Canada Election: कनाडा के आम चुनाव कैसा रहा भारतवंशियों का प्रदर्शन? मैदान में उतरे थे 75 भारतवंशी उम्मीदवार
Canada Election: मार्क कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री बने रहेंगे, ये देश के आम चुनाव में लिबरल पार्टी के 343 सीटों पर जीत के साथ ही तय हो गया है। इस चुनाव में कई भारतवंशियों ने कई दलों से चुनाव लड़ा है। कनाडा के आम चुनाव में भारतवंशियों का प्रदर्शन कैसा रहा देखिए इस रिपोर्ट में...
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कनाडा में पिछले डेढ़ महीने में दूसरी बार आम चुनाव हुए हैं। जिसमें लिबरल पार्टी फिर से सत्ता में वापसी की है और मौजूदा प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का रास्ता भी साफ हो गया है। कनाडा के आम चुनाव में कुल 75 भारतवंशियों ने हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश की, जिसमें कई को जीत तो कई को हार का स्वाद चखना पड़ा है। बता दें कि, कनाडा में भारतीय-कनाडाई समुदाय एक प्रमुख मतदाता समूह के तौर पर सामने आया है।
खालिस्तान समर्थक नेता जगमीत सिंह की करारी हार
कनाडा के आम चुनाव में खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को हार का सामना करना है। वहीं उनकी पार्टी एनडीपी 12 सीटें भी जीतने में कामयाब नहीं रही है। इसके बाद पार्टी के प्रमुख जगमीत सिंह ने घोषणा की है कि कनाडा के संघीय चुनाव में उनकी पार्टी के लिए समर्थन कम होने और अपनी सीट गंवाने के बाद वह पद छोड़ देंगे। बता दें कि, जगमीत सिंह ब्रिटिश कोलंबिया के बर्नाबी सेंट्रल सीट से चुनाव हार गए हैं। एनडीपी ने कुल 343 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे।
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अमरजीत सोही को मिली हार
इस चुनाव में सत्ता पक्ष के भी कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। इसमें भारतवंशी अमरजीत सोही का भी नाम शामिल है। एडमॉन्टन साउथईस्ट से चुनाव लड़ रहे सोही को कंजर्वेटिव पार्टी के जगशरण सिंह महल ने मात दी है।
लिबरल उम्मीदवार अनीता आनंद की जीत
वहीं लिबरल उम्मीदवार अनीता आनंद ने ओकविले ईस्ट से जीत का परचम लहराया है। ये उनकी लगातार तीसरी जीत है। उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी के रॉन छिंजर को मात दी है। वे 2019 और 2021 में भी यहां से चुनाव जीत चुकीं है। मौजूदा सरकार में वे नवाचार, विज्ञान और उद्योह मंत्रालय का जिम्मा संभाल रही है।
कंजर्वेटिव शुव मजूमदार को मिली जीत
शुव मजूमदार, जो कंजर्वेटिव पार्टी से उम्मीदवार थी, उन्होंने कैलगरी हेरिेटेज सीट पर जीत दर्ज की है। लिबरल उम्मीदवार स्कॉट अर्नाट को उन्होंने तकरीबन 20 हजार वोटों से हराया है।
ब्रैम्पटन वेस्ट चुनाव सीट से लिबरल पार्टी के उम्मीदवार कमल खेरा को अपने प्रतिद्वंदी कंजर्वेटिव पार्टी के अमरजीत गिल से हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली में पैदा हुई कमल खेरा 2015 में पहली बार कनाडा की संसद में चुनी गई थी, वे उस वक्त सबसे कम उम्र की महिला सांसद थी।
पीपुल्स पार्टी ऑफ कनाडा के जयेश हारे
इस कड़ी में पीपुल्स पार्टी ऑफ कनाडा के उम्मीदवार जयेश ब्रह्मभट्ट को ब्रैम्पटन-चिंगुआकौसी पार्क सीट पर हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें लिबरल उम्मीदवार शफकल अली ने हराया है। जयेश ब्रह्मभट्ट साल 2001 में गुजरात से कनाडा जाकर बसे थे और इस बार चुनाव लड़ने वाले गुजरातियों में एक थे।
कैलगरी ईस्ट से हारीं प्रीति ओबराई मार्टिन
वहीं कैलगरी ईस्ट सीट से लिबरल उम्मीदवार प्रीति ओबराई मार्टिन को कंजर्वेटिव प्रत्याशी जसराज हॉलन से हार का सामना करना पड़ा है। प्रीति हाउस ऑफ कॉमन्स में चुने जाने वाले पहले हिंदू दीपक ओबराई की बेटी है।
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प्रधानमंत्री बने रहेंगे मार्क कार्नी- जानें राजनीतिक करियर
कनाडा के उत्तर-पश्चिम में मौजूद फोर्ट स्मिथ में जन्मे मार्क कार्नी ने 2004 में देश के वित्त विभाग में काम किया। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के बाद उन्हें 2007 में बैंक ऑफ कनाडा का गवर्नर बनाया गया। कार्नी ने 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी में देश की केंद्रीय बैंक का भी नेतृत्व किया। वहीं 2013 में कार्नी बैंक ऑफ इंग्लैंड के पहले गैर-ब्रिटिश गवर्नर बने। इससे पहले उन्हें वित्त मंत्री बनाए जाने प्रस्ताव मिला था, जिसे कार्नी ने नकार दिया था। 2024 में आर्थिक नीतियों को लेकर जब ट्रूडो सरकार घिरी, तब पीएम ने कार्नी को लिबरल पार्टी के आर्थिक विकास की टास्क फोर्स का प्रमुख बनाया।