फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Australia Supreme Court 62 Year Woman Dead Husband Sperm Use Permission

Australia: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 62 साल की महिला को मिलेगा स्पर्म, बच्चा पैदा करने के लिए अलग आदेश की जरूरत

Wed, 03 Jan 2024 06:48 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 03 Jan 2024 06:48 PM IST
सार

एक अनोखे मुकदमे में ऑस्ट्रेलिया की सुप्रीम कोर्ट ने 61 साल के मृत पति का शुक्राणु (Sperm) निकालने की अनुमति दे दी है। अदालत ने 62 साल की पत्नी की याचिका पर कहा कि स्पर्म निकाले जा सकते हैं लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण बच्चा पैदा करने में इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए अलग अदालती आदेश की जरूरत पड़ेगी।

विज्ञापन
Australia Supreme Court 62 Year Woman Dead Husband Sperm Use Permission
स्पर्म (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया की सुप्रीम कोर्ट ने महिला को मृत पति के स्पर्म हासिल करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, 62 साल की पत्नी की याचिका पर सुनवाई के दौरान देश की सबसे बड़ी अदालत ने साफ किया कि फिलहाल शुक्राणु का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। अदालत ने कहा कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पुरुष की मौत के बाद बच्चा पैदा करने में मृतक के स्पर्म का इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। ऐसा करने के लिए महिला को नए सिरे से याचिका दाखिल करनी होगी। अदालत के आदेश के बाद ही महिला पति के स्पर्म का इस्तेमाल गर्भधारण के लिए कर सकेगी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कानूनों के तहत महिला को मेडिकल पद्धति से मां बनने के लिए इंतजार करना होगा। फिलहाल वह अपने पति के बच्चे की मां नहीं बन सकेंगी।
विज्ञापन


अस्पताल में शव, स्पर्म के लिए अधिकारी नहीं; कोर्ट पहुंची महिला
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की सुप्रीम कोर्ट ने अपने आप में दुर्लभ मुकदमे पर सुनवाई के बाद कहा, 62 साल की पत्नी को पति के देहावसान होने के बावजूद स्पर्म दिया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक 61 साल के मृतक का शव चार्ल्स गेर्डनर अस्पताल में ले जाया गया था। इसके बाद स्पर्म हासिल करने के लिए पत्नी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अस्पताल की तरफ से स्पर्म निकालने का समुचित प्रबंधन नहीं किए जाने के कारण महिला को कोर्ट का रूख करना पड़ा। खबरों के मुताबिक इस मामले में अदालत ने कोई संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं होने जैसी दलील दी। महिला को विशेष परेशानी इसलिए भी हुई क्योंकि उनके दोनों बच्चों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन


61 साल के पति का स्पर्म कारगर लेकिन 62 साल की आयु में मां बनना चुनौतीपूर्ण
दंपती का नाम कानूनी कारणों से सार्वजनिक नहीं किया गया है। महिला ने अदालत को बताया कि पति की मौत से पहले दोनों के बीच एक और बच्चा पैदा करने के संबंध में बात हुई थी। अलग-अलग हादसों में इनके दोनों बच्चों को खोने वाली 62 साल की इस महिला ने अपने पति के शुक्राणु हासिल करने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। खबरों के अनुसार, मौत के बावजूद 61 साल के पति के स्पर्म गर्भधारण में इस्तेमाल के लायक बचे हैं। हालांकि, महिला को डॉक्टर ने सलाह दी कि अधिक आयु होने के कारण वह गर्भधारण नहीं कर सकतीं। हालांकि, शुक्राणु के परीक्षण में उसे इस्तेमाल के लायक पाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


महामारी और अन्य अड़चनों के कारण अधूरी रही तीसरे बच्चे की ख्वाहिश
बच्चे की चाह के बारे में जानने के बाद महिला की 20 साल की रिश्तेदार ने आईवीएफ प्रोसेस के जरिए सरोगेसी का प्रस्ताव रखा। हालांकि, कानूनी प्रावधानों समेत कई अड़चनों के कारण यह उपाय भी काम नहीं आया। दंपती को लगा कि आईवीएफ के जरिए बच्चे का जन्म होने तक उन्हें खास समय तक दूसरे देश में रहना होगा। कोरोना महामारी, सास की मौत और दूसरे जरूरी काम के कारण दंपती दूसरे देश में जाने में असफल रहा। अंत में पति का भी देहावसान हो गया और स्पर्म हासिल करने के लिए महिला ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की सुप्रीम कोर्ट का रूख किया।


सुप्रीम कोर्ट की महिला जस्टिस ने अस्पताल को भी फटकार लगाई
62 साल की महिला की याचिका पर अपने फैसले में महिला जज फियोना सीवार्ड ने फैसला सुनाया। अदालत ने साफ किया कि आदेश पति के शुक्राणु हासिल करने तक ही सीमित हैं। फिलहाल, महिला पति के स्पर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। इसके लिए अलग आदेश जरूरी होगा, क्योंकि वर्तमान में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में किसी कानून के तहत मृतक के स्पर्म का इस्तेमाल कर गर्भधारण (posthumous fertilisation) की इजाजत नहीं है। जस्टिस सीवार्ड ने अपने फैसले में अस्पताल को फटकार भी लगाई। अदालत ने कहा कि अगर अस्पताल की तरफ से मानवीय नजरिया अपनाया जाता और उसे मोहलत दी गई होती तो दर्दनाक हालात से जूझ रही महिला के पास बेहतर विकल्प मौजूद होते।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed