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ऑस्ट्रेलिया: भारतीय मूल की 17 साल की अंजलि शर्मा सुर्खियों में, जलवायु परिवर्तन पर सरकार को झुकाया 

Thu, 16 Dec 2021 07:02 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा Published by: Amit Mandal Updated Thu, 16 Dec 2021 07:02 PM IST
सार

अंजलि शर्मा और उनकी टीम ऑस्ट्रेलियाई सरकार के उस फैसले के खिलाफ अपील कर रही है जिसमें कोयला खदानों को मंजूरी दी गई है। अंजलि का कहना है कि इसका दुष्प्रभाव बच्चों पर पड़ सकता है। 

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Australia: 17-year-old Indian-origin Anjali Sharma won the battle against the government on climate change
Anjali sharma - फोटो : social media

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की 17 साल की जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता अंजलि शर्मा इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सीधे सरकार से टकराव मोल लिया है। इस साल मई में जलवायु परिवर्तन से बच्चों के भविष्य को होने वाले नुकसान को लेकर ऑस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ केस दायर किया था। संघीय अदालत ने अंजलि शर्मा के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार को ऊपरी अदालत में अपील दायर करनी पड़ी। अगर यहां भी फैसला अंजलि के पक्ष में आता है तो इसका प्रभाव न केवल ऑस्ट्रेलियाई कानून बल्कि दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन से जुड़े मामलों पर भी पड़ेगा।

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अंजिल और सात युवा साथियों की टीम 
अंजलि शर्मा और उनकी टीम के सात अन्य युवा साथियों ने इस अपील को दायर किया है। 87 वर्षीय एक कैथोलिक नन ब्रिगेड आर्थर ने भी इन बच्चों के लिए कानूनी अभिभावक के रूप में काम किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार को न्यू साउथ वेल्स में विकरी कोयला खदान के विस्तार को रोकने की भी कोशिश की। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस खदान के विस्तार से वातावरण में अतिरिक्त 170 मिलियन टन जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन होगा।
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अदालत ने सुनाया यह फैसला
इस मामले में न्यायाधीश मोर्डी ब्रोमबर्ग ने फैसला सुनाया कि सरकार का कर्तव्य है कि वह जलवायु परिवर्तन से संबंधित भविष्य के नुकसान के खिलाफ युवाओं की रक्षा करे। यह दुनिया में पहली बार है कि इस तरह की देखभाल के कर्तव्य को मान्यता दी गई है। लेकिन कोर्ट ने खदान के विस्तार को रोकने के लिए उन्हें स्टे ऑर्डर नहीं दिया। जज ने कहा कि अदालत के पास कोई सबूत नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया की पर्यावरण मंत्री सुसान ले वास्तव में विस्तार को मंजूरी देंगी। 
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अदालत के फैसले के बाद सितंबर में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने विकरी कोयला खदान के विस्तार को मंजूरी दे दी। सरकार ने तीन और कोयला खदानों के विस्तार को भी हरी झंडी दे दी है। अब अंजलि शर्मा और उनकी टीम ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपील कर रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले में जल्द ही फैसला सुना सकता है। अंजलि शर्मा की तरफ से कोर्ट में पेश होने वाले वकील डेविड बार्डेन ने कहा कि सरकार ने विकरी खदान को मंजूरी देने के पीछे हास्यास्पद कारण दिया है। उनका कहना है कि सरकार ने दावा किया है कि अगर इस कोयला परियोजना का विस्तार नहीं किया जाता है तो इससे कार्बन उत्सर्जन की मात्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि बाजार उस मांग को पूरा करने के लिए बाहर से कोयला आयात करेगा।  


कौन हैं अंजलि शर्मा?
अंजलि शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। अंजलि जब 10 महीने की थी, तभी उनके माता-पिता उन्हें ऑस्ट्रेलिया लेकर चले गए थे। अंजलि 2017 से ही जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। अंजलि शर्मा को सितंबर में प्रतिष्ठित बाल जलवायु पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।  

 

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