{"_id":"6151ef82a2320d7fa0074dbd","slug":"britain-is-suffering-from-huge-petrolium-crisis-90-of-its-petrol-pump-stations-have-shortages","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रिटेन: ड्राइवरों की कमी ने पैदा किया सबसे बड़ा तेल संकट, 90 फीसदी पेट्रोल पंप खाली, ईंधन के लिए लंबी कतारें","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ब्रिटेन: ड्राइवरों की कमी ने पैदा किया सबसे बड़ा तेल संकट, 90 फीसदी पेट्रोल पंप खाली, ईंधन के लिए लंबी कतारें
Mon, 27 Sep 2021 10:02 PM IST
सुभाष कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: सुभाष कुमार
Updated Mon, 27 Sep 2021 10:02 PM IST
सार
ब्रिटेन में इस वक्त ईंधन के लिए हाहाकार मचा है। देश के लगभग 90 प्रतिशत पेट्रोल पंप खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
ब्रिटेन में तेल संकट
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लगभग 18 महीनों बाद अनलॉक हुए ब्रिटेन में इस वक्त ईंधन के लिए हाहाकार मचा है। देश के लगभग 90 प्रतिशत पेट्रोल पंप खाली पड़े हैं। जिन पंपों पर पेट्रोल मिल रहा है, वहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो रही है। हालात ऐसे हैं कि लगभग पूरे ब्रिटेन के पेट्रोल पंपों के आगे गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हैं। वाहनों को पेट्रोल के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है और भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई जगहों से लोगों के बीच हिंसा की भी खबरें सामने आई हैं। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन इस अफरातफरी को देखते हुए सेना की मदद लेने पर भी विचार कर रहे हैं।
सेना बुला सकती है ब्रिटिश सरकार
ब्रिटेन में गैस स्टेशनों पर सोमवार को चौथे दिन भी कारों की लंबी कतारें लगी रहीं और ट्रक चालकों की कमी के कारण आपूर्ति में आ रही बाधा को दूर करने के लिए सरकार सेना बुलाने पर विचार कर रही है। करीब 5500 स्वतंत्र गैस स्टेशनों एवं पेट्रोल पंपों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन पेट्रोल रिटेलर्स एसोसिएशन ने कहा कि इसके करीब दो-तिहाई सदस्यों ने बताया कि उनके यहां ईंधन की कमी है, क्योंकि चालकों की कमी के कारण लोग डरकर ज्यादा पेट्रोल इकट्ठा कर रहे हैं। लंदन में कई कामगार गैस न मिलने के कारण काम पर नहीं जा पा रहे हैं।
क्या है इस समस्या का कारण
विज्ञापन
ब्रेग्जिट के बाद बड़ी संख्या में विदेशी ड्राइवरों ने ब्रिटेन छोड़ दिया था। इसके बाद से ही वहां ड्राइवरों की किल्लत देखी जाने लगी थी। इसके अलावा पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही थी। एक अनुमान के मुताबिक, ब्रिटेन में अभी एक लाख ड्राइवरों की कमी है। पेट्रोलियम कंपनियों का भी कहना है कि समस्या की वजह ईंधन की कमी नहीं है। परिवहन करने वाले बेहतर ड्राइवरों की कमी बड़ी समस्या है।
विपक्ष का आरोप
विपक्ष के कई नेताओं ने इस पूरे संकट के लिए ब्रेग्जिट और पीएम बोरिस जॉनसन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस बीच, फ्रांस के यूरोपीय मामलों के मंत्री क्लेमेंट बुआने ने भी ब्रिटेन पर निशाना साधा है और ब्रेग्जिट को एक बौद्धिक घोटाला बताया है। उन्होंने कहा- हर रोज हम देख रहे हैं कि ब्रेग्जिट एक बौद्धिक घोटाला था।
सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि यह संकट कोरोना महामारी के फलस्वरूप सामने आया है और यह अस्थाई है। सरकार जल्द ही इसका हल निकाल लेगी। परिवहन मंत्री ग्रैंट शैप्पस ने लोगों से शांति बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश में काफी मात्रा में ईंधन उपलब्ध है, यह समस्या जमाखोरी के कारण बढ़ी है और यह जल्द ही खत्म हो जाएगी क्योंकि पेट्रोलियम उत्पादों को ज्यादा दिन तक जमा नहीं किया जा सकता।
सरकार के उपाय
सरकार ने फिलहाल इस समस्या से निपटने के लिए देश में प्रतिस्पर्धा कानून निलंबित कर दिए हैं और कंपनियों को साथ मिलकर समस्या का हल निकालने को कहा है। ब्रिटेन की सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए पांच हजार विदेशी ट्रक ड्राइवरों के लिए अस्थाई वीजा परमिट जारी किया है। साथ ही सरकार ने 5500 पोल्ट्री कर्मचारियों को भी अस्थायी वीजा दिया है। ये 10500 वीजा एक अक्तूबर से लागू हो जाएंगे और 24 दिसंबर तक वैध रहेंगे।
विज्ञापन
सेना बुला सकती है ब्रिटिश सरकार
ब्रिटेन में गैस स्टेशनों पर सोमवार को चौथे दिन भी कारों की लंबी कतारें लगी रहीं और ट्रक चालकों की कमी के कारण आपूर्ति में आ रही बाधा को दूर करने के लिए सरकार सेना बुलाने पर विचार कर रही है। करीब 5500 स्वतंत्र गैस स्टेशनों एवं पेट्रोल पंपों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन पेट्रोल रिटेलर्स एसोसिएशन ने कहा कि इसके करीब दो-तिहाई सदस्यों ने बताया कि उनके यहां ईंधन की कमी है, क्योंकि चालकों की कमी के कारण लोग डरकर ज्यादा पेट्रोल इकट्ठा कर रहे हैं। लंदन में कई कामगार गैस न मिलने के कारण काम पर नहीं जा पा रहे हैं।
विज्ञापन
क्या है इस समस्या का कारण
ब्रिटेन में आए पेट्रोलियम संकट का मुख्य कारण ट्रक ड्राइवरों की भारी कमी को बताया जा रहा है। इस वजह से ईंधन के परिवहन में काफी समस्या सामने आ रही है। ड्राइवरों की कमी के कारण ईंधन रिफाइनरी से निकलकर पेट्रोल पंपों तक ही नहीं पहुंच पा रहा। इस कमी का मुख्य कारण कोरोना महामारी तो है ही, लेकिन इस समस्या की जड़ में कहीं न कहीं ब्रेग्जिट यानी ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की भी झलक साफ दिखाई पड़ती है।
विज्ञापन
ब्रेग्जिट के बाद बड़ी संख्या में विदेशी ड्राइवरों ने ब्रिटेन छोड़ दिया था। इसके बाद से ही वहां ड्राइवरों की किल्लत देखी जाने लगी थी। इसके अलावा पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही थी। एक अनुमान के मुताबिक, ब्रिटेन में अभी एक लाख ड्राइवरों की कमी है। पेट्रोलियम कंपनियों का भी कहना है कि समस्या की वजह ईंधन की कमी नहीं है। परिवहन करने वाले बेहतर ड्राइवरों की कमी बड़ी समस्या है।
विपक्ष का आरोप
विपक्ष के कई नेताओं ने इस पूरे संकट के लिए ब्रेग्जिट और पीएम बोरिस जॉनसन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस बीच, फ्रांस के यूरोपीय मामलों के मंत्री क्लेमेंट बुआने ने भी ब्रिटेन पर निशाना साधा है और ब्रेग्जिट को एक बौद्धिक घोटाला बताया है। उन्होंने कहा- हर रोज हम देख रहे हैं कि ब्रेग्जिट एक बौद्धिक घोटाला था।
सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि यह संकट कोरोना महामारी के फलस्वरूप सामने आया है और यह अस्थाई है। सरकार जल्द ही इसका हल निकाल लेगी। परिवहन मंत्री ग्रैंट शैप्पस ने लोगों से शांति बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश में काफी मात्रा में ईंधन उपलब्ध है, यह समस्या जमाखोरी के कारण बढ़ी है और यह जल्द ही खत्म हो जाएगी क्योंकि पेट्रोलियम उत्पादों को ज्यादा दिन तक जमा नहीं किया जा सकता।
सरकार के उपाय
सरकार ने फिलहाल इस समस्या से निपटने के लिए देश में प्रतिस्पर्धा कानून निलंबित कर दिए हैं और कंपनियों को साथ मिलकर समस्या का हल निकालने को कहा है। ब्रिटेन की सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए पांच हजार विदेशी ट्रक ड्राइवरों के लिए अस्थाई वीजा परमिट जारी किया है। साथ ही सरकार ने 5500 पोल्ट्री कर्मचारियों को भी अस्थायी वीजा दिया है। ये 10500 वीजा एक अक्तूबर से लागू हो जाएंगे और 24 दिसंबर तक वैध रहेंगे।