फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China and US companies cut investments in Pakistan

चीन और अमेरिकी कंपनियों ने घटाया पाक में निवेश, एफडीआई में 49 फीसदी की गिरावट दर्ज

Tue, 06 Aug 2019 03:10 AM IST
Avdhesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Avdhesh Kumar Updated Tue, 06 Aug 2019 03:10 AM IST
विज्ञापन
China and US companies cut investments in Pakistan
इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर बिगड़ते हालातों में चीन की चिंता आग में घी डालने का काम कर रही है। चीन पाकिस्तान से अपना निवेश घटाने में जुट गया है। चीन के अलावा अमेरिकी कंपनियों ने भी पाकिस्तान में अपना निवेश बेहद कम कर दिया है। इससे पाकिस्तान बुरी तरह परेशान है।
विज्ञापन


आज तक चीन को पाकिस्तान का सदाबहार दोस्त माना जाता रहा है लेकिन विश्व बैंक की मदद मिलने से पहले तक पाक अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करने वाला चीन अब निवेश से पीछे हट रहा है।
विज्ञापन


पाक अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक चीन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के छह माह में पाक में अपना निवेश घटाकर 49.6 करोड़ डॉलर तक सीमित कर दिया है। जबकि एक साल पहले इसी समान अवधि में पाकिस्तान के भीतर चीन ने 1.8 अरब डॉलर का निवेश किया था। इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है कि पाक में निवेश को लेकर चीनी निवेशक चिंतित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


2018-19 से पहले के ग्यारह महीनों में पाक में आने वाला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी 49 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट को अमेरिकी कंपनियों का भी साथ मिला है। पाकिस्तान में अमेरिकी कंपनियों का निवेश भी घटकर 8.4 करोड़ डॉलर तक रह गया है। जबकि एक साल पहले इसी दौरान अमेरिका ने यहां 14.70 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। 
 

कर्ज के बावजूद खस्ताहाल

वित्त वर्ष 2018-19 में पाकिस्तान को कुल 9.5 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज मिला था, जो उसके सालान लक्ष्य 9.3 अरब डॉलर से ज्यादा है। इसके अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से मिला 5 अरब डॉलर का कर्ज भी स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के खाते में गया। लेकिन इसके बावजूद पाक खस्ताहाल है। वित्त वर्ष 2018-19 में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट महज 3.29 फीसदी रही है।

सीपीईसी में हुआ है अरबों डॉलर का निवेश

नवंबर 2014 में चीन सरकार ने सीपीईसी के तहत ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत 46 अरब डॉलर की वित्तीय मदद का एलान किया था। सितंबर 2016 में चीन ने एलान किया कि सीपीईसी के लिए 51.6 अरब डॉलर का एक नया समझौता हुआ है। इसके बाद चीन ने फिर एलान किया कि वह अप्रैल में पाकिस्तान में 62 अरब डॉलर का निवेश बढ़ाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed