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चीन ने बदला रुख: पाक में ढांचागत काम के साथ खनन पर भी देगा ध्यान
Thu, 07 Nov 2019 07:27 AM IST
देव कश्यप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 07 Nov 2019 07:27 AM IST
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पाकिस्तान-चीन
- फोटो : Twitter
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चीन ने 60 अरब डालर वाली बहुचर्चित चीन-पाक आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना मामले में रंग बदल लिया है। अब इसमें ढांचागत क्षेत्र के बजाय तांबा, सोना, तेल एवं गैस क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान दिया जायेगा।
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स्थानीय मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन पाक संयुक्त सहयोग समिति (जेसीसी) की नौंवीं बैठक में सीपीईसी का दायरा बढ़ा कर इसमें तांबा, सोना, तेल और गैस सेक्टर को लाने का फैसला किया गया।चीनी राजदूत याओ जिंग ने योजना मंत्री खुसरो बख्तियार के साथ प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जेसीसी बैठक सफल रही है।
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जिस रूपरेखा पर सहमति बनी है वह काफी आशाजनक है। चीनी राजदूत ने कहा कि जेसीसी ने सीपीईसी के लिये नई दिशा तय की है। साथ ही यह भी बातचीत हुई है कि चीनी विनिर्माण इकाईयां पाकिस्तान भेजी जाएं और भविष्य की परियोजनाओं को चीन से पैसे की सहूलियत दी जाए।
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बख्तियार ने कहा कि नई रूपरेखा पर ठीक से अमल होने पर अगले पांच साल में पाकिस्तान कम आय के दर्जे से निकल कर मध्यम आय वाला देश बन सकता है। अगले तीन सालों में पाकिस्तान में तेल एवं गैस क्षेत्र में आठ से दस डालर के चीनी निवेश की संभावना है। इससे काफी फायदा होगा क्योंकि चीन तांबे के सबसे बड़े आयातकों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन की मदद से पाकिस्तान की इस्पात मिलों को नया जीवन मिलने से चार अरब डालर का आयात बिल कम होगा।