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China: कई महिलाओं से संबंध-अवैध संतान और कारों के बेड़े रखने का आरोप, कौन है सबसे अहम बौद्ध मठ के CEO भिक्षु
Tue, 29 Jul 2025 03:29 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 29 Jul 2025 03:29 PM IST
सार
शाओलिन टेंपल के प्रमुख शी योंगशिन कौन हैं? उन पर क्या-क्या आरोप लगे हैं और बौद्ध मठ का इस मामले में क्या कहना है? चीन की शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) सरकार ने इस मामले में योंगशिन पर अब तक क्या कार्रवाई की है? इसके अलावा बौद्ध मठ के प्रमुख रहने के दौरान उनका कार्यकाल कैसे विवादों में घिरता चला गया? आइये जानते हैं...
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चीन के प्रसिद्ध शाओलिन टेंपल के प्रमुख रहे शी योंगशिन।
- फोटो : shaolintemple.com
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विस्तार
चीन में कुंगफू की जन्मस्थली कहे जाने वाले बौद्ध मठ- शाओलिन टेंपल को पूरी दुनिया में अहम धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, इसके मौजूदा प्रमुख शी योंगशिन के खिलाफ चीन की सरकार ने जांच बिठा दी है। योंगशिन, जिन्हें चीन में सीईओ भिक्षु के तौर पर भी जाना जाता है, उन पर वित्तीय गड़बड़ी, धोखाधड़ी, गबन और बौद्ध सिद्धांतों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। 1500 साल पुराने शाओलिन टेंपल के प्रमुख पर इस तरह के आरोपों के बाद दुनियाभर में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर शाओलिन टेंपल के प्रमुख शी योंगशिन कौन हैं? उन पर क्या-क्या आरोप लगे हैं और बौद्ध मठ का इस मामले में क्या कहना है? चीन की शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) सरकार इस मामले में योंगशिन पर क्या कार्रवाई कर सकती है? इसके अलावा बौद्ध मठ के प्रमुख रहने के दौरान उनका कार्यकाल कैसे विवादों में घिरता चला गया? आइये जानते हैं...
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर शाओलिन टेंपल के प्रमुख शी योंगशिन कौन हैं? उन पर क्या-क्या आरोप लगे हैं और बौद्ध मठ का इस मामले में क्या कहना है? चीन की शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) सरकार इस मामले में योंगशिन पर क्या कार्रवाई कर सकती है? इसके अलावा बौद्ध मठ के प्रमुख रहने के दौरान उनका कार्यकाल कैसे विवादों में घिरता चला गया? आइये जानते हैं...
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पहले जानें- शाओलिन टेंपल के प्रमुख पर क्या आरोप लगे?
बौद्ध भिक्षु पर लगे आरोपों को लेकर शाओलिन टेंपल की तरफ से बयान जारी किया गया है। इसमें मठ ने पुष्टि की है कि शी पर कुछ परियोजनाओं के लिए मिले फंड्स के गलत इस्तेमाल और इन्हें दूसरी जगह पहुंचाने के अलावा मठ के मालिकाना हक वाली संपत्तियों के भी गलत इस्तेमाल के आरोप हैं। इसके अलावा उन पर विदेश में दर्जनों कंपनियां स्थापित करने का भी आरोप लगा है।
मठ के मुताबिक, वित्तीय गड़बड़ियों के अलावा योंगशिन पर लंबे समय तक अलग-अलग महिलाओं से अवैध संबंध रखने और कम से कम एक अवैध संतान के पिता बनने के भी आरोप हैं। गौरतलब है कि बौद्ध भिक्षु ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं और ऐसे में योंगशिन पर इस तरह के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। मठ की तरफ से कहा गया है कि 59 वर्षीय योंगशिन पर चीन सरकार के कई विभागों ने जांच बिठा दी है। इसके पूरा होने के बाद ज्यादा जानकारी सामने रखी जाएगी।
बौद्ध भिक्षु पर लगे आरोपों को लेकर शाओलिन टेंपल की तरफ से बयान जारी किया गया है। इसमें मठ ने पुष्टि की है कि शी पर कुछ परियोजनाओं के लिए मिले फंड्स के गलत इस्तेमाल और इन्हें दूसरी जगह पहुंचाने के अलावा मठ के मालिकाना हक वाली संपत्तियों के भी गलत इस्तेमाल के आरोप हैं। इसके अलावा उन पर विदेश में दर्जनों कंपनियां स्थापित करने का भी आरोप लगा है।
मठ के मुताबिक, वित्तीय गड़बड़ियों के अलावा योंगशिन पर लंबे समय तक अलग-अलग महिलाओं से अवैध संबंध रखने और कम से कम एक अवैध संतान के पिता बनने के भी आरोप हैं। गौरतलब है कि बौद्ध भिक्षु ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं और ऐसे में योंगशिन पर इस तरह के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। मठ की तरफ से कहा गया है कि 59 वर्षीय योंगशिन पर चीन सरकार के कई विभागों ने जांच बिठा दी है। इसके पूरा होने के बाद ज्यादा जानकारी सामने रखी जाएगी।
इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए चीन के बौद्ध संघ ने सोमवार को एलान किया कि उसने योंगशिन के दीक्षा से जुड़े प्रमाणन को रद्द कर दिया है। यानी जब तक आरोपों की जांच पूरी नहीं हो जाती और योंगशिन बरी नहीं हो जाते, तब तक वे भिक्षु की तरह काम नहीं कर सकते। फिलहाल शाओलिन टेंपल के प्रमुख शी योंगशिन ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है।
चीन सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की?
चीनी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शी योंगशिन के खिलाफ ताजा जांच पिछले हफ्ते ही शुरू हुई। उन्हें पूर्वी हेनान के शिनशियांग शहर से गिरफ्तार किया गया। इस खबर के सामने आने के बाद से ही योंगशिन का वीबो (Weibo) अकाउंट, जिससे वे लगभग हर रोज पोस्ट करते थे, उससे पोस्ट होना बंद हो चुका है। इस अकाउंट पर करीब 9 लाख फॉलोवर्स हैं। सोमवार को बौद्ध संघ की तरफ से उनका भिक्षु का दर्जा छीने जाने के बाद चीन में योंगशिन के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि हुई है।
चीनी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शी योंगशिन के खिलाफ ताजा जांच पिछले हफ्ते ही शुरू हुई। उन्हें पूर्वी हेनान के शिनशियांग शहर से गिरफ्तार किया गया। इस खबर के सामने आने के बाद से ही योंगशिन का वीबो (Weibo) अकाउंट, जिससे वे लगभग हर रोज पोस्ट करते थे, उससे पोस्ट होना बंद हो चुका है। इस अकाउंट पर करीब 9 लाख फॉलोवर्स हैं। सोमवार को बौद्ध संघ की तरफ से उनका भिक्षु का दर्जा छीने जाने के बाद चीन में योंगशिन के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि हुई है।
क्या है दुनियाभर में चर्चित कुंगफू की जन्मस्थली- शाओलिन टेंपल?
शाओलिन टेंपल करीब 1500 साल से भी पुराना बौद्ध मठ है, जो कि चीन के हेनान प्रांत में शोंगशान पहाड़ियों पर स्थित है। यह न सिर्फ बौद्ध धर्म के पवित्र धर्मस्थलों में से है, बल्कि बौद्ध धर्म की एक शाखा- जेन बौद्ध और शाओलिन कुंगफू की जन्मस्थली भी मानी जाती है। यह मठ यूनेस्को (UNESCO) की वैश्विक धरोहर की सूची का हिस्सा है और मार्शल आर्ट्स से जुड़ी कला की वजह से दुनियाभर में लोकप्रिय रहा है। इस मठ को चीन की कई फिल्मों के केंद्र में भी रखा गया है। हॉलीवुड स्टार जैकी चैन और जेट ली ने इस मठ में फिल्मों की शूटिंग भी की है।
शाओलिन टेंपल करीब 1500 साल से भी पुराना बौद्ध मठ है, जो कि चीन के हेनान प्रांत में शोंगशान पहाड़ियों पर स्थित है। यह न सिर्फ बौद्ध धर्म के पवित्र धर्मस्थलों में से है, बल्कि बौद्ध धर्म की एक शाखा- जेन बौद्ध और शाओलिन कुंगफू की जन्मस्थली भी मानी जाती है। यह मठ यूनेस्को (UNESCO) की वैश्विक धरोहर की सूची का हिस्सा है और मार्शल आर्ट्स से जुड़ी कला की वजह से दुनियाभर में लोकप्रिय रहा है। इस मठ को चीन की कई फिल्मों के केंद्र में भी रखा गया है। हॉलीवुड स्टार जैकी चैन और जेट ली ने इस मठ में फिल्मों की शूटिंग भी की है।
शी योंगशिन पहले बौद्ध भिक्षु हैं, जिन्होंने मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की डिग्री हासिल की है। अपने इस प्रशिक्षण के जरिए उन्होंने शाओलिन टेंपल के प्रबंधन को वाणिज्यिक स्तर पर बढ़ाया और इसे ऐतिहासिक मठ से उठाकर एक ब्रांड में बदलने में अहम भूमिका निभाई। योंगशिन के अंतर्गत ही फिल्मों, कार्टून और वीडियो गेम्स में शाओलिन शब्द को लाइसेंसिंग के जरिए कॉपीराइट करा दिया गया। इसके बाद शाओलिन टेंपल का रियल एस्टेट से लेकर प्रकाशन और पारंपरिक चिकित्सा और वैश्विक पर्यटन तक के क्षेत्र में दखल हुआ।
योंगशिन के शाओलिन मठ को प्रचारित करने काम ने उन्हें पूरी दुनिया में लोकप्रिय बना दिया। हालांकि, कई बड़े नामों ने मठ के नाम पर वाणिज्यिक गतिविधियां शुरू करने के लिए उनकी आलोचना भी की। हालांकि, इन आलोचनाओं के जवाब में योंगशिन तर्क देते थे कि शाओलिन संस्कृति को दुनिया में फैलाकर ही इसकी रक्षा की जा सकती है। अपनी इसी पहल के चलते योंगशिन कई मौकों पर वैश्विक नेताओं के साथ दिखे। योंगशिन की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ-II, नेल्सन मंडेला, हेनरी किसिंजर और एपल के सीईओ टिम कुक के साथ भी तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। इसके चलते ही उन्होंने सीईओ भिक्षु के तौर पर भी जाना जाता है।
योंगशिन के शाओलिन मठ को प्रचारित करने काम ने उन्हें पूरी दुनिया में लोकप्रिय बना दिया। हालांकि, कई बड़े नामों ने मठ के नाम पर वाणिज्यिक गतिविधियां शुरू करने के लिए उनकी आलोचना भी की। हालांकि, इन आलोचनाओं के जवाब में योंगशिन तर्क देते थे कि शाओलिन संस्कृति को दुनिया में फैलाकर ही इसकी रक्षा की जा सकती है। अपनी इसी पहल के चलते योंगशिन कई मौकों पर वैश्विक नेताओं के साथ दिखे। योंगशिन की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ-II, नेल्सन मंडेला, हेनरी किसिंजर और एपल के सीईओ टिम कुक के साथ भी तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। इसके चलते ही उन्होंने सीईओ भिक्षु के तौर पर भी जाना जाता है।
और किन विवादों से भी जुड़ा रहा इस बौद्ध भिक्षु का नाम?
शी योंगशिन के साथ विवादों का पुराना नाता रहा है 2006 में उन्हें हेनान प्रांत के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख युआन (करीब 1 करोड़ रुपये) की कार दी गई थी। इसे लेकर सार्वजनिक स्तर पर योंगशिन की काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, बौद्ध मठ के प्रमुख ने तब यह कह कर अपना बचाव किया था कि भिक्षु भी नागरिक होते हैं और अपने कर्तव्य निभाने के साथ समाज के लिए योगदान देते हैं। इसलिए हमें भी ईनाम पाने का अधिकार है।
योंगशिन के साथ गबन और ब्रह्मचर्य तोड़ने के शुरुआती आरोप 2015 में लगे थे। तब एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर बौद्ध भिक्षु के महिलाओं से संबंध होने और कई बच्चों के पिता होने के आरोप लगाए थे। इसके सबूत के तौर पर तब पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने 1980 के दशक के कई दस्तावेज भी डाले थे और उनके बच्चे और उसकी मां की तस्वीर भी पोस्ट की गई थी। हालांकि, योंगशिन ने इन आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि उनके खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी सबूत नहीं मिले हैं।
शी योंगशिन के साथ विवादों का पुराना नाता रहा है 2006 में उन्हें हेनान प्रांत के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख युआन (करीब 1 करोड़ रुपये) की कार दी गई थी। इसे लेकर सार्वजनिक स्तर पर योंगशिन की काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, बौद्ध मठ के प्रमुख ने तब यह कह कर अपना बचाव किया था कि भिक्षु भी नागरिक होते हैं और अपने कर्तव्य निभाने के साथ समाज के लिए योगदान देते हैं। इसलिए हमें भी ईनाम पाने का अधिकार है।
योंगशिन के साथ गबन और ब्रह्मचर्य तोड़ने के शुरुआती आरोप 2015 में लगे थे। तब एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर बौद्ध भिक्षु के महिलाओं से संबंध होने और कई बच्चों के पिता होने के आरोप लगाए थे। इसके सबूत के तौर पर तब पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने 1980 के दशक के कई दस्तावेज भी डाले थे और उनके बच्चे और उसकी मां की तस्वीर भी पोस्ट की गई थी। हालांकि, योंगशिन ने इन आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि उनके खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी सबूत नहीं मिले हैं।
इन आरोपों के बाद भी योंगशिन चीन में 2020 में एक बार फिर बौद्ध संघ के अध्यक्ष चुने गए। इस पद पर वे 2002 से लगातार बने हुए हैं। इसके अलावा वे हेनान प्रांत के बौद्ध संघ के भी 1998 से अध्यक्ष हैं। वे 1998 से 2018 तक लगातार चीन की पीपल्स नेशनल कांग्रेस में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आए हैं।