोई गैर-वाजिब हरकत की तो उन्हें मुंह तोड़ जवाब देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed