फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   As news of the strike in Norway break, oil and gas prices across Europe jumped to their highest level in four months

यूरोप में बढ़ी मुसीबत: नॉर्वे में हड़ताल से गैस पाना हुआ और मुश्किल

Fri, 08 Jul 2022 04:26 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 08 Jul 2022 04:26 PM IST
सार

संकट इतना गहरा है कि जर्मन सरकार ने देशवासियों से इस साल सर्दियों में गैस की राशनिंग के लिए तैयार रहने को कहा है। रूस ने तीन हफ्ते पहले नॉर्ड स्ट्रीम-1 पाइपलाइन से गैस की सप्लाई में भारी कटौती कर दी थी। इस समय इस पाइपलाइन की क्षमता की तुलना में 40 फीसदी गैस ही रूस यूरोप को दे रहा है....

विज्ञापन
As news of the strike in Norway break, oil and gas prices across Europe jumped to their highest level in four months
नॉर्वे में हड़ताल - फोटो : Agency

विस्तार

नॉर्वे में तेल और गैस कर्मियों की हड़ताल ने यूरोप में एक नई मुश्किल खड़ी कर दी है। नॉर्वे यूरोप में तेल और गैस का एक प्रमुख उत्पादक देश है। मंगलवार को वहां वेतन विवाद को लेकर तेल और गैस कंपनियों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। उन्होंने अगले हफ्ते अपना आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। इस हड़ताल के कारण उत्तरी सागर में मौजूद तीन तेल और गैस उत्पादन स्थलों पर काम ठहर गया है।

विज्ञापन


यूरोप में रूस के बाद नॉर्वे ऊर्जा का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर है। कर्मचारियों की हड़ताल की खबर आते ही पूरे यूरोप में तेल और गैस की कीमत उछल कर चार महीनों के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गई। उसके बाद नॉर्वे सरकार ने कहा कि वह हड़ताल जल्द खत्म कराने के उपाय कर रही है। उसने एक वेतन ट्रिब्यूनल के गठन का प्रस्ताव किया है, ताकि विवाद हल हो सके।
विज्ञापन


नॉर्वे की श्रम मंत्री मार्ते मियोस पर्सेन ने कहा है कि नॉर्वे सरकार आम तौर पर कंपनियों और कर्मचारियों के विवाद में दखल नहीं देती। लेकिन इस मामले में उसने तुरंत कंपनी अधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की। नॉर्वे की तेल और गैस कंपनियों के मुताबिक हड़ताल के कारण वहां से यूरोप को गैस के होने वाले निर्यात में नौ जुलाई से 60 फीसदी तक की कमी आ जाएगी। रूसी गैस की सप्लाई घटने से यूरोप को पहले से ही गैस की रिकॉर्ड महंगाई का सामना करना पड़ रहा था। अब उसके सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रूस दे रहा केवल 40 फीसदी गैस यूरोप को

संकट इतना गहरा है कि जर्मन सरकार ने देशवासियों से इस साल सर्दियों में गैस की राशनिंग के लिए तैयार रहने को कहा है। रूस ने तीन हफ्ते पहले नॉर्ड स्ट्रीम-1 पाइपलाइन से गैस की सप्लाई में भारी कटौती कर दी थी। इस समय इस पाइपलाइन की क्षमता की तुलना में 40 फीसदी गैस ही रूस यूरोप को दे रहा है। रूस ने ये कदम यूरोपीय कंपनियों के गैस की कीमत का भुगतान रूसी मुद्रा रुबल में करने से इनकार करने के बाद उठाया। उसने कहा है कि अगर ये कंपनियां रुबल में भुगतान करने को तैयार नहीं हुईं, तो अगले दस दिन में वह गैस की सप्लाई पूरी तरह रोक देगा। इसी बीच नॉर्वे में हड़ताल की समस्या खड़ी हो गई है। नॉर्वे में कर्मचारी बढ़ी महंगाई के अनुपात में वेतनवृद्धि की मांग कर रहे हैं।



इस बीच जारी हुए ताजा आंकड़ों के मुताबिक यूरोप के गैस भंडार अभी 59 फीसदी भरे हुए हैं। फ्रिट्श्च नामक एजेंसी के इन आंकड़ों के मुताबिक आम तौर पर जुलाई महीने में यूरोपीय गैस भंडार 62 फीसदी तक भरे रहते थे। निजी कंपनी- कोमोडिटी इंटेलीजेंस सर्विसेज के विश्लेषक एलेक्स फ्रोले ने कहा है कि यूरोप के ऊपर एक और बड़ी समस्या यह मंडरा रही है कि अमेरिका में एलएनजी (लिक्विफाइड नैचुरल गैस) का एक बड़ा संयंत्र बंद हो गया है। फ्रोले ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा कि पिछले महीने लगी आग के बाद से इस संयंत्र में उत्पादन रुका हुआ है। एनालिटिक्स फर्म- वोर्टेक्सा के मुताबिक अमेरिका से एलएनजी के होने वाले कुल निर्यात में इस प्लांट का योगदान 20 प्रतिशत है। वहां उत्पादन ना होने से यूरोप के लिए गैस का एक और स्रोत फिलहाल बाधित हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed