UK Election: कश्मीर पर भारत का विरोध करने वाली लेबर पार्टी की हार, कंजरवेटिव को बहुमत
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ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने जीत हासिल करते हुए बहुमत के लिए 326 सीटों का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। 650 सीटों वाली संसद में उसे 364 सीटें मिली हैं। कश्मीर में 370 हटाने के फैसले का विरोध करने वाली लेबर पार्टी को करारी हार मिली है। उसे सिर्फ 203 सीटें ही मिलीं। चुनाव परिणाम के साथ ही ब्रेग्जिट (यूरोपीय संघ से ब्रिटेन का अलगाव) का रास्ता साफ हो गया है। इस चुनाव में एक दर्जन से अधिक भारतवंशी उम्मीदवारों ने भी जीत का परचम लहराया है।
बता दें कि 1980 के दशक में मारग्रेट थ्रैचर के दौर के बाद कंजरवेटिव पार्टी की यह सबसे बड़ी जीत है। इस बीच मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने अपनी हार स्वीकारते हुए एलान किया है कि वह अगले आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे। नतीजों का एलान होने के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दो-टूक कहा हम यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन को अलग करने वाले ब्रेग्जिट को 31 जनवरी तक हर हाल में पारित कराएंगे। यानी 31 जनवरी के बाद ब्रिटेन ईयू का हिस्सा नहीं रहेगा। जॉनसन ने कहा कि हम ब्रेग्जिट को तय समय पर ही कराएंगे और इसमें कोई ‘किंतु-परंतु’ नहीं होगा।
1935 के बाद लेबर पार्टी की सबसे बुरी हार
लेबर पार्टी को 1935 के बाद अब तक की सबसे बुरी हार का सामना करना पड़ा है। कंजरवेटिव पार्टी को 1987 के बाद सबसे बड़ी जीत मिली है। 2017 के पिछले चुनाव में कंजरवेटिव को 318 सीटों पर जीत मिली थी जबकि लेबर पार्टी को 262 सीटें मिली थीं। इस तरह कंजरवेटिव पार्टी को 47 सीटों का फायदा हुआ है। लेबर पार्टी ने अपनी पारंपरिक सीटें भी गंवा दी हैं। उसे 59 सीटों का नुकसान हुआ।
यह शक्तिशाली जनादेश है: बोरिस
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने संबोधन में कहा कि, ‘मुझे लगता है कि देश के मतदाताओं ने नई सरकार को ब्रेग्जिट करने और न सिर्फ ब्रेग्जिट, बल्कि पूरे राष्ट्र को एकजुट करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए यह शक्तिशाली जनादेश दिया है। वहीं लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने नतीजों पर अफसोस जताते हुए इसे अपनी पार्टी के लिए बहुत ही निराशाजनक रात बताया।
कॉर्बिन ने माना ब्रेग्जिट पर हुआ ध्रुवीकरण
इस्लिंगटन नॉर्थ से 10वीं बार जीत हासिल करने वाले विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा कि उनकी पार्टी ने जनता के सामने उम्मीदों वाला मैनिफेस्टो रखा था लेकिन ब्रेग्जिट ने ध्रुवीकरण पैदा किया। इसी वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
ब्रेग्जिट पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई
ब्रिटिश इतिहास में पिछले करीब सौ साल में यह पहला चुनाव है जो दिसंबर महीने में कराया गया है। इन चुनावों में कंजरवेटिव और लेबर पार्टी के अलावा चुनाव लड़ने वाले अन्य दलों में स्कॉटलैंड की पार्टी स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा। एसएनपी की सीटों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। ब्रिटेन में तीसरी बड़ी पार्टी समझी जाने वाली लिबरल डेमोक्रेट पार्टी की संख्या घटकर 11 तक सिमट गई है। पार्टी की प्रमुख जो स्विनसन मात्र 149 वोटों से अपनी सीट हार गईं। जबकि ग्रीन पार्टी को एक और प्लाइड कुमरी को 4 सीटें मिली हैं। इस चुनाव में ब्रेग्जिट पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई।
पीएम मोदी ने कंजरवेटिव पार्टी को जीत की बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि पीएम बोरिस जॉनसन को प्रचंड बहुमत के साथ लौटने के लिए बहुत-बहुत बधाई। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हूं।
Many congratulations to PM @BorisJohnson for his return with a thumping majority. I wish him the best and look forward to working together for closer India-UK ties. pic.twitter.com/D95Z7XXRml
— Narendra Modi (@narendramodi) December 13, 2019
कंजरवेटिव पार्टी की जीत से पाउंड में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी
ब्रिटेन में कंजरवेटिव पार्टी के पुन: सत्ता में लौटने की उम्मीदें दिखाई देने से पाउंड स्टर्लिंग ने गुरुवार को करीब दो प्रतिशत की उछाल दर्ज की। ब्रिटेन के एक्जिट पोल की मानें तो प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो ब्रेक्जिट की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
इसके बाद पाउंड ने डॉलर के मुकाबले करीब दो प्रतिशत की छलांग लगाई और 1.34 डॉलर पर पहुंच गया। यूरो के मुकाबले पाउंड में 1.6 प्रतिशत की तेजी रही और यह 83.25 पेंस पर पहुंच गया। एक्जिट पोल के बाद वैश्विक बाजारों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शुरुआती नतीजों के बाद ट्वीट कर जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यूके दुनिया का सबसे महान लोकतंत्र है। जिन्होंने भी हमारे लिए वोट किया, जो हमारे उम्मीदवार बने, उन सबका शुक्रिया।
दूसरी ओर एग्जिट पोल पहले ही कंजरवेटिव पार्टी के बोरिस जॉनसन को बहुमत मिलते हुए दिखा चुका है। एग्जिट पोल के नतीजो के मुताबिक, कंजरवेटिव पार्टी को 368 और लेबर पार्टी को 191 सीटें मिल सकती है। चुनाव में पार्टी के लिए भारी हार की भविष्यवाणी होने के बाद जेरेमी कॉर्बिन ने लेबर पार्टी के नेता के रूप में अपने इस्तीफे की घोषणा की है।
कॉर्बिन ने कहा कि वे आगे किसी भी चुनाव में पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे। कॉर्बिन ने हार के पीछे ब्रेग्जिट को वजह बताया और कहा कि सामाजिक न्याय का मुद्दा आगे भी जारी रहेगा। हम वापसी करेंगे। लेबर पार्टी का संदेश हमेशा मौजूद रहेगा।
Jeremy Corbyn has announced his resignation as leader of the Labour party after trends predict heavy defeat for the party in the #UKelection2019 : UK media (file pic) pic.twitter.com/G5AQDBKSIw
— ANI (@ANI) December 13, 2019
ब्रिटेन में गुरुवार को मतदाताओं ने देश के एक ऐतिहासिक और निर्णायक आम चुनाव के लिए मतदान किया। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर निकलने के बाद देश का भविष्य कैसा होगा? लोगों का मिजाज ब्रेग्जिट को लेकर कैसा है? इस विषय पर होने वाली कार्रवाई का निर्धारण भी इसी चुनाव के माध्यम से होगा। हालांकि, एग्जिट पोल के नतीजे पूरी तरह बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी की तरफ झुकते नजर आ रहे है।
एग्जिट पोल में कंजरवेटिव पार्टी को 368 सीटें
एग्जिज पोल के मुताबिक, 650 सीटों वाली संसद में कंजरवेटिव पार्टी को 368, लेबर पार्टी को 191, स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) को 55, लिबरल डेमोक्रेट्स को 13 सीट मिलती दिख रही है।
कंजरवेटिव पार्टी की प्रीति पटेल ने कहा- जीतने के बाद ब्रेग्जिट खत्म करेंगे
एग्जिट पोल के नतीजों के जवाब में जॉनसन के पिछले मंत्रिमंडल की सदस्य रही भारतीय मूल की प्रीति पटेल ने कहा कि सर्दियों के इस मौसम में यह एक कठिन चुनाव रहा है, क्योंकि हम चाहते थे कि कंजरवेटिव पार्टी को बहुमत मिले, जिसके लिए हमें इस मौसम में चुनावी रैलियों में बहुत मेहनत करनी पड़ी। एग्जिट पोल के नतीजे सुखद हैं।
पटेल ने कहा कि हम प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ब्रेग्जिट किया जाना एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। सौदा वहीं है, बस हम आगे बढ़ना चाहते हैं। जीतने के बाद सरकार सबसे पहले ब्रेग्जिट डील खत्म करने का काम करेगी। यह क्रिसमस से पहले भी हो सकता है।
ब्रेग्जिट के लिए जनमत संग्रह का प्रस्ताव देना बड़ी भूल- लेबर पार्टी
इसी बीच लेबर पार्टी के अध्यक्ष इयान लेवेरी ने कहा है कि ब्रेग्जिट के लिए दूसरी बार जनमत संग्रह का प्रस्ताव देकर उनकी पार्टी ने गलती की। लेवेरी ने कहा कि इसके पीछे पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन की कोई गलती नहीं है। हम यूके के लोगों की भावनाओं को नहीं समझ पाए।
लेबर पार्टी के नेता जॉन मैककॉनेल ने स्वीकर किया है कि इस चुनाव में ब्रेग्जिट का मुद्दा हावी रहा। अगर एग्जिट पोल के नतीजे कहीं भी आते हैं, तो यह बेहद निराशाजनक परिणाम है।
ब्रेग्जिट से नतीजों पर क्या फर्क आएगा?
ब्रिटेन में यह पांच साल में तीसरे बार आम चुनाव हो रहे हैं। वहीं 100 साल में यह पहली बार है, जब चुनाव दिसंबर में हो रहे हैं। आखिरी बार 1923 के दिसंबर महीने में चुनाव कराए गए थे। कंजरवेटिव पार्टी और बोरिस जॉनसन का चुनाव में साफ संदेश है,‘ब्रेग्जिट पूरा करना।’
वहीं लेबर पार्टी इस पर बातचीत और दोबारा जनमत संग्रह चाहती है। लिबरल डेमोक्रेट पार्टी ब्रेग्जिट रद्द करने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि ब्रिटिश जनता ब्रेग्जिट पूरा करने के लिए कंजरवेटिव के पक्ष में वोट करेगी। अगर सत्ता बदली तो विपक्षी पार्टियों के पास ब्रेग्जिट पर दोबारा जनमत संग्रह कराएगी और इससे देश फिर ईयू से बाहर होने की मुश्किलों में फंस जाएगा।
अमेरिका से रिश्ते पर असर
क्या आगे दोबारा जनमत संग्रह संभव है?
- जॉनसन अगर बहुमत हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं तो फिर वो अपनी शर्तों पर यूरोपीय संघ से अलग होंगे। इसी के लिए यह चुनाव करवाया गया है।
- अगर कोई दूसरी पार्टी जीतती है या कोई अन्य प्रधानमंत्री बनता है तो मुमकिन है कि वो ब्रिटेन को लोगों के सामने ब्रेग्जिट मसले पर दूसरे जनमतसंग्रह का प्रस्ताव रखे।
- ‘नो डील ब्रेग्ज़िट’ यानी बिना किसी समझौते के ब्रिटेन के ईयू से निकलने के आसार भी हैं पर इसका ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर होगा।