अफगानिस्तान: अशरफ गनी बोले- खून की नदियां बहने से बचाने के लिए मैंने देश छोड़ना बेहतर समझा
- अशरफ गनी ने कहा तालिबान ने तलवार और बंदूकों के दम पर जीत हासिल की है
- बयान में कहा कि इतिहास ने ऐसी शक्तियों को कभी नहीं अपनाया है
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विस्तार
अमेरिका की सेना के जाने के कुछ दिनों बाद ही तालिबान ने तेजी से अफगानिस्तान के प्रांतों को अपने कब्जे में ले लिया। अब वह पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर चुका है। खतरे को देख राष्ट्रपति अशरफ गनी भी देश छोड़कर भाग गए। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
अशरफ गनी ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा- आज मेरे सामने एक कठिन चुनाव आया कि मुझे हथियारों से लैस तालिबान का सामना करना चाहिए, जो महल में घुसना चाहता था या मुझे अपने प्यारे देश अफगानिस्तान को छोड़ना था। मैंने पिछले बीस वर्षों में अफगानिस्तान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
In order to avoid bleeding flood, I thought it was best to get out.Taliban have won judgment of sword&guns&now they're responsible for protecting countrymen's honour, wealth&self-esteem...Never in history has dry power given legitimacy to anyone&won't give it to them:Ashraf Ghani
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 15, 2021
उन्होंने कहा कि खून की नदियां बहने से बचाने के लिए मैंने सोचा कि देश से बाहर जाना ही ठीक है। तालिबान ने तलवार और बंदूकों के दम पर जीत हासिल की है और अब वे देशवासियों के सम्मान, धन और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे। इतिहास ने ऐसी शक्तियों को कभी नहीं अपनाया है।
गनी ने आगे बयान में कहा कि तालिबान के लिए आवश्यक है कि वह अफगानिस्तान के सभी लोगों, राष्ट्रों, विभिन्न क्षेत्रों, बहनों और महिलाओं को वैधता और लोगों का दिल जीतने का आश्वासन दे। और वह जनता के साथ मिलकर एक स्पष्ट योजना बनाए। मैं हमेशा अपने देश की सेवा करता रहूंगा।
तालिबान का कब्जा
बता दें कि अफगानिस्तान पर 20 साल के बाद एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है। उसने देश के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया है। टोलो न्यूज के मुताबिक, यहां सत्ता हस्तांतरण की प्रकिया भी पूरी हो गई है। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान को सत्ता सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, नई अंतरिम सरकार के अंतरिम प्रमुख के रूप में अली अहमद जलाली का नाम सबसे आगे चल रहा है। राष्ट्रपति गनी ने देश छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि गनी ताजिकिस्तान जा रहे हैं।
काबुल की पुलिस ने अपने हथियार तालिबान को सौंप दिए हैं। इससे पहले आंतरिक और विदेश मामलों के कार्यवाहक मंत्रियों अब्दुल सत्तार मिर्जाकवाल ने अलग-अलग वीडियो क्लिप में आश्वासन दिया कि काबुल के लोगों को सुरक्षित किया जाएगा, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ शहर की रक्षा कर रहे हैं।