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South China Sea: दक्षिण चीन सागर में चीन की दादागिरी, तटरक्षक बल ने फिलीपींस के सरकारी जहाज को निशाना बनाया

Mon, 13 Oct 2025 09:46 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 13 Oct 2025 09:46 AM IST
सार

फिलीपींस तटरक्षक बल द्वारा जारी एक वीडियो में चीनी जहाज को पानी की तेज धार से हमला करते और फिलीपींस के झंडे को निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में फिलीपींस का जहाज हमले से बचने के लिए दिशा बदलता भी दिखाई देता है।

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China again targets Philippines vessel in disputed South China Sea near Thitu Island news and updates
चीन-फिलीपींस में दक्षिण चीन सागर में हुआ टकराव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन और फिलीपींस के बीच दक्षिण चीन सागर में टकराव का एक और गंभीर मामला सामने आया है। बताया गया है कि चीनी तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) के जहाजों ने फिलीपींस के एक सरकारी पोत पर पानी की तेज बौछार से हमला किया और इसके बाद में उसे टक्कर मार दी। इस घटना में जहाज को हल्का नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं आई।
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फिलीपींस तटरक्षक बल के अनुसार, यह घटना दक्षिण चीन सागर के विवादित इलाके में स्थित थीटू द्वीप के पास हुई। यह द्वीप फिलीपींस के कब्जे में है और वहां फिलीपींस के नागरिकों और मछुआरों की बस्ती भी है। घटना के समय फिलीपींस का सरकारी जहाज बीआरपी दातु पगबुआया वहां दो अन्य मछली पालन विभाग के जहाजों के साथ लंगर डाले हुए था। तीनों जहाज मछुआरों को सहयोग देने के लिए उस इलाके में मौजूद थे।
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तटरक्षक बल के प्रवक्ता कमोडोर जे टारिएला ने बताया कि अचानक चीनी तटरक्षक जहाज और कुछ संदिग्ध सैन्य नौकाएं तेजी से वहां पहुंचीं और खतरनाक ढंग से उसके जहाजों के बहुत करीब आ गईं। इसके बाद एक चीनी जहाज, जिसका नंबर 21559 था, ने दातु पगबुआया पर सीधा पानी की तेज बौछारें दागीं। कुछ ही मिनटों बाद उसी जहाज ने फिलीपींस के पोत के पिछले हिस्से में टक्कर मार दी, जिससे उसे हल्का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि किसी भी चालक दल को चोट नहीं आई और जहाज बाद में सुरक्षित स्थान पर चला गया।

फिलीपींस ने घटना का वीडियो जारी किया
फिलीपींस तटरक्षक बल द्वारा जारी एक वीडियो में चीनी जहाज को पानी की तेज धार से हमला करते और फिलीपींस के झंडे को निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में फिलीपींस का जहाज हमले से बचने के लिए दिशा बदलता भी दिखाई देता है। फिलीपींस तटरक्षक बल के प्रमुख एडमिरल रॉनी गिल गवान ने कहा कि ऐसी घटनाएं उनके मनोबल को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा, “फिलीपीनी मछुआरों की आजीविका इन जलक्षेत्रों पर निर्भर है। चाहे पानी की तोप चले या जहाजों से टक्कर मारी जाए, हम अपने क्षेत्र की एक इंच जमीन भी किसी विदेशी ताकत को नहीं सौंपेंगे।”
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चीन बोला- फिलीपींस ने की हमारे जलक्षेत्र में घुसपैठ
उधर, बीजिंग में चीनी तटरक्षक बल के प्रवक्ता लियू देजुन ने बयान जारी कर कहा कि फिलीपींस के जहाजों ने बिना अनुमति चीन के टियेशियान रीफ (जिसे चीन सैंडी के कहता है) के पास उसके जलक्षेत्र में घुसपैठ की। उन्होंने कहा, "फिलीपींस के जहाज ने चीनी जहाज के बहुत नजदीक आने की कोशिश की, जिससे मामूली टक्कर हुई। लियू ने पूरे मामले की जिम्मेदारी फिलीपींस पर डालते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें क्षेत्र की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाती हैं।"

अमेरिका ने की चीन के कदम को बताया खतरनाक
इस घटना पर अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने चीन की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए फिलीपींस का समर्थन किया है। मनीला स्थित अमेरिकी राजदूत मैरी के कार्लसन ने कहा कि फिलीपीनी दल ने कठिन परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और दक्षता दिखाई। उन्होंने चीन की आक्रामकता को खतरनाक और अस्वीकार्य बताया।

क्या है थीटू द्वीप, इस पर क्या है विवाद?
दक्षिण चीन सागर पर चीन लगभग पूरे क्षेत्र पर अपना दावा करता है, जबकि 2016 में अंतरराष्ट्रीय पंचाट ने उसके ऐतिहासिक दावों को अवैध ठहराया था। इसके बावजूद चीन ने उस फैसले को मानने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ और कनाडा जैसे देशों ने फिलीपींस के दावे और उसके अधिकारों का समर्थन किया है।

थीटू द्वीप, जिसे फिलीपींस में पग-आसा कहा जाता है, स्पार्टली द्वीप समूह में फिलीपींस के नियंत्रण वाले नौ द्वीपों में सबसे बड़ा है। इस द्वीप पर एक सैन्य चौकी और मछुआरों की बस्ती है। यह चीन के कृत्रिम द्वीप सुबी रीफ से करीब बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां चीन ने रनवे और मिसाइल तैनाती की हुई है। यह ताजा घटना दोनों देशों के बीच बढ़ते समुद्री विवाद की एक और कड़ी है, जिसने दक्षिण चीन सागर को एशिया का सबसे तनावग्रस्त समुद्री क्षेत्र बना दिया है।
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