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Bangladesh: 'सड़कों से सैनिकों को हटाया जाए', बांग्लादेश के पूर्व शीर्ष सैन्य अधिकारियों की पीएम हसीना से अपील

Sun, 04 Aug 2024 10:46 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 04 Aug 2024 10:46 PM IST
सार

Bangladesh: पूर्व सैन्य जनरलों ने एक बयान में कहा, हम सरकार से मौजूद संकट को हल करने के लिए राजनीतिक पहल करने का आग्रह करते हैं। पूर्व सेना प्रमुख इकबाल करीम भुइयां ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलो को शर्मनाक अभियान में व्यस्त रखकर उनकी छवि को खराब न करें। 

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Bangladesh former top generals ask PM Hasina to withdraw troops from streets
बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सड़क पर सेना। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

बांग्लादेश में आरक्षण प्रणाली को लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच, पूर्व सैन्य जनरलों के एक समूह ने रविवार को सरकार से आग्रह किया कि वह सशस्त्र बलों को सड़कों से हटाए और उन्हें वापस बैरकों में भेजे। 

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इन पूर्व सैन्य जनरलों ने एक बयान में कहा, हम सरकार से मौजूद संकट को हल करने के लिए राजनीतिक पहल करने का आग्रह करते हैं। पूर्व सेना प्रमुख इकबाल करीम भुइयां ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलो को शर्मनाक अभियान में व्यस्त रखकर उनकी छवि को खराब न करें। 
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उन्होंने कहा, बांग्लादेशी सशस्त्र बलों ने कभी भी जनता का सामना नहीं किया है या उन्हें अपने साथी नागरिकों की छाती पर गोली चलाने के लिए प्रशिक्षित नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार में सेना प्रमुख के रूप में काम कर चुके भुइयां ने ढाका छावनी से सटे राववा क्लब में दर्जनों पूर्व वरिष्ठ और मध्यम रैंक के सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बयान पढ़ा। 
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एक अन्य पूर्व सेना प्रमुख जनरल नुरुद्दीन खान (80 वर्षीय) भी इस दौरान वहां पर मौजूद थे, जो 1971 के मुक्ति संग्राम में भी शामिल थे। वह भी हसीना के 1996-2001 तक के कार्यकाल के दौरान सेना प्रमुख थे। बयान में कहा गया, सैनिकों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने के वास्ते उन्हें तुरंक बैरकों में ले जाने का समय आ गया है। 

प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों के असहयोग आंदोलन के पहले दिन रविवार को प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ आवामी लीग समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों में 49 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। पूर्व अधिकारियों ने सभी हत्याओं, चोटों, गोलीबारी, हमलों, बर्बरता, अपहरण, गिरफ्तारी और हिंसा के कृत्यों की जांच का आह्वान किया। 


भुइयां ने कहा, हम यहां इसलिए आए हैं, क्योंकि हम पिछले तीन हफ्तों में हत्याओं, यातनाओं, गुमशुदगी और सामूहिक गिरफ्तारियों से बेहद चिंतित, परेशान और दुखी हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावक के रूप में इन सभी को देखते हुए हम खुद को जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं कर सकते। 

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