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Belt and Road Initiative: BRI के तहत लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में आएगी तेजी, चीन और नेपाल ने जताई सहमति
Tue, 11 Jul 2023 05:22 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 11 Jul 2023 05:22 PM IST
सार
नेपाल और चीन के बीच हुए बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव समझौते पर नेपाल के विदेश मंत्री एन पी सऊद ने कहा कि इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है, लेकिन इसको लागू करने के लिए चर्चा चल रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नेपाल और चीन ने मंगलवार को हिमालयी देश में बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए विवादास्पद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत चीनी सरकार द्वारा घोषित की गई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए समझौता किया है। बता दें कि चीनी सरकार ने 2018 और 2019 में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत नेपाल में कई प्रोजेक्ट चालू करने का एलान किया था।
यह समझौता नेपाल के नेशनल प्लानिंग कमिशन (NPC) के उपाध्यक्ष डॉ. मिन बहादुर श्रेष्ठ और चीनी के नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) के उपाध्यक्ष चोंग लियांग के बीच एक बैठक के दौरान हुआ था।
अहम कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर
एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पक्षों ने चीनी सरकार द्वारा घोषित विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं को लागू करने पर चर्चा की और पहले से तय योजना के अनुरूप अहम कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।
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बीजिंग में हुई बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने नेपाल और चीन की सरकारों द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर व्यापक चर्चा की। बता दें कि चीन, नेपाल के साथ अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए वहां बड़ा निवेश कर रहा है। सोमवार को नेपाल और चीन के बीच हुए बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव समझौते पर नेपाल के विदेश मंत्री एन पी सऊद ने कहा कि इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है, लेकिन इसको लागू करने के लिए चर्चा चल रही है।
2013 में राष्ट्रपति जिनपिंग ने किया था प्रस्तावित
उल्लेखनीय है कि नेपाल और चीन ने 12 मई 2017 को वन बेल्ट वन रोड पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसे बाद में BRI के नाम से जाना गया। यह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक प्रमुख पहल थी। BRI को 2013 में राष्ट्रपति जिनपिंग ने प्रस्तावित किया था।
क्या है इसका उद्देश्य?
इसका उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है। इस समझौते का उद्देश्य ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट, रसद, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क सिक्योरिटी और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास को सुविधाजनक बनाना है। इसके अलावा यह रेलवे, सड़क, नागरिक उड्डयन, पावर ग्रिड, सूचना और संचार सहित सीमा पार परियोजनाओं को भी बढ़ावा देती है।
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यह समझौता नेपाल के नेशनल प्लानिंग कमिशन (NPC) के उपाध्यक्ष डॉ. मिन बहादुर श्रेष्ठ और चीनी के नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) के उपाध्यक्ष चोंग लियांग के बीच एक बैठक के दौरान हुआ था।
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अहम कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर
एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पक्षों ने चीनी सरकार द्वारा घोषित विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं को लागू करने पर चर्चा की और पहले से तय योजना के अनुरूप अहम कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।
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बीजिंग में हुई बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने नेपाल और चीन की सरकारों द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर व्यापक चर्चा की। बता दें कि चीन, नेपाल के साथ अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए वहां बड़ा निवेश कर रहा है। सोमवार को नेपाल और चीन के बीच हुए बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव समझौते पर नेपाल के विदेश मंत्री एन पी सऊद ने कहा कि इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है, लेकिन इसको लागू करने के लिए चर्चा चल रही है।
2013 में राष्ट्रपति जिनपिंग ने किया था प्रस्तावित
उल्लेखनीय है कि नेपाल और चीन ने 12 मई 2017 को वन बेल्ट वन रोड पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसे बाद में BRI के नाम से जाना गया। यह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक प्रमुख पहल थी। BRI को 2013 में राष्ट्रपति जिनपिंग ने प्रस्तावित किया था।
क्या है इसका उद्देश्य?
इसका उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है। इस समझौते का उद्देश्य ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट, रसद, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क सिक्योरिटी और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास को सुविधाजनक बनाना है। इसके अलावा यह रेलवे, सड़क, नागरिक उड्डयन, पावर ग्रिड, सूचना और संचार सहित सीमा पार परियोजनाओं को भी बढ़ावा देती है।