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इंटरव्यू में खुलासा: ओबामा के कहने पर पेरिस जलवायु समझौते पर राजी हुए थे मोदी
Wed, 08 May 2019 02:30 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Wed, 08 May 2019 02:30 AM IST
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नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा (फाइल फोटो)
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के एक पूर्व सहयोगी ने जलवायु परिवर्तन के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ओबामा के निजी और राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोगी रहे बेंजामिन रोड्स ने बताया कि जलवायु परिवर्तन पर समझौते की राह में भारत ही एक ऐसा महत्वपूर्ण देश था, जो तत्कालीन राष्ट्रपति ओबामा और अमेरिका के रास्ते में आ रहा था। रोड्स ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि कैसे ओबामा ने पीएम मोदी को जलवायु परिवर्तन के मसले पर राजी किया था।
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पूर्वी एशियाई मामलों के पूर्व सहायक विदेश मंत्री कुर्त कैंपबेल और भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा के साथ ‘द टीलेव्स’ पॉडकास्ट ऑफ एशिया ग्रुप कार्यक्रम में बातचीत के दौरान रोड्स ने बताया कि तत्कालीन ओबामा प्रशासन 2014 के आखिर में चीन के साथ समझौता करने में सफल रहा था, जिसमें दोनों देशों ने उत्सर्जन में कमी लाने के अपने द्विपक्षीय लक्ष्यों की घोषणा की थी।
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रिचर्ड वर्मा के एक सवाल पर रोड्स ने कहा कि चीन के साथ आने के बाद दूसरे देश भी साथ आने लगे थे, लेकिन भारत अब भी इसके लिए तैयार नहीं हुआ था। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने 26 जनवरी, 2015 को गणतंत्र दिवस के मौके पर ओबामा को मुख्य अतिथि बनने का न्योता दिया। रोड्स के मुताबिक, ओबामा के शीर्ष सलाहकारों ने उन्हें कांग्रेस के संयुक्त सत्र के संबोधन को आगे बढ़ाकर भारत जाने और मोदी के साथ निजी संबंधों को और मजबूत बनाने की सलाह दी।
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ओबामा ने ऐसा ही किया। रोड्स ने बताया कि पेरिस में जलवायु सम्मेलन में ओबामा और मोदी की मुलाकात हुई थी। कोयले का इस्तेमाल रोकने के लिए मोदी तैयार नहीं हो रहे थे। इस पर ओबामा ने कहा था कि वह भी अश्वेत हैं। उनकी (मोदी) परेशानियों को समझते हैं, लेकिन पुरानी बातों को पकड़कर रखने से आगे नहीं बढ़ा जा सकता। बाद में भारत ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया था।