भ्रूण बदलने का पहला मामला आया सामने, महिला ने दूसरे दंपती के बच्चों को दिया जन्म
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डिलीवरी के बाद नवजात बदलने की घटनाओं के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा। लेकिन हाल ही में न्यूयॉर्क में भ्रूण बदलने का एक मामला सामने आया है, जो संभवत: अब तक का पहला मामला है और अमेरिका की अदालत तक पहुंच चुका है।
यह है मामला
दरअसल यह मामला पिछले साल का है जब बच्चा न होने पर एशियाई दंपती एक फर्टिलिटी क्लीनिक में आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए गए थे। डिलीवरी के बाद उन्हें डीएनए टेस्ट के जरिए पता चला कि दोनों ही बच्चे उनके नहीं हैं। वे सीएचए फर्टिलिटी क्लीनिक में गए थे, जहां दंपती के स्पर्म और एग लेकर पांच भ्रूण तैयार किए थे। इसमें चार लड़कियों और एक लड़के का भ्रूण था।
आईवीएफ ट्रीटमेंट से उनका पहला प्रयास असफल रहा था, जिसके बाद सितंबर 2018 में किए गए दूसरे प्रयास में महिला गर्भवती हुई। सोनोग्राफी जांच से उनके दो जुड़वा बच्चों की पुष्टि हुई थी। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों ही बच्चे एशियाई नहीं थे जबकि दंपती एशिया की है। डीएनए टेस्ट से पता चला कि दोनों ही बच्चे अलग-अलग दंपती के थे। इस कारण बच्चों को उन्हें उनके माता-पिता को सौंपना पड़ा।
क्लीनिक के सह-मालिक से की थी शिकायत
दंपती ने क्लीनिक के सह-मालिक से भी की थी। सह-मालिक ने उन्हें कहा था कि सोनोग्राफी एक शत-प्रतिशत जानकारी देने वाली जांच नहीं है इसलिए उन्हें सिर्फ इसके परिणाम पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
दंपती ने खर्च किए थे 68 लाख रुपये
इस संदर्भ में मका कहना है कि, 'उन्हें शारीरिक और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा है। उन्हें यह भी नहीं मालूम है कि उनसे भ्रूण कहां हैं क्योंकि क्लीनिक से जुड़े डॉक्टर और स्टाफ जवाब नहीं दे रहे हैं।' इस ट्रीटमेंट में दंपती ने 68 लाख रुपये खर्च किए थे, जिसमें डॉक्टर की फीस, दवाएं, जांच और यात्रा का खर्च शामिल है।