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सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला, तनाव बढ़ने के साथ पड़ सकता है तेल की कीमतों पर असर
Mon, 13 May 2019 05:15 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Mon, 13 May 2019 05:15 PM IST
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के माहौल के बीच सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला हुआ है। सऊदी अरब ने सोमवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के जलक्षेत्र में उसके दो टैंकरों पर हमला हुआ। इस हमले से काफी नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि यह हमला ऐसे वक्त हुआ है, जब अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो मॉस्को की प्रस्तावित यात्रा को रद्द कर ईरान को लेकर यूरोपीय अधिकारियों से चर्चा करने के लिए ब्रसेल्स गए हुए हैं।
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सऊदी अरब ने इस हमले की निंदा की है। जानकारी के मुताबिक सऊदी ने इस हमले को लेकर कहा है कि इस आपराधिक कृत्य से समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इससे क्षेत्र ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर भी विपरीत असर पड़ेगा।
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यूएई ने कहा कि फुजैरा शहर के अपतटीय क्षेत्र में विभिन्न देशों के चार कमर्शियल जहाजों पर हमला किया गया। सऊदी के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फालिह ने बताया कि हमले में दो टैंकरों को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ और न ही तेल फैला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई के विशेष आर्थिक क्षेत्र में टैंकरों पर तोड़फोड़ की गई। हमले के समय यह जहाज अरब खाड़ी पार कर रहे थे।
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ज्ञात हो कि फुजैरा पोर्ट यूएई का अकेला टर्मिनल है जो अरब सागर तट पर स्थित है। ज्यादातर गल्फ ऑइल का निर्यात इसी मार्ग से होता है। फालिह ने बताया कि एक टैंकर सऊदी ऑइल टर्मिनल से क्रूड ऑइल लोड करने जा रहा था, जिसे अमेरिका पहुंचाया जाना था।
ईरान ने इस हमले को चिंताजनक बताया है और इसकी जांच की मांग उठाई है। उधर, तेहरान ने भी आगाह किया है कि समुद्री सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए कोई भी दुस्साहस किया जा सकता है। इस क्षेत्र में अमेरिका पहले ही अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा चुका है और ईरान की ओर से कथित खतरे के मुकाबले के लिए फारस की खाड़ी में बमबारी करने वाले बी-52 विमानों को भी तैनात कर रहा है।