{"_id":"5f27cad68ebc3e9fa9256a4b","slug":"can-corruption-be-measured-by-weight-and-kilos-here-the-new-study-suggest-you-must-read","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेताओं का ज्यादा वजन मतलब ज्यादा भ्रष्टाचार, पढ़िए शाेधकर्ता पाव्लाे ब्लावस्की का नया शोध","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
नेताओं का ज्यादा वजन मतलब ज्यादा भ्रष्टाचार, पढ़िए शाेधकर्ता पाव्लाे ब्लावस्की का नया शोध
Mon, 03 Aug 2020 01:59 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 03 Aug 2020 01:59 PM IST
विज्ञापन
मशीन
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार के उच्च स्तरीय पदों पर बैठे नेताओं के भ्रष्ट होने या ज्यादा खाना खाने के बीच सीधा संबंध नहीं है लेकिन फ्रांस के मोंटपेलियर बिजनेस स्कूल के शाेधकर्ता पाव्लाे ब्लावस्की ने इस तथ्य पर एक दिलचस्प अध्ययन किया है। शोध का निष्कर्ष यह निकला है कि पूर्व सोवियत संघ की सरकार से जितने ज्यादा वजन वाले राजनेता हुए, वो सरकार उतनी ही भ्रष्ट निकली।
विज्ञापन
हालांकि दक्षिणी इंग्लैंड के बकिंघम शायर के हाई वायकोम्बे नगर के सांसद, मेयर और पार्षद हर साल अपना वजन करवाते हैं ताकि जनता को ये बताया जा सके कि उनके टैक्स के पैसों से नेताओं का वजह नहीं बढ़ा है। पाव्लाे ब्लावस्की ने इस शोध में 15 सोवियत देशों के साल 2017 के मंत्रियों की 299 फोटो पर आधारित है।
विज्ञापन
शोधकर्ता ने कंप्यूटर एल्गाेरिदम के जरिए बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का अनुमान लगाया है। शोध में जो देश शामिल किए गए हैं वो हैं- आर्मेनिया, अजरबेजान, बेलारूस, ऐस्तोनिया, जाॅर्जिया, कजाकिस्तान, रूस, किर्गिस्तान, लातविया, लिथुआनिया, यूक्रेन, माल्डाेवा, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान व उज्बेकिस्तान।
विज्ञापन
शोध में पाया गया कि मंत्रियों की बॉडी मास इंडेक्स और भ्रष्टाचारों के आंकड़ों के बीच काफी संबंध है। ये भ्रष्टाचार के आंकड़े ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल क्रप्शन परसेप्शन इंडेक्स, वर्ल्ड बैंक और इंडेक्स ऑफ पब्लिक इंटीग्रिटी से लिए गए हैं। शाेधकर्ता पाव्लाे ब्लावस्की ने पाया कि जिन देशाें के मंत्रियाें का बीएमआई ज्यादा था, वो अधिक भ्रष्ट देशाें में शामिल थे।
शोध में पाया गया कि कुल दस नेता ऐसे हैं, जिनका बीएमआई सामान्य है और ऐसा कोई नेता नहीं था, जिसका वजन कम हो। इसके अलावा उजवेक 54 फीसदी मंत्री, ताजिकिस्तान के 44 फीसदी मंत्री और यूक्रेन के 42 फीसदी मंत्री गंभीर रुप से मोटे थे।
भ्रष्टाचार के आंकड़ों के मुताबिक शोध के आधार पर तीन ऐसे देश थे जो कम भ्रष्ट थे और वो हैं- एस्टाेनिया, लिथुआना, लातविया और जाॅर्जिया। इन देशों के मंत्रियों का बॉडी मास इंडेक्स यानि कि बीएमआई भी तुलनात्मक कम था। इसके अलावा सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों की सूची में ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
जिन देशों में मंत्रियों का बॉडी मास इंडेक्स ज्यादा था वो हैं, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन देशों में ज्यादा मोटापे वाले मंत्री हैं वहां कम वजह वाली जनसंख्या हो सकती है। इस शोध की विडम्बना यह है कि जिस देश में राजनेता जितने ज्यादा भ्रष्ट होंगे वहां की जनता उतनी स्वस्थ होगी।
पाव्लाे ब्लावस्की ने लिखा कि इस परिणाम से पता चलता है कि राजनेताओं की शारीरिक विशेषताओं जैसे कि उनका बॉडी मास इंडेक्स राजनैतिक भ्रष्टाचार के लिए प्रॉक्सी वेरिएबल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।