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Omicron: डब्ल्यूएचओ ने कहा- ओमिक्रॉन को नहीं रोक पाएंगे यात्रा प्रतिबंध, 60 से ऊपर की उम्र वाले न करें ट्रैवल, यह बहुत जोखिम भरा है

Wed, 01 Dec 2021 12:19 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क/जेनेवा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क/जेनेवा। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 01 Dec 2021 12:19 AM IST
सार

व्यापक यात्रा प्रतिबंध नए कोरोना वैरिएंट के प्रसार को नहीं रोकेगा और वे जीवन और आजीविका पर भारी बोझ डालेगा। डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन को बहुत अधिक जोखिम भरा बताते हुए कहा है कि वैक्सीन, प्रतिरक्षा प्रणाली से बच निकलने से इसके एक-दूसरे में फैलने की ज्यादा आशंका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि नए स्वरूप को लेकर कई अनिश्चितताएं हैं, इसलिए सावधान रहें।

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blanket travel bans will not prevent Omicron spread says WHO
ओमिक्रॉन वेरिएंट(सांकेतिक) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कोरोनावायरस के नए वैरिएंट को देखते हुए दुनिया सतर्क है। कई देशों ने यात्राओं पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं डब्ल्यूएचओ का कहना है कि व्यापक यात्रा प्रतिबंध ओमिक्रॉन के प्रसार को नहीं रोक पाएंगे। इसलिए 60 से अधिक उम्र के लोगों को अपनी यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए।

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डब्ल्यूएचओ ने ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए यात्रा करने की सलाह पर बयान जारी किया। इसमें कहा कि व्यापक यात्रा प्रतिबंध नए कोरोना वैरिएंट के प्रसार को नहीं रोकेगा और वे जीवन और आजीविका पर भारी बोझ डालेगा। आगे इसमें कहा गया है कि 60 से अधिक उम्र के लोगों को यात्रा स्थगित करने की सलाह दी जानी चाहिए।

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कोरोना संक्रमित हो चुके लोगों को ज्यादा खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि प्रारंभित नतीजों से पता चला है कि जिन लोगों को पहले कोरोना संक्रमण हो चुका है, उन्हें ज्यादा ही बचाव करने की जरूरत है। क्योंकि नए वैरिएंट में तेजी से म्यूटेशन हो रहे हैं और यह कोरोना संक्रमित हो चुके व्यक्तियों में तेजी से फैल सकता है।
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कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों पर ज्यादा खतरा 
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि डेल्टा व डेल्टा प्लस के अलावा कोरोना के जितने भी वैरिएंट सामने आए हैं, वह कमजोर प्रतिरक्षाा प्रणाली वाले लोगों के लिए खतरा बने हैं, जिन लोगों की कोरोना के कारण मृत्यु हुई, उसमें भी ज्यादातर ऐसे ही लोग थे जो शारीरिक तौर पर कमजोर थे। इसलिए नए वैरिएंट के संभावित खतरे के बीच एहतियात ही सबसे बड़ा हथियार है। 

वैक्सीनेशन पूरा किया जाना जरूरी
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक का कहना है कि हम पूरी आबादी को वैक्सीन लगाने में जितना ज्यादा समय लगाएंगे, वायरस उतनी तेजी से म्यूटेट होगा और तेजी से फैलेगा। इसलिए वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि सभी को दोनों खुराक लगाई जाएं। 

भारत की जोखिम वाले देशों की सूची से बांग्लादेश हटा
भारत ने मंगलवार को बांग्लादेश को जोखिम वाले देशों की सूची से हटा दिया।जोखिम वाले देशों के यात्रियों को भारत आगमन पर अतिरिक्त उपायों का पालन करना होगा। बांग्लादेश ने भारत के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद बांग्लादेश को सूची से हटा दिया गया था।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने ढाका में कहा कि इस मुद्दे को भारत के साथ उठाया गया था। उन्होंने मीडिया को एक संदेश में कहा कि हमारे अनुरोध के कारण, भारतीय उच्चायोग ने सूचित किया है कि बांग्लादेश को भारत की रेड लिस्ट से हटा दिया गया है।

भारत में अब तक ओनीक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया है, केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के आगमन के पहले दिन होने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण सुनिश्चित करें। 

बहुत अधिक जोखिम भरा है ओमिक्रॉन: डब्ल्यूएचओ

डब्ल्यूएचओ ने कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट से वैश्विक जोखिम को लेकर सख्त व स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अब तक के सुबूतों से यह साफ है भारी म्यूटेशन के बाद कोविड-19 का यह वैरिएंट विश्व स्तर पर गंभीर नतीजे छोड़ सकता है। इस बीच जापान, फ्रांस व स्पेन में ओमिक्रॉन संक्रमण के चिंता बढ़ाने वाले नए मामले सामने आए हैं।

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस गेब्रेयेसेस ने चेताया, यह न मानें कि कोविड हमारे बीच से चला गया है। ओमिक्रॉन से साफ संदेश मिलता है कि अभी कोविड से लंबी लड़ाई लड़नी है। सभी सदस्य देशों को जारी एक सुझाव में डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन को लेकर कहा कि इसे लेकर काफी अनिश्चितताएं हैं, लेकिन प्रारंभिक साक्ष्य बताते हैं कि ढेर सारे म्यूटेशन के कारण यह वैक्सीन और प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया से बच सकता है।

इस कारण इसकी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की क्षमता को बढ़ जाती है। इन विशेषताओं के आधार पर माना जा सकता है कि ओमिक्रॉन के चलते आने वाले दिनों में कोविड संक्रमण के नए मामलों में वैश्विक स्तर पर भारी वृद्धि हो सकती है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस बीच, ब्रिटेन में मास्क और ग्रीस में वैक्सीन जरूरी कर दी गई है। जबकि यूरोपीय संघ (ईयू) ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति राममफोसा द्वारा ओमिक्रॉन को पहचान कर इसकी जानकारी सबके साथ साझा करने की प्रशंसा की। एजेंसी

अभी तक एक भी मौत नहीं
अब तक ओमिक्रॉन की वजह से किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है, लेकिन इसके बारे में निश्चित रूप से बहुत कम जानकारी है। इसमें यह भी शामिल है कि क्या यह अधिक संक्रामक है और इससे गंभीर बीमारी होने की अधिक आशंका है या फिर यह टीकों से बचने में अधिक सक्षम है।






मास्क और बूस्टर डोज पर जोर...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अमेरिका में लॉकडाउन नहीं किया जाएगा, बल्कि लोगों से मास्क पहनने और बूस्टर डोज लेने का आग्रह किया जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में सभी वयस्कों के लिए बूस्टर डोज की अनुमति दे दी गई है, जो पहले केवल 50 से अधिक उम्र के लोगों को थी।

ईयू में वैक्सीन के नए वर्जनों के जल्द मंजूरी...

यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) के कार्यकारी निदेशक एमर कुक ने यूरोपीय संसद को बताया कि मौजूदा टीके ओमिक्रॉन से एक हद तक सुरक्षा देते रहेंगे। लेकिन, ओमिक्रॉन में 26 म्यूटेशन ऐसे हैं, जो वैक्सीन द्वारा लक्षित क्षेत्रों में पहली बार हुए हैं। इस वजह से मौजूदा वैक्सीन में बदलाव की जरूरत हो सकती है। कई कंपनियां इस पर काम कर रही हैं। वैक्सीन के नए वर्जनों को तीन-चार माह में मंजूरी दी जा सकती है।

कोविशील्ड का नया वर्जन होगा पेश
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने बताया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मौजूदा टीके ओमिक्रॉन से गंभीर बीमारी होने से नहीं बचाएंगे, हालांकि एस्ट्राजेनेका के साथ विकसित कोविशील्ड टीके का एक नया वर्जन विकसित किया जा रहा रहा है।

नीदरलैंड में 19 नवंबर को पहचाना गया ओमिक्रॉन
डच अधिकारियों ने दावा किया है कि दक्षिण अफ्रीका से दो उड़ानों के आने से पहले 19 नवंबर को नीदरलैंड में ओमिक्रॉन का पता चल चुका था। इससे पहले माना जा रहा था कि वायरस अफ्रीका से फैला है। अब यह नया बयान आया है।

स्पेन, जापान और फ्रांस में सामने आए ओमिक्रॉन संक्रमित
जापान ने मंगलवार को ओमिक्रॉन के पहले संक्रमण की पुष्टि करते हुए बताया कि हाल ही में नामीबिया से लौटा व्यक्ति कोविड के नए वैरिएंट से संक्रमित मिला है। मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाजु मात्सुनो ने कहा कि 30 वर्षीय संक्रमित की पहचान रविवार को नरीता हवाई अड्डे पर हुई जांच से पता चली। वहीं, फ्रांस सरकार के प्रवक्ता गेब्रियल अटाला ने बताया कि रीयूनियन में मंगलवार को मोजाम्बिक से लौटे व्यक्ति के नए वैरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

इससे पहले सोमवार को स्पेन ने बताया कि एम्स्टर्डम से होते हुए रविवार को दक्षिण अफ्रीका से लौटा व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित मिला है। यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ईसीडीसी) की अध्यक्ष एंड्रिया अम्मोन ने बताया कि फिलहाल यूरोपीय संघ के 10 देशों में ओमिक्रॉन के 42 मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि छह संभावित हैं। ब्रिटेन में 14 मामलों की जानकारी है।

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