ऑस्ट्रेलिया: भारतीय दंपती पीड़ितों को खिला रहा मुफ्त कढ़ी-चावल, कहा- यह हमारा कर्तव्य है
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ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग भयानक होती जा रही है। लोगों की मदद के लिए कई संगठन आगे आए हैं और प्रभावित लोगों को हर तरह की सहायता प्रदान कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं भारतीय मूल के कंवलजीत सिंह और उनकी पत्नी कमलजीत कौर जो ऑस्ट्रेलिया में आग से प्रभावित लोगों को मुफ्त खाना खिला रहे हैं।
दरअसल, यह दंपती ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी विक्टोरिया के बर्न्सडेल इलाके में 'देसी ग्रिल' नाम से रेस्तरां चलाता है। पिछले चार महीने से जारी आग की घटना से इस इलाके में रहने वाले सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। ये सभी लोग फिलहाल मेलबर्न स्थित चैरिटी सिख वॉलेंटियर्स ऑस्ट्रलिया के अस्थाई शिविरों में शरण लिए हुए हैं। दंपती और उनके कर्मचारी लोगों के लिए कढ़ी-चावल बनाकर इस एनजीओ को सौंपते हैं जिससे इन सभी लोगों को पेट भर रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिख दंपती यहां पिछले छह साल से रह रहा है। कंवलजीत सिंह ने कहा कि मुझे लगा कि इस दुख की घड़ी में हमें अपने ऑस्ट्रेलियाई लोगों की मदद करनी चाहिए क्योंकि यह हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस आग से लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें भोजन और ठहरने के लिए जगह चाहिए, इसलिए हम उनकी मदद कर रहे हैं।
एक दिन में 1000 लोगों के लिए खाना बनाने की क्षमता: दंपती
सिख दंपती ने कहा कि हम सिख हैं और सिखों की जिंदगी जीने के तरीके का पालन कर रहे हैं। हम वही कार्य कर रहे हैं जो अन्य ऑस्ट्रेलियाई नागरिक कर रहे हैं। वर्तमान में उन सभी लोगों के लिए सेवा और प्रार्थना करने का समय हैं, जो इस आग से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि वॉलेंटियर्स को नए साल की पूर्व संध्या पर 500 लोगों के लिए भोजन पकाने में मदद की गई। हमारे पास एक दिन में 1000 लोगों के लिए खाना बनाने की क्षमता है।
1500 घर आग से जलकर खाक, 24 लोगों की मौत
दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के जंगल पिछले चार महीने से भीषण आग की चपेट में है। हालात इस कदर भयावह हो उठे हैं कि सरकार ने तीन बार आपातकाल की घोषणा की है। आग के चलते हजारों लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। वहीं, इस आग से अबतक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, साथ ही हजारों लोग लापता है।
इस आग से अभी तक 48 करोड़ जानवरों की मौत हो चुकी है। इनमें कंगारू से लेकर कई तरह के जानवर शामिल है। सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल की वजह से लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है और ईंधन के लिए लंबी कतारें लग रही है। इस आग से अभी तक 1500 घर जलकर खाक हो चुके हैं।