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UK Pakistan Ties: ब्रिटेन के विदेश मंत्री पहुंचे पाकिस्तान, शहबाज और डार को पढ़ाया आतंकवाद खत्म करने का पाठ
Fri, 16 May 2025 11:17 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 16 May 2025 11:17 PM IST
सार
यूके के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की तस्वीरें ब्रिटेन में हम सभी के लिए व्यथित करने वाली हैं।पिछले कुछ सप्ताह दोनों देशों के लोगों और ब्रिटेन में पाकिस्तानी और भारतीय मूल के लोगों के लिए कष्टकारी रहे हैं। उन्होंने शहबाज शरीफ और इशाक डार से आतंकवाद खत्म करने के लिए कहा।
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डेविड लैमी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारत पाकिस्तान संघर्ष विराम के बीच ब्रिटेन की सरकार ने स्थायी शांति की पहल की है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी शुक्रवार को पाकिस्तान पहुंचे। डेविड लैमी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप प्रधानमंत्री इशाक डार से मुलाकात की। यूके के विदेश मंत्री ने दोनों को आतंकवाद खत्म करने और संघर्ष विराम को स्थायी शांति में बदलने के लिए प्रयास करने के लिए कहा।
डेविड लैमी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की तस्वीरें ब्रिटेन में हम सभी के लिए व्यथित करने वाली हैं। विशेषकर भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लाखों ब्रिटिश नागरिकों और इन दोनों देशों में रहने वाले कई ब्रिटिश नागरिकों के लिए यह भयावह है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ब्रिटेन ने तनाव कम करने, युद्धविराम कराने और आतंकवाद की निंदा करने में सहायक भूमिका निभाने के लिए हर संभव प्रयास किया है।
ये भी पढ़ें: 'भारत अधिक लक्ष्यों पर हमले करने में कामयाब रहा', सुरक्षा विशेषज्ञ लैडविग ने भारत-पाक संघर्ष पर कही ये बात
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लैमी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ब्रिटेन के अच्छे मित्र हैं। दोनों ही शत्रुता समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं तथा युद्ध विराम कायम है। हमारी जनता और हमारी सरकारों के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों के कारण हम आतंकवाद का मुकाबला करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए संकल्पित हैं तथा चाहते हैं कि नाजुक युद्ध विराम एक स्थायी शांति में बदल जाए।
विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित वरिष्ठ समकक्षों के साथ बैठक में ब्रिटिश विदेश मंत्री ने यूके में पाकिस्तानी मूल के लोगों के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने माना कि पिछले कुछ सप्ताह दोनों देशों के लोगों और ब्रिटेन में पाकिस्तानी और भारतीय मूल के लोगों के लिए कष्टकारी रहे हैं। लैमी ने कहा कि ब्रिटिश पाकिस्तानी और ब्रिटिश भारतीय प्रवासी विशेष रूप से युद्ध विराम और पाकिस्तान और भारत के लिए बढ़ती स्थिरता की खबर का स्वागत करेंगे।
इस्लामाबाद में डेविड लैमी ने ब्रिटिश उच्चायोग में काम करने वाले कर्मचारियों से भी मुलाकात की। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार और ब्रिटेन के विदेश मंत्री लैमी ने दक्षिण एशिया में हाल के घटनाक्रमों विशेष रूप से पाकिस्तान और भारत के बीच युद्धविराम समझौते के बाद की स्थिति पर बात की। इशाक डार ने स्थिति को कम करने में मदद करने के लिए ब्रिटेन की भागीदारी की सराहना की। दोनों पक्षों ने तनाव को और बढ़ने से रोकने, क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए संयम एवं सतत वार्ता के महत्व पर बल दिया।
ये भी पढ़ें: 'भारत-पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत को बढ़ावा देना चाहता है US', अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बयान
पहलगाम हमले की निंदा की थी
पिछले दिनों लैमी ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा था कि ब्रिटेन स्थायी युद्धविराम को वास्तविकता बनाने के लिए दोनों पक्षों के साथ काम करने के लिए तैयार है। हमने जो भयानक आतंकवाद देखा कि 26 नागरिकों को गोली मार दी गई। हम इसकी निंदा करते हैं। हम इस आतंकी खतरे से निपटने के लिए करीबी भागीदारों के साथ काम करना जारी रखेंगे।
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डेविड लैमी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की तस्वीरें ब्रिटेन में हम सभी के लिए व्यथित करने वाली हैं। विशेषकर भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लाखों ब्रिटिश नागरिकों और इन दोनों देशों में रहने वाले कई ब्रिटिश नागरिकों के लिए यह भयावह है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ब्रिटेन ने तनाव कम करने, युद्धविराम कराने और आतंकवाद की निंदा करने में सहायक भूमिका निभाने के लिए हर संभव प्रयास किया है।
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लैमी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ब्रिटेन के अच्छे मित्र हैं। दोनों ही शत्रुता समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं तथा युद्ध विराम कायम है। हमारी जनता और हमारी सरकारों के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों के कारण हम आतंकवाद का मुकाबला करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए संकल्पित हैं तथा चाहते हैं कि नाजुक युद्ध विराम एक स्थायी शांति में बदल जाए।
विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित वरिष्ठ समकक्षों के साथ बैठक में ब्रिटिश विदेश मंत्री ने यूके में पाकिस्तानी मूल के लोगों के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने माना कि पिछले कुछ सप्ताह दोनों देशों के लोगों और ब्रिटेन में पाकिस्तानी और भारतीय मूल के लोगों के लिए कष्टकारी रहे हैं। लैमी ने कहा कि ब्रिटिश पाकिस्तानी और ब्रिटिश भारतीय प्रवासी विशेष रूप से युद्ध विराम और पाकिस्तान और भारत के लिए बढ़ती स्थिरता की खबर का स्वागत करेंगे।
इस्लामाबाद में डेविड लैमी ने ब्रिटिश उच्चायोग में काम करने वाले कर्मचारियों से भी मुलाकात की। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार और ब्रिटेन के विदेश मंत्री लैमी ने दक्षिण एशिया में हाल के घटनाक्रमों विशेष रूप से पाकिस्तान और भारत के बीच युद्धविराम समझौते के बाद की स्थिति पर बात की। इशाक डार ने स्थिति को कम करने में मदद करने के लिए ब्रिटेन की भागीदारी की सराहना की। दोनों पक्षों ने तनाव को और बढ़ने से रोकने, क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए संयम एवं सतत वार्ता के महत्व पर बल दिया।
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पहलगाम हमले की निंदा की थी
पिछले दिनों लैमी ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा था कि ब्रिटेन स्थायी युद्धविराम को वास्तविकता बनाने के लिए दोनों पक्षों के साथ काम करने के लिए तैयार है। हमने जो भयानक आतंकवाद देखा कि 26 नागरिकों को गोली मार दी गई। हम इसकी निंदा करते हैं। हम इस आतंकी खतरे से निपटने के लिए करीबी भागीदारों के साथ काम करना जारी रखेंगे।