फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Britain Coronavirus Vaccine news: Pfizer BioNTech coronavirus vaccine approved for use next week in UK

ब्रिटेन सबसे आगे: फाइजर-बायोएनटेक के कोरोना टीके को मंजूरी देने वाला पहला देश

Wed, 02 Dec 2020 01:41 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: अनवर अंसारी Updated Wed, 02 Dec 2020 01:41 PM IST
विज्ञापन
Britain Coronavirus Vaccine news: Pfizer BioNTech coronavirus vaccine approved for use next week in UK
Coronavirus Vaccine News - फोटो : Pixabay/Amar Ujala

ब्रिटेन ने बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए देशभर में फाइजर-बायोएनटेक द्वारा तैयार कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश बन गया है। ब्रिटेन के ड्रग रेगुलेटर एमएचआर ने कहा कि यह वैक्सीन 95 फीसदी तक प्रभावी है और इसके व्यापक उपयोग की अनुमति देना सुरक्षित है। 

विज्ञापन


देश में सबसे पहले उन लोगों का टीकाकरण किया जाएगा, जो उच्च जोखिम वाले समूह से हैं। ब्रिटेन ने पहले से ही चार करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया है, जिसकी मदद से दो करोड़ लोगों का दो बार टीकाकरण किया जा सकता है।  
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


इस वैक्सीन की एक करोड़ खुराक जल्द ही उपलब्ध हो जाएगी। ये दुनिया की सबसे तेजी से विकसित वैक्सीन होगी जिसे बनाने में 10 महीने लगे हैं। आम तौर पर ऐसी वैक्सीन को तैयार होने में एक दशक तक का समय लग जाता है। 
 
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने ट्वीट कर कहा, 'मदद अपने रास्ते पर है। एनएचएस अगले सप्ताह की शुरुआत में टीकाकरण शुरू करने के लिए तैयार है।' हालांकि जानकारों का कहना है कि वैक्सीन के बावजूद लोगों को संक्रमण रोकने के नियमों का पालन करते रहना चाहिए। इसका मतलब है कि लोगों को अभी भी मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।  


वैक्सीन कैसे काम करती है? 
ये एक नई तरह की एमआरएनए कोरोना वैक्सीन है, जिसमें महामारी के दौरान इकट्ठा किए कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड के छोटे टुकड़ों को इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के अनुसार जेनेटिक कोड के छोटे टुकड़े शरीर के भीतर रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते हैं और कोविड-19 के खिलाफ शरीर को लड़ने के लिए तैयार करते हैं। इससे पहले तक मानव शरीर पर प्रयोग के लिए एमआरएनए वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी गई है। हालांकि क्लिनिकल ट्रायल के दौरान लोगों को इस तरह की वैक्सीन के डोज दिए गए हैं।

वैक्सीन को मानव शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। ये इम्यून सिस्टम को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाने और टी-सेल को सक्रिय कर संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए कहती हैं। इसके बाद अगर व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित होता है तो उसके शरीर में बनी एंटीबॉडी और टी-सेल वायरस से लड़ने में जुट जाती हैं। वैक्सीन को-70 डिग्री पर स्टोर करना होता है और इन्हें खास डिब्बों में पैक करना होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed