फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Antony Blinken says Taliban actions will define ties with global community

अमेरिका: विदेश मंत्री ब्लिंकन बोले- तालिबान की कार्रवाइयों पर निर्भर करेगा वैश्विक समुदाय के साथ संबंध

Fri, 24 Sep 2021 03:13 PM IST
प्रशांत कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Fri, 24 Sep 2021 03:13 PM IST
सार

अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा कि तालिबान लगातार वैधता, अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांग रहा है। वैश्विक समुदाय के लिए हमारा संदेश यही है कि तालिबान को वैधता या समर्थन प्रमुख क्षेत्रों में उसके द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने पर निर्भर करता है। 

विज्ञापन
Antony Blinken says Taliban actions will define ties with global community
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि तालिबान के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संबंध उसकी कार्रवाइयों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि यह  दुनिया के लिए कोई एहसान नहीं है बल्कि स्थिर और सुरक्षित अफगानिस्तान एक बुनियादी आवश्यकता है। ब्लिंकन ने गुरुवार को कहा, ‘‘ तालिबान वैधता चाहता है, वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन चाहता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ तालिबान का संबंध उसकी कार्रवाइयों से परिभाषित किया जाएगा। हम यही देखना चाहते हैं और यह सिर्फ हम (अमेरिका) ही नहीं बल्कि सुरक्षा परिषद और दुनियाभर के इसके सदस्य देश देखना चाहते हैं।’’

विज्ञापन


संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्री ब्लिकन से पूछा गया था कि क्या जिन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के आधार पर तालिबान की वैधता टिकी है, उसको लेकर चीन, पाकिस्तान जैसे देशों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी पांच स्थायी सदस्यों की राय एक है। ब्लिंकन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस संबंध में एक मजबूत दृष्टिकोण, एकता की जरूरत है। जाहिर है यह सिर्फ मैं नहीं कह रहा हूं बल्कि यह कुछ हफ्ते पहले 30 अगस्त को पारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में भी परिलक्षित होता है।’’
विज्ञापन


अगस्त में 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए भारत की अध्यक्षता के दौरान परिषद के प्रस्ताव 2593 को स्वीकार किया गया था। प्रस्ताव में यह कहा गया है कि अफगान सरजमीन का इस्तेमाल किसी भी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकवादियों को शरण देने या प्रशिक्षित करने के लिए या आतंकवादी कृत्यों की साजिश रचने अथवा उसके वित्तपोषण के लिए नहीं किया जाना चाहिए और संकल्प 1267 (1999) के अनुसार नामित व्यक्तियों और संस्थाओं सहित, अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व को दोहराते हुए इस संबंध में तालिबान की प्रासंगिक प्रतिबद्धताओं का हवाला दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जी 20 बैठक में अफगानिस्तान पर चर्चा
ब्लिंकन ने संवाददाताओं से कहा कि वर्तमान में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय 76वें सत्र के दौरान सुरक्षा परिषद, जी20 के साथ-साथ कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में अफगानिस्तान चर्चा का केंद्र था। उन्होंने कहा, ‘‘उन बैठकों में हमने (अमेरिका ने) रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपने दृष्टिकोण में एकजुट रहना महत्वपूर्ण है।’’
 अंतरराष्ट्रीय समर्थन के लिए तालिबान की गतिविधियों को देखना जरूरी
ब्लिंकन ने कहा, ‘‘तालिबान लगातार वैधता, अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांग रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए हमारा संदेश यही है कि तालिबान को वैधता या समर्थन प्रमुख क्षेत्रों में उसके द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने पर निर्भर करता है, जो हाल के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में भी निहित हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए समर्थन नहीं हैं। यह एक स्थिर, सुरक्षित अफगानिस्तान के लिए मूलभूत आवश्यकता है।’’

संयुक्त राष्ट्र में जगह मिले तो अमेरिका-ईयू से रिश्ते सुधारेंगेः तालिबान

तालिबान ने शुक्रवार को कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र उसके प्रतिनिधि सुहैल शाहीन को मान्यता दे तो वह अमेरिका व यूरोपीय संघ सहित सभी देशों के साथ रिश्तों में सुधार लाने की कोशिश करेगा। तालिबान के सूचना व संस्कृति उप-मंत्री जबीहुल्ला मुजाहिद ने मित्र देशों से संयुक्त राष्ट्र में सीट हासिल करने के लिए मदद देने की अपील भी की। मुजाहिद ने दावा किया, संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व तालिबान का हक है।

अपने लड़ाकों को तालिबान ने चेताया, लोगों को परेशान न करें

तालिबान ने ताकत का बेवजह इस्तेमाल करने वाले और हिंसा में लिप्त अपने लड़ाकों को आगाह किया है। तालिबान के रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब ने लड़ाकों से लोगों को दी गई आममाफी का सम्मान करने, घरों में घुसकर लोगों को परेशान करने और वीडियो बनाने व तस्वीरें नहीं लेने के लिए कहा है। याकूब ने एक ऑडियो संदेश में कहा, कई लड़ाकों द्वारा हिंसा करने और हत्याएं किए जाने की शिकायतें मिली हैं। तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे याकूब ने चेतावनी दी कि बिना इजाजत किसी को मौत की सजा देने और संगठन की तरफ से दी गई आममाफी के बावजूद बदला लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खामा प्रेस की खबर के मुताबिक, याकूब ने लड़ाकों से कहा- ठीक से व्यवहार करें। इस्लामी अमीरात को अपनी हरकतों से बदनाम न करें।

अफगानिस्तान पर जवाबदेही से बच नहीं सकता अंतरराष्ट्रीय समुदाय

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगानी नागरिकों को और अफगानिस्तान के प्रति जवाबदेही से खुद को मुक्त नहीं कर सकता। युद्ध से जर्जर हो चुके देश में 20 साल तक सैन्य दखल के बाद उन्हें ऐसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से काबुल के साथ संपर्क बनाए रखने की अपील की। एक्सप्रेस ट्रिब्यून समाचार पत्र के मुताबिक इमरान खान ने कहा है कि दशकों से जारी युद्ध ने अफगानिस्तान को आर्थिक, सामाजिक रूप से तोड़ दिया है। ऐसे में क्षेत्र में शांति और स्थिरता की किरण नजर आ रही है। उन्होंने चेताया कि यदि अफगानिस्तान को लेकर क्षेत्रीय और वैश्विक ताकतों में रस्साकशी जारी रही तो इससे अफगानिस्तान के हालात और खराब होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed