Bangladesh: बांग्लादेश सरकार का बड़ा फैसला, पुलिस हिंदू घरों के हमलावरों की जानकारी देने वालों को देगी इनाम
Bangladesh Police Reward: बांग्लादेश में हिंदू परिवारों के घरों पर हुए हमलों के बाद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। चटोग्राम के पास राउजान इलाके में आगजनी करने वाले हमलावरों की जानकारी देने पर इनाम घोषित किया गया है। बता दें, मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
विस्तार
बांग्लादेश में बदले राजनीतिक हालात के बीच भीड़ हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हमलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चटोग्राम के पास हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाकर की गई आगजनी की घटनाओं के बाद अब बांग्लादेश पुलिस ने सख्त कदम उठाने का संकेत दिया है। पुलिस ने ऐसे हमलावरों की पहचान में मदद करने वालों को इनाम देने की घोषणा की है।
चटोग्राम के बाहरी इलाके राउजान में कतर में काम करने वाले प्रवासी मजदूर सुख शिल और अनिल शिल के घर को मंगलवार रात अज्ञात हमलावरों ने आग के हवाले कर दिया। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, आग लगने के बाद वे गर्मी महसूस होने पर जागे, लेकिन बाहर के दरवाजे बंद थे। आठ सदस्य टीन की चादर और बांस की बाड़ काटकर किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घर पूरी तरह जल गया।
पुलिस ने किया इनाम का एलान
इत्तेफाक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, चटोग्राम रेंज के पुलिस प्रमुख अहसान हबीब ने बुधवार रात जले हुए घर का दौरा किया। उन्होंने हमलावरों के बारे में जानकारी देने वालों को इनाम देने की घोषणा की, हालांकि इनाम की राशि सार्वजनिक नहीं की गई। पुलिस ने कहा कि इलाके में बीते एक हफ्ते के दौरान हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाकर कई आगजनी की घटनाएं हुई हैं, जिसे गंभीर अपराध माना जा रहा है।
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गिरफ्तारियां और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस के मुताबिक, राउजान इलाके में पांच दिनों के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर सात हिंदू परिवारों के घर जलाए गए। अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने इलाके में एक विशेष सुरक्षा टीम तैनात की है और स्थानीय प्रभावशाली लोगों के साथ बैठक कर आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
बीते दिनों मध्य बांग्लादेश के मयमनसिंह में 28 वर्षीय हिंदू फैक्ट्री मजदूर दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या ने देशभर में आक्रोश पैदा किया। इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अंतरिम सरकार ने मृतक के परिवार की जिम्मेदारी लेने की बात कही है। इन घटनाओं के बाद ढाका समेत कई इलाकों में हिंसा, आगजनी और मीडिया दफ्तरों पर हमलों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के कार्यालय ने साफ कहा है कि किसी भी आरोप, अफवाह या मतभेद के नाम पर हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। वहीं, मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सालिश केंद्र के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में भीड़ हिंसा में 184 लोगों की मौत हुई है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इन घटनाओं पर चिंता जताई है और सरकार से त्वरित व सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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