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Britain: '2020 में बेटे के हाथों मारे गए सिख दंपति को बचाया जा सकता था', रिपोर्ट में खुलासा
Fri, 03 Feb 2023 05:28 PM IST
गुलाम अहमद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: गुलाम अहमद
Updated Fri, 03 Feb 2023 05:28 PM IST
सार
फरवरी 2020 में वेस्ट मिडलैंड्स के ओल्डबरी में 25 साल के अनमोल चना ने अपने घर में ही 52 साल की अपनी मां जसबीर कौर और 51 साल के सौतेले पिता रूपिंदर बासन पर चाकू से हमला कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया था। इस अपराध को लेकर अगस्त 2020 में बर्मिंघम क्राउन कोर्ट ने अनमोल को आजीवन कारावास या कम से कम 36 साल जेल की सजा सुनाई थी।
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Jasbir Kaur-Rupinder Singh Bassan Murder
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ब्रिटेन के वेस्ट मिडलैंड्स में वर्ष 2020 में अपने बेटे के हाथों मारे गए भारतीय मूल के जोड़े की हत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मूल के सिख दंपति को बचाया जा सकता है, अगर बेटे के व्यवहार को लेकर दंपति द्वार की गई शिकायत पर सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते ध्यान दिया होता।
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फरवरी 2020 में वेस्ट मिडलैंड्स के ओल्डबरी में 25 साल के अनमोल चना ने अपने घर में ही 52 साल की अपनी मां जसबीर कौर और 51 साल के सौतेले पिता रूपिंदर बासन पर चाकू से हमला कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया था। इस अपराध को लेकर अगस्त 2020 में बर्मिंघम क्राउन कोर्ट ने अनमोल को आजीवन कारावास या कम से कम 36 साल जेल की सजा सुनाई थी।
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इस दोहरे हत्याकांड को लेकर हाल ही में प्रकाशित इंडिपेंडेंट डोमेस्टिक होमिसाइड रिव्यू की रिपोर्ट में कहा गया है कि मानसिक रोग चिकित्सक, अपराधी अनमोल के स्वास्थ्य का सही आकलन करने में विफल रहे। रिपोर्ट में 2002 से 2020 तक परिवार के चिकित्सकों द्वारा साझा की गई जानकारी शामिल की गई है।
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पुलिस अधिकारी मारिया फॉक्स ने कहा, रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि अपराधी के हिंसक व्यवहार और मानसिक रोग को दूर करने के लिए एजेंसियों द्वारा और अधिक प्रयास किया जा सकता था। साथ ही उसकी मां और बहन की मदद की जा सकती थी, जो लगातार भय के साथ जी रही थीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मानसिक रोग चिकित्सकों द्वारा अनमोल के स्वास्थ्य का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया था। साथ ही उसे आपात कर्मचारियों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नहीं भेजा गया था, क्योंकि वह इसके लिए तैयार नहीं था। जिससे साफ है कि परिवार की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्या से पहले के महीनों में परिवार ने महसूस किया था कि अनमोल मनोविकृति जैसे व्यवहार कर रहा था और उनके लिए और दूसरों के लिए खतरा बन गया था।