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खगोलीय घटना : 2031 में दिखेगा सबसे बड़ा धूमकेतु

Wed, 30 Jun 2021 08:21 AM IST
Kuldeep Singh न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Published by: Kuldeep Singh Updated Wed, 30 Jun 2021 08:21 AM IST
सार

  • आकार में यह धूमकेतु अमेरिका के हवाई द्वीप से बड़ा माना जा रहा है 1990 के दशक में नजर आया हेल बॉप्प धूमकेतु करीब 25 मील लंबा है। एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान कॉलीन स्नोडग्रास के अनुसार अब तक का सबसे बड़ा धूमकेतु हो सकता है।

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Astronomical event: the largest comet will be seen in 2031
धूमकेतु - फोटो : twitter

विस्तार

अब तक का सबसे बड़ा धूमकेतु सूर्य के निकट आ रहा है। 10 साल बाद यानी 2031 में हम इसे दूरबीन की सहायता से पृथ्वी से ही देख सकेगें। इस धूमकेतु आकार का 62-125 मील तक होने का अनुमान है।

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बर्नार्डिनेल्ली-बर्नस्टीन का आकार अमेरिका के हवाई द्वीप से भी बड़ा
'सी/2014 यूएन 271' धूमकेतु को पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के खगोल भौतिकशास्त्री बर्नार्डिनेल्ली व पेड्रो गैरी बर्नस्टीन द्वारा खोजा गया। इन दोनों के ही नाम पर इसे बर्नार्डिनेल्ली-बर्नस्टीन नाम दिया गया।
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आकार में यह धूमकेतु अमेरिका के हवाई द्वीप से बड़ा माना जा रहा है 1990 के दशक में नजर आया हेल बॉप्प धूमकेतु करीब 25 मील लंबा है। एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान कॉलीन स्नोडग्रास के अनुसार अब तक का सबसे बड़ा धूमकेतु हो सकता है।
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अध्ययन का अवसर
धूमकेतु अक्सर बर्फ के बने होते हैं और इनकी उम्र सूर्य के बराबर मानी जाती है। अनुमान है कि हमारी पृथ्वी पर पानी व जीवन के लिए उपयोगी तत्व पहुंचाने में इनका हाथ था। यही वजह है कि  हमें अध्ययन का एक अनूठा अवसर देने जा रहा है।

अभी नेपच्यून की कक्षा में
अभी यह धूमकेतु नेपच्यून की कक्षा में है। अगले 10 वर्ष में हमारे सौरमंडल में दाखिल होगा। इस दौरान सूर्य की किरणों से इस पर मौजूद अधिकतर बर्फ पिघल जाएगी। जिससे यह ज्यादा चमकीला नजर आएगा। पृथ्वी से हम इसे 200 करोड़ किमी से देख पाएंगे।


200 करोड़ मील दूर से देखेंगे
इस धूमकेतु को सूर्य का एक चक्कर लगाने में करीब 30 लाख वर्ष लगते हैं। अगली बार जब यह सूर्य के निकट आया था तब मानव का पृथ्वी पर अस्तित्व नहीं था। अगली बार जब यह लौटे, तब पृथ्वी पर मानव का अस्तित्व होगा या नहीं, कुछ कहा नहीं जा सकता।

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