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भारत का आंतरिक मुद्दा है सीएए और एनआरसी: बांग्लादेश के विदेश मंत्री मोमिन
Sun, 22 Dec 2019 01:50 PM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 22 Dec 2019 01:50 PM IST
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बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमिन (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) भारत के आंतरिक मुद्दे हैं। इसके साथ ही उन्होंने चिंता जताई कि देश में अनिश्चितता की किसी भी तरह की स्थिति पड़ोसी मुल्कों पर असर डाल सकती है।
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भारत में सीएए कानून पर बढ़ते प्रदर्शनों के बीच मोमिन ने उम्मीद जताई कि स्थिति में नरमी आएगी और भारत इस समस्या से बाहर निकल सकेगा। सीएए के अनुसार 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न से भागकर आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के सदस्यों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी।
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मोमिन से सीएए और खासतौर से पूर्वोत्तर राज्यों में इसके खिलाफ प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'सीएए और एनआरसी भारत के अंदरुनी मुद्दे हैं। भारत सरकार ने हमें बार-बार आश्वस्त किया है कि ये उनके घरेलू मुद्दे हैं, वे कानूनी और अन्य वजहों से ऐसा कर रहे हैं।'
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से बातचीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया था कि किसी भी परिस्थिति में इसका असर बांग्लादेश पर नहीं पड़ेगा। मंत्री ने दोहराया कि उनका देश भारत पर पूरा भरोसा करता है।
हालांकि उन्होंने कहा, 'हम भारत के नंबर वन दोस्त हैं। अगर भारत में अनिश्चितता की स्थिति है तो उसका असर उसके पड़ोसियों पर पड़ने की आशंका है। जब अमेरिका में आर्थिक मंदी आती है तो इससे कई देश प्रभावित होते हैं क्योंकि हम वैश्विक दुनिया में जीते हैं। हमारा डर है कि अगर भारत में अनिश्चितता की कोई स्थिति होती है तो इसका असर उसके पड़ोसियों पर भी पड़ सकता है।'