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अनुच्छेद 370 पर बढ़ी पाक की बौखलाहट, अब्दुल बासित ने दी युद्ध की गीदड़भभकी
Mon, 12 Aug 2019 08:07 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 12 Aug 2019 08:07 PM IST
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अब्दुल बासित (फाइल)
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विवादित प्रावधानों को खत्म किए जाने से नाराज पाकिस्तान अब युद्ध जैसी तैयारियां कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन न मिलने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और सेना जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिशों में लग गए हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर गिलगित बाल्टिस्तान में स्थित स्कर्दू हवाई अड्डे पर अपने जेएफ-17 युद्ध विमानों को तैनात कर दिया है। यह हवाई अड्डा लद्दाख के नजदीक है। भारतीय खुफिया एजेंसियां पाकिस्तानी सेना की इन गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
पाकिस्तान की वायुसेना ने शनिवार को अपने तीन सी-130 हरक्यूलस परिवहन विमानों से सैन्य साजो-सामान को स्कर्दू हवाई अड्डे पर पहुंचाया। जानकारों के मुताबिक पाकिस्तान ने अग्रिम मोर्चे पर जो साजो-सामानों पहुंचाया है उसका उपयोग युद्ध के दौरान लड़ाकू विमानों की सहायता के लिए किया जाता है।
भारत द्वारा कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने के मुद्दे पर पाकिस्तान को किसी का साथ नहीं मिल रहा है। दुनियाभर ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया है। मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व सहित वहां के कई नेता लगातार गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर इस मुद्दे को गरमाने के प्रयास में लगे हैं। अब भारत में पाकिस्तान के राजनयिक रहे अब्दुल बासित ने युद्ध की धमकी दी है। बासित ने कहा कि यदि भारत हद पार करे तो युद्ध करना चाहिए।
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अब्दुल बासित ने कहा, "कश्मीर में संघर्ष के चार मोर्चे हैं। पहला, नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई। दूसरा, पाकिस्तान के आत्मनिर्णय के साथ कूटनीतिक प्रयास जारी रहें। तीसरा, पाकिस्तानी और कश्मीरी प्रवासी इस संबंध में अपनी कोशिशें जारी रहें। चौथा, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कश्मीर में राजनीतिक लड़ाई जारी रहे। यदि भारत अपनी हदें पार करे तो युद्ध की तरफ बढ़ा जाए।"
अब्दुल बासित के नापाक इरादे यहीं खत्म नहीं होते। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से जम्मू-कश्मीर के मामलों के लिए विदेश मंत्रालय में अलग सेल बनाने की मांग भी की, जिसका नेतृत्व विशेष राजनयिक करें। बासित ने कहा, "सही और प्रभावी कूटनीति के लिए सही संगठनात्मक संरचना बहुत जरूरी है। कश्मीर पर पाकिस्तान को अपनी पुरानी नीति में बदलाव लाना होगा।"
पाकिस्तान द्वारा किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना भी पूरी तरह से तैयार है। भारत की खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा पर सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। सेना, वायुसेना और नौसेना अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रही हैं। इस बाबत रक्षा खरीदारियों में भी तेजी देखी जा रही है।
हाल में ही सेना ने पाक के बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) के पांच से सात घुसपैठियों को ढेर कर दिया था। ये सभी भारत में किसी बड़े आतंकी हमले की फिराक में सीमा को पार करने की कोशिश कर रहे थे।
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पाकिस्तान की वायुसेना ने शनिवार को अपने तीन सी-130 हरक्यूलस परिवहन विमानों से सैन्य साजो-सामान को स्कर्दू हवाई अड्डे पर पहुंचाया। जानकारों के मुताबिक पाकिस्तान ने अग्रिम मोर्चे पर जो साजो-सामानों पहुंचाया है उसका उपयोग युद्ध के दौरान लड़ाकू विमानों की सहायता के लिए किया जाता है।
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भारत द्वारा कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने के मुद्दे पर पाकिस्तान को किसी का साथ नहीं मिल रहा है। दुनियाभर ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया है। मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व सहित वहां के कई नेता लगातार गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर इस मुद्दे को गरमाने के प्रयास में लगे हैं। अब भारत में पाकिस्तान के राजनयिक रहे अब्दुल बासित ने युद्ध की धमकी दी है। बासित ने कहा कि यदि भारत हद पार करे तो युद्ध करना चाहिए।
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Kashmir struggle on four fronts:1. Legal battle by NC et al in Supreme Court for two articles; 2.Pak pursuing self determination diplomatically 3. Pak/Kashmiri diaspora doing their bit; 4. Most important sustained political resistance in IOK. If India crosses redline, then war1/2
— Abdul Basit (@abasitpak1) August 12, 2019
अब्दुल बासित ने कहा, "कश्मीर में संघर्ष के चार मोर्चे हैं। पहला, नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई। दूसरा, पाकिस्तान के आत्मनिर्णय के साथ कूटनीतिक प्रयास जारी रहें। तीसरा, पाकिस्तानी और कश्मीरी प्रवासी इस संबंध में अपनी कोशिशें जारी रहें। चौथा, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कश्मीर में राजनीतिक लड़ाई जारी रहे। यदि भारत अपनी हदें पार करे तो युद्ध की तरफ बढ़ा जाए।"
Pak must establish Jammu and Kashmir Cell in Foreign Office headed by Special Envoy on J&K. Appropriate organisational structure is a must for coherent and effective diplomacy. Time for as hocism on Kashmir long gone. 2/2
— Abdul Basit (@abasitpak1) August 12, 2019
अब्दुल बासित के नापाक इरादे यहीं खत्म नहीं होते। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से जम्मू-कश्मीर के मामलों के लिए विदेश मंत्रालय में अलग सेल बनाने की मांग भी की, जिसका नेतृत्व विशेष राजनयिक करें। बासित ने कहा, "सही और प्रभावी कूटनीति के लिए सही संगठनात्मक संरचना बहुत जरूरी है। कश्मीर पर पाकिस्तान को अपनी पुरानी नीति में बदलाव लाना होगा।"
पाकिस्तान द्वारा किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना भी पूरी तरह से तैयार है। भारत की खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा पर सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। सेना, वायुसेना और नौसेना अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रही हैं। इस बाबत रक्षा खरीदारियों में भी तेजी देखी जा रही है।
हाल में ही सेना ने पाक के बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) के पांच से सात घुसपैठियों को ढेर कर दिया था। ये सभी भारत में किसी बड़े आतंकी हमले की फिराक में सीमा को पार करने की कोशिश कर रहे थे।