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ब्रिटेन भी हिंद-प्रशांत में तलाशेगा अवसर : चीन को रोकने में देगा अमेरिका-भारत का साथ

Wed, 17 Mar 2021 02:52 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 17 Mar 2021 02:52 AM IST
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britain will support india and america to stop china in the indo pacific region
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media

रणनीतिक रूप से अहम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अवसरों की राह खोलने और चीन के बढ़ते प्रभुत्व को रोकने के लिए अब ब्रिटेन ने भी एलान कर दिया है। वह भारत और अमेरिका की तरह ही इस क्षेत्र में अपने प्रभाव को बढ़ाएगा। इसके लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अप्रैल के आखिर में भारत आएंगे।

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यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने के बाद जॉनसन का यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय दौरा है। पीएम के दौरे का यह एलान डाउनिंग स्ट्रीट ने किया। जॉनसन इस साल भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि थे, मगर ब्रिटेन में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए उनका यह दौरा टल गया था।
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ब्रिटेन की सरकार का कहना है कि यह आने वाले वर्षों के लिए सरकार की विदेश नीति की एकीकृत समीक्षा के हिस्से के रूप में हिंद प्रशांत क्षेत्र की ओर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। सरकार के अनुसार, यह क्षेत्र बड़े स्तर पर दुनिया के भूराजनीतिक केंद्र की अगुवाई करता है।
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ब्रिटिश विदेश नीति के दस्तावेज में कहा गया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र दुनिया का नया भू राजनीतिक केंद्र बनता जा रहा है। विदेश मंत्री डॉमिनिक रॉब ने कहा, चीन को प्रभावित करने के लिए ब्रिटेन के प्रयास अब तक मामूली थे। ऐसे में इस क्षेत्र में ब्रिटेन के अन्य देशों के साथ सहयोग करने से चीन के नियमों से खेलने पर लगाम लगेगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने जॉनसन ने पीएम नरेंद्र मोदी को कोर्नवाल क्षेत्र में जून में होने वाली जी-7 सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया था। ब्रिटेन ने इस सम्मेलन में भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को अतिथि राष्ट्र के रूप में आमंत्रित किया था।


5 जी नेटवर्क में चीनी कंपनी को दरकिनार करने से ब्रिटेन-चीन में तनाव
ब्रिटेन का मकसद हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में लोकतांत्रिक ताकत को मजबूत करने और साथ में चीन से निपटना है। पिछले कुछ वक्त से हांगकांग, कोरोना महामारी और ब्रिटेन के 5जी नेटवर्क में चीनी कंपनी हुवावे को सक्रिय भूमिका ना मिलने की वजह से चीन और ब्रिटेन के बीच तनाव है।

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