संयुक्त राष्ट्र में बजट संकट: मुख्यालय को शनिवार-रविवार बंद रखने का फैसला
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संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में नगदी की भारी कमी हो गई है। पहले जहां यूएन मुख्यालय की लिफ्ट और एयर कंडीशन को बंद कर दिया गया था। वहीं अब वीकेंड (शनिवार-रविवार) पर मुख्यालय को बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसे लेकर खुद यूएन ने ट्वीट किया।
यूएन ने ट्वीट कर लिखा, ‘न्यूयॉर्क में यूएनएचक्यू बिल्डिंग को अब छुट्टी वाले दिन (शनिवार-रविवार) को कैश की समस्या के कारण बंद रखने का फैसला लिया गया है। क्या आपके देश ने इस साल के नियमित संयुक्त राष्ट्र के बजट में अपना योगदान दिया है? देखें कौन से देश हैं ऑनर रोल पर हैं।’
The UNHQ buildings in NYC will be closed on weekends (Saturday-Sunday) due to the ongoing cash crisis.
Has your country made its contribution to this year's regular UN budget yet?
See which countries are on the honour roll: https://t.co/vyLe4dEHjb pic.twitter.com/VG3jSXIi4Oविज्ञापन विज्ञापन— United Nations (@UN) October 18, 2019
संयुक्त राष्ट्र द्वारा साझा किए गए दस्तावेज के जरिए पता चलता है कि 131 सदस्यों में से केवल 34 देशों ने अपने वार्षिक बजट राशि का हिस्सा यूएन को नहीं दिया है। 11 अक्तूबर को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने बताया था कि भारत उन 35 देशों में शामिल है जिसने यूएन को अपने सभी बकाया का भुगतान समय पर कर दिया है।
कनाडा, सिंगापुर, भूटान, फिनलैंड, न्यूजीलैंड और नॉर्वे जैसे देशों ने यूएन को अभी तक बकाए का भुगतान नहीं किया है। संयुक्त राष्ट्र में 193 देश शामिल हैं। इस साल भारत ने यूएन को 23,253,808 यूएस डॉलर का भुगतान किया है। साल 2018-19 में यूएन का बजट लगभग 5.4 बिलियन यूएस डॉलर था। जिसमें शांतिकार्यों वाले अभियानों का बजट शामिल नहीं था।
एसी, लिफ्ट किए बंद
खर्चों में कटौती करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में मौजूद एसी, लिफ्ट सहित मुख्यालय के बाहर लगे फाउंटेन को भी बंद कर दिया गया है। इसके अलावा मुख्यालय में काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों से भी आधिकारिक बैठक, यात्रा और दस्तावेजों का छह भाषाओं में अनुवाद करने में भी कटौती करने के लिए कहा गया है। यूएन प्रबंधन ने कहा है कि वह अपने 37 हजार कर्मचारियों की सैलरी का प्रबंध करने की कोशिशों में जुटा है।एक दशक में सबसे गंभीर संकट
संयुक्त राष्ट्र को पिछले एक दशक में पहली बार इतने गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के सामने आरक्षित निधि में रखी गई नकदी के अक्तूबर महीने के अंत तक खर्च हो जाने का खतरा मंडरा रहा है जिसकी वजह से कर्मचारियों को वेतन और अन्य सेवाओं के लिए भुगतान का संकट खड़ा हो सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रबंधक विभाग की अध्यक्ष कैथरिन पोलार्ड ने आम सभा की बजट कमेटी को बताया कि केवल 128 देशों से चार अक्तूबर तक 199 करोड़ डॉलर की राशि प्राप्त हुई है। लेकिन 65 देशों ने 138.6 करोड़ डॉलर का भुगतान नहीं किया है। इसमें 100 करोड़ डॉलर की राशि अकेले अमेरिका को देनी है।