{"_id":"60974bce8ebc3eadd3369aa5","slug":"cdc-said-can-be-corona-infected-even-if-it-is-6-feet-away","type":"story","status":"publish","title_hn":"रहें सावधान: 6 फुट की दूरी से भी हो सकते हैं कोरोना संक्रमित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
रहें सावधान: 6 फुट की दूरी से भी हो सकते हैं कोरोना संक्रमित
Sun, 09 May 2021 08:16 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 09 May 2021 08:16 AM IST
सार
- अमेरिकी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) ने कहा, बंद स्थान वायरस के लिए मुफीद जगह
- कार्यस्थल को कोरोना से करना होगा सुरक्षित, बंद दफ्तर या कमरा है खतरनाक
विज्ञापन
office
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस संक्रमण का जाल कैसे बिछा रहा है यह अभी भी पहेली बनी हुई है। अमेरिकी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के से 6 फुट दूर है, तो भी हवा में मौजूद वायरस से उसको संक्रमण हो सकता है।
विज्ञापन
चिंताजनक: सीडीसी ने कहा- बंद स्थान वायरस के लिए मुफीद जगह
सीडीसी का कहना है कि दूरी के बावजूद हवा में मौजूद वायरस के सूक्ष्म कण सांसों के जरिए भीतर पहुंच सकते हैं। हाल ही में प्रतिष्ठित मेडिकल जनरल लैंसेट ने भी हवा में वायरस के संक्रमण की पुष्टि की थी।
विज्ञापन
वर्जिनिया टेक्नोलॉजी की एरोसोल एक्सपर्ट प्रोफेसर लिन्से मार का कहना है कि कार्यस्थलों पर बहुत अधिक ध्यान देने की जरूरत है। एक संक्रमित कर्मचारी उस दफ्तर में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। जॉर्ज वाशिंगटन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ डेविड माइकल का कहना है कि हवा के सूक्ष्म कणों में वायरस की मौजूदगी होती है।
विज्ञापन
कार्यस्थल को सुरक्षित करना होगा
यूनिवर्सिटी आफ मैरीलैंड के एरोसोल वैज्ञानिक डोनाल्ड मिल्टन का कहना है कि हवा के सूक्ष्म कणों में वायरस की मौजूदगी की बात चिंताजनक है। कार्यस्थलों को सुरक्षित करने पर जोर देना होगा, जिससे वायरस को यहां पर काम करने वाले लोगों के बीच फैलने का मौका न मिले। हवा में वायरस की मौजूदगी का मतलब है कि संक्रमण की रफ्तार और तेज हो सकती है।
बंद दफ्तर या कमरा खतरनाक
डॉक्टर माइकल बताते हैं कि सीडीसी की नई सूचना के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बंद कमरे या दफ्तर कोरोना वायरस के प्रसार के लिए नया केंद्र हो सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि हवा में मौजूद सूक्ष्मकण में वायरस घंटों जीवित रह सकता है। ऐसे स्थान पर उसके जीवित रहने की संभावना अधिक है जहां खुली हवा नहीं पहुंचती है।