फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China exposes most foreign journalists since 1989 according to FCCC report

चीन ने 1989 के बाद सबसे ज्यादा विदेशी पत्रकारों को निकाला : एफसीसीसी रिपोर्ट

Tue, 02 Mar 2021 12:30 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 02 Mar 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
China exposes most foreign journalists since 1989 according to FCCC report
Chinese Media - फोटो : Twitter

चीन में विदेशी पत्रकारों के लिए काम करने की स्थिति 2020 में बदतर हो गई। चीन ने 18 संवाददाताओं को निर्वासित किया है जो 1989 में थियानमेन चौक घटना के बाद सबसे ज्यादा है।

विज्ञापन


यह जानकारी सोमवार को फॉरेन कॉरसपोंडेंट्स क्लब ऑफ चाइना (एफसीसीसी) ने दी है। एफसीसीसी ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने कोविड-19 महामारी पर रिपोर्टिंग को सीमित किया और पत्रकारों पर नजर रखते हुए उन्हें निर्वासित किया।
विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, चीनी अधिकारियों ने 2020 में विदेशी संवाददाताओं के काम को विफल करने के लिए प्रयास तेज कर दिए। राज्य के सभी अंगों और कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए लाई गई निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल पत्रकारों, उनके चीनी सहयोगियों को तंग करने और धमकाने के लिए किया गया। साथ ही उन लोगों को भी परेशान किया गया जिनका साक्षात्कार विदेशी मीडिया लेना चाहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, लगातार तीसरे साल एक भी पत्रकार ने एफसीसीसी के सर्वेक्षण में यह नहीं कहा कि काम करने की स्थिति में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी संवाददाताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की कथित जांच को लेकर निशाना बनाया गया और उनसे कहा गया कि वे देश नहीं छोड़ सकते हैं।

इसके अलावा चीन ने प्रेस परिचय पत्र रद्द कर दिए और वीजा नवीनीकरण करने से इनकार कर दिया। साल 2020 के पहले छह महीनों में चीन ने न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉल स्ट्रीट जनरल और वाशिंगटन पोस्ट (तीनों अमेरिका के अखबार) के कम से कम 18 विदेशी पत्रकारों को निर्वासित किया।


एफसीसीसी की रिपोर्ट प्रतिक्रिया पूछने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, हमने उस संगठन को कभी मान्यता नहीं दी जिसका आपने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तथाकथित रिपोर्ट तथ्यों के बजाय पूर्वाग्रहों पर आधारित है और सनसनी और डर फैलाने की कोशिश की गयी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed