Bhutan Crypto Mining: भूटान में शुरू होगी क्रिप्टो माइनिंग, अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाना है मकसद
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आधुनिक अर्थव्यवस्था बनने की कोशिश में भूटान ने क्रिप्टोकरेंसी की सहायता लेने का मन बनाया है। इसके लिए भूटान सरकार ने सिंगापुर स्थित कंपनी बिटडियर टेक्नोलॉजी ग्रुप से करार किया है। ये कंपनी भूटान में बिटकॉइन के लिए 600 मेगावाट का माइनिंग फार्म तैयार करेगी। बिटकॉइन सबसे प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी है।
बिटडियर ने इस प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ डॉलर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से जुटाने की मुहिम शुरू की है। परियोजना से जुड़े एक सूत्र ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा कि धन जुटाने का काम शुरू हो चुका है। इस परियोजना के लिए बिटडियर के साथ भूटान सरकार की निवेश कंपनी ड्रक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स (डीएचआई) ने करार किया है। डीएचआई के सीईओ उज्ज्वल दीप दहल ने कहा है कि भूटान के सामने भौगोलिक कठिनाइयां हैं। यह चारों तरफ से जमीन से घिरा देश है। लेकिन भूटान के पास हरा-भरा पर्यावरण और सस्ती बिजली के स्रोत हैं। इस कारण उसके पास डिजिटल संपत्तियों में निवेश का बेहतर अवसर है। दहल ने कहा- ऐसा करने से तेजी से विकसित हो रही तकनीक के बारे में स्थानीय लोगों की जानकारी बढ़ेगी और साथ ही उनका इससे जुड़ाव भी बनेगा। इससे भूटानवासी आधुनिक विश्व अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।
भूटान ने क्रिप्टो माइनिंग की इजाजत देने का उस समय फैसला किया है, जब इसे लेकर दुनिया भर में कई तरह के विवाद हैं और कई हलकों से चिंताएं जताई गई हैं। इसमें बिजली की ज्यादा खपत और पर्यावरण के लिए संभावित नुकसान के कारण चीन सहित कई देशों में इस पर रोक लगाई जा चुकी है। लेकिन भूटान सरकार के सूत्रों का कहना है कि उनके देश की समस्याएं अलग हैं।
भूटान की अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी से पहुंचे नुकसान से अभी भी उबर नहीं पाई है। 2020 में भूटान की अर्थव्यवस्था 10 फीसदी सिकुड़ गई थी। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है, मैनुफैक्चरिंग और पर्यटन उद्योग बैंकों से लिए कर्ज को चुका नहीं पा रहे हैं और नौजवानों में बेरोजगारी की दर 29 फीसदी तक पहुंच चुकी है।
इन्हीं हालात के बीच क्रिप्टो माइनिंग की शुरुआत की खबर आई है। बिटडियर कंपनी के अधिकारियों ने कहा है कि भूटान के पास पनबिजली का समृद्ध स्रोत है। इसलिए क्रिप्टो माइनिंग के लिए यह सटीक जगह है। बिटडियर के अध्यक्ष जिहान वू ने निक्कईएशिया से कहा- ‘डीएचआई के साथ मिल कर काम करने को लेकर हम बहुत रोमांचित हैं। भूटान की अर्थव्यवस्था में कार्बन का उत्सर्जन शून्य है। इसलिए वहां ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस रूप में विकास हो सकता है, जिसका एक वैश्विक भंडारण मूल्य होगा।’ क्रिप्टो का कारोबार ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए ही होता है।
जानकारों के मुताबिक 100 मेगावाट के साथ क्रिप्टो माइनिंग की शुरुआत इस साल सितंबर में हो जाएगी। अगले तीन साल में यह मात्रा 600 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। क्रिप्टो माइनिंग संचालक कंपनी को बिजली कारोबारी आधार पर बेची जाएगी। भूटान के पास 2,400 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता है। इसमें से ज्यादातर हिस्से को अभी वह भारत या म्यांमार को बेचता है।