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Bangladesh: '5 अगस्त के बाद से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की 88 घटनाएं', अंतरिम सरकार ने पहली बार किया कबूल
Tue, 10 Dec 2024 11:06 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 10 Dec 2024 11:06 PM IST
सार
बांग्लादेश ने मंगलवार को स्वीकार किया कि अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाए जाने के बाद अल्पसंख्यकों, मुख्य रूप से हिंदुओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा की 88 घटनाएं हुईं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि इन घटनाओं में 70 लोगों को गिरफ्तार हुए हैं।
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शफीकुल आलम, मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव
- फोटो : ANI
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विस्तार
बांग्लादेश ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पांच अगस्त को अपना पद छोड़ने के बाद अल्पसंख्यकों, मुख्य रूप से हिंदुओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा की 88 घटनाओं को स्वीकार किया। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने भी कहा कि उन घटनाओं में 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
5 अगस्त से 22 अक्तूबर तक कुल 88 मामले दर्ज
उन्होंने यह खुलासा विदेश सचिव विक्रम मिस्री की तरफ से अल्पसंख्यकों पर हमलों की खेदजनक घटनाओं को चिह्नित करने और बांग्लादेशी नेतृत्व के साथ अपनी बैठकों के दौरान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण से संबंधित भारत की चिंताओं से अवगत कराने के एक दिन बाद किया। शफीकुल आलम ने पत्रकारों को बताया कि 5 अगस्त से 22 अक्तूबर तक अल्पसंख्यकों से संबंधित घटनाओं में कुल 88 मामले दर्ज किए गए हैं।
'गिरफ्तारियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना'
उन्होंने कहा, 'मामलों और गिरफ्तारियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है, क्योंकि (उत्तर-पूर्वी सुनामगंज, (मध्य) गाजीपुर और अन्य क्षेत्रों में भी हिंसा की नई घटनाएं सामने आई हैं।' उन्होंने कहा कि ऐसे मामले भी हो सकते हैं, जिनमें कुछ पीड़ित पिछली सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य रहे हों। अंतरिम सरकार ने अब तक इस बात पर जोर दिया है कि कुछ घटनाओं को छोड़कर, हिंदुओं पर उनके धर्म के कारण हमला नहीं किया गया।
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'हिंसा होने के बाद से पुलिस कर रही उचित कार्रवाई'
शफीकुल आलम ने कहा, 'कुछ हमलों में ऐसे व्यक्ति शामिल थे, जो सत्तारूढ़ पार्टी के पूर्व सदस्य थे या वे व्यक्तिगत विवादों का परिणाम थे। फिर भी, हिंसा होने के बाद से पुलिस उचित कार्रवाई कर रही है।' आलम ने कहा कि 22 अक्तूबर के बाद हुई घटनाओं के बारे में जल्द ही जानकारी साझा की जाएगी। पिछले कुछ हफ्तों में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के साथ-साथ बांग्लादेश में मंदिरों पर हमलों की घटनाएं हुई हैं, जिससे नई दिल्ली में गहरी चिंता पैदा हुई है।
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5 अगस्त से 22 अक्तूबर तक कुल 88 मामले दर्ज
उन्होंने यह खुलासा विदेश सचिव विक्रम मिस्री की तरफ से अल्पसंख्यकों पर हमलों की खेदजनक घटनाओं को चिह्नित करने और बांग्लादेशी नेतृत्व के साथ अपनी बैठकों के दौरान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण से संबंधित भारत की चिंताओं से अवगत कराने के एक दिन बाद किया। शफीकुल आलम ने पत्रकारों को बताया कि 5 अगस्त से 22 अक्तूबर तक अल्पसंख्यकों से संबंधित घटनाओं में कुल 88 मामले दर्ज किए गए हैं।
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'गिरफ्तारियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना'
उन्होंने कहा, 'मामलों और गिरफ्तारियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है, क्योंकि (उत्तर-पूर्वी सुनामगंज, (मध्य) गाजीपुर और अन्य क्षेत्रों में भी हिंसा की नई घटनाएं सामने आई हैं।' उन्होंने कहा कि ऐसे मामले भी हो सकते हैं, जिनमें कुछ पीड़ित पिछली सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य रहे हों। अंतरिम सरकार ने अब तक इस बात पर जोर दिया है कि कुछ घटनाओं को छोड़कर, हिंदुओं पर उनके धर्म के कारण हमला नहीं किया गया।
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'हिंसा होने के बाद से पुलिस कर रही उचित कार्रवाई'
शफीकुल आलम ने कहा, 'कुछ हमलों में ऐसे व्यक्ति शामिल थे, जो सत्तारूढ़ पार्टी के पूर्व सदस्य थे या वे व्यक्तिगत विवादों का परिणाम थे। फिर भी, हिंसा होने के बाद से पुलिस उचित कार्रवाई कर रही है।' आलम ने कहा कि 22 अक्तूबर के बाद हुई घटनाओं के बारे में जल्द ही जानकारी साझा की जाएगी। पिछले कुछ हफ्तों में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के साथ-साथ बांग्लादेश में मंदिरों पर हमलों की घटनाएं हुई हैं, जिससे नई दिल्ली में गहरी चिंता पैदा हुई है।