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Australia: ऑस्ट्रेलियाई पीएम भी चाहते हैं जूलियन असांजे की घर वापसी, कहा- मामले को लंबा खींचा गया

Tue, 25 Jun 2024 03:10 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 25 Jun 2024 03:10 PM IST
सार

अल्बनीज ने असांजे की घर वापसी पर जोर देते हुए कहा कि विपक्ष में लेबर पार्टी और प्रधानमंत्री के तौर पर मैं इस बात से स्पष्ट हूं कि जूलियन असांजे को लेकर लोगों के मन में जो भी हो, लेकिन इस मामले को बहुत लंबा खींचा गया।

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Australia PM Anthony Albanese wants Julian Assange to be brought home news in hindi
एंथनी अल्बनीज - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका की जासूसी के आरोप में लंदन की जेल में बंद विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे की रिहाई पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मामले में अपनी सरकार की दृढ़ रुख को दोहराया। इसके साथ ही अमेरिका में चल रही कानूनी कार्यवाही के बीच असांजे की वापसी पर भी जोर दिया। अमेरिका के साथ समझौते के तहत असांजे अपना आरोप कबूल करने को तैयार हो गए,  जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया।
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प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज संसद में कहा, "ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बार बार कहा कि असांजे के मामले को लंबा खींचा जा रहा है। उनके निरंतर कारावास से कुछ हासिल नहीं होगा। हम उन्हें घर (ऑस्ट्रेलिया) वापस लाना चाहते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "सरकार यह निश्चित रूप से जानती है कि जूलियन असांजे के खिलाफ अमेरिका में कानूनी कार्यवाही जारी है। हम मानते हैं कि यह कार्यवाही महत्वपूर्ण है।" 
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अल्बनीज ने असांजे की घर वापसी पर जोर देते हुए कहा, "विपक्ष में लेबर पार्टी और प्रधानमंत्री के तौर पर मैं इस बात से स्पष्ट हूं कि जूलियन असांजे को लेकर लोगों के मन में जो भी हो, लेकिन इस मामले को बहुत लंबा खींचा गया।"

बता दें कि अमेरिका और विकीलीक्स के संस्थापक के बीच हुए समझौते के तहत असांजे ने अपने ऊपर अमेरिका जासूसी कानून के तहत लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है। समझौते के तहत असांजे को 62 महीने की जेल की सजा सुनाई जाएगी, जो कि असांजे पहले ही ब्रिटेन की जेल में काट चुके हैं। समझौते के तहत असांजे बुधवार को अमेरिका के उत्तरी मारियाना द्वीप साइपन स्थित कोर्ट में पेश होंगे, जहां उन्हें दोषी ठहराया जाएगा। दोषी ठहराए जाने और सजा के एलान के बाद जूलियन असांजे अपने देश ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो जाएंगे। 

क्या है मामला?
52 साल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे पर अमेरिकी सरकार ने 2010 में इराक और अफगानिस्तान में जंग से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने में उनकी भूमिका का आरोप लगाया था। असांजे पर जासूसी के 17 आरोप और उनकी वेबसाइट पर अमेरिकी दस्तावेजों के प्रकाशन को लेकर कम्प्यूटर के दुरुपयोग का एक आरोप था। असांजे ने सात साल तक लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली थी। इसके बाद पिछले पांच साल उन्होंने ब्रिटेन की जेल में बिताए।

लंबी चली कानूनी कार्यवाही
तीन जुलाई 1971 को जन्मे जूलियन असांजे ने साल 2006 में विकीलीक्स की स्थापना की। साल 2006 में अफगानिस्तान और इराक युद्ध से जुड़े गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने से विकीलीक्स और इसके संस्थापक जूलियन असांजे सुर्खियों में आए। असांजे पर स्वीडन की दो महिलाओं ने दुष्कर्म के आरोप लगाए। असांजे को स्वीडन की अपील पर साल 2010 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। स्वीडन ने असांजे के प्रत्यर्पण की मांग की, लेकिन असांजे ने उससे पहले ही साल 2012 में इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली और वे गिरफ्तारी और स्वीडन प्रत्यर्पण से बच गए। 


करीब सात वर्षों तक असांजे लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में रहे, लेकिन अप्रैल 2019 में इक्वाडोर दूतावास के अधिकारियों से विवाद के बाद असांजे को दूतावास से निकाल दिया गया। असांजे को लंदन पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब ब्रिटेन की जेल में पांच साल गुजारने के बाद असांजे ने अमेरिका की सरकार के साथ समझौता कर 15 साल लंबी कानूनी लड़ाई को विराम दे दिया है।
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