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Research: पोस्ट कोविड परेशानी झेल रहे मरीजों के इलाज की दिखी राह, शोध में मिला एंटी इंफ्लेमेटरी पैटर्न

Thu, 29 Dec 2022 07:04 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 29 Dec 2022 07:04 AM IST
सार

ऑस्ट्रिया के विएना विवि के शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण के बाद थकान की परेशानी को लेकर नए सबूत पेश किए हैं। शोधकर्ताओं ने दिखाया कि लंबे समय तक कोविड सिंड्रोम यानी एलसीएस के लिए एक अतिरंजित विरोधी आक्रामक प्रतिक्रिया जिम्मेदार होने की संभावना है।

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Anti-inflammatory pattern found in research, shows way to treat patients suffering from post-covid problems
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

लंबे समय तक पोस्ट कोविड की परेशानी झेल रहे मरीजों में एक एंटी-इंफ्लेमेटरी पैटर्न यानी सूजन को ठीक करने के एक तरीके का पता चला है, जिसकी मदद से मरीज में थकान के कारणों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। इससे उपचार में मदद मिल सकती है।

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ऑस्ट्रिया के विएना विवि के शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण के बाद थकान की परेशानी को लेकर नए सबूत पेश किए हैं। शोधकर्ताओं ने दिखाया कि लंबे समय तक कोविड सिंड्रोम यानी एलसीएस के लिए एक अतिरंजित विरोधी आक्रामक प्रतिक्रिया जिम्मेदार होने की संभावना है। मेडिकल जर्नल आईसाइंस में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया कि दुनिया में लाखों लोग कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी महीनों तक अलग-अलग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। चिकित्सा के लिहाज से इन रोगियों को एलसीएस पीड़ित माना जाता है। 
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प्रो. गर्नर ने कहा, पोस्ट कोविड परेशानियां झेल रहे मरीजों में सूजन होना सामान्य है और इसकी पहचान करना काफी मुश्किल है। अध्ययन में हमने जिन संकेतकों का इस्तेमाल किया वे सभी सूजनरोधी के तौर पर बहुत काम आ सकते हैं।
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भारत में 10 में से एक को ऐसी बीमारियां
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का एक अध्ययन बताता है कि कोरोना की चपेट में आए 10 में से एक व्यक्ति अस्पताल से घर जाने के एक वर्ष बाद भी पोस्ट कोविड से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। चूंकि दुनिया में अब तक पोस्ट कोविड परिभाषित नहीं है, इसलिए खासतौर पर पोस्ट कोविड का उपचार भी मौजूद नहीं है।


आसान नहीं है इन बीमारियों को पहचानना
अध्ययन के अनुसार, रसायन विशेषज्ञ प्रो. क्रिस्टोफर गर्नर के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने मास स्पेक्ट्रोमेट्री-आधारित पोस्ट जीनोमिक विश्लेषण तकनीकों का उपयोग करते हुए एलसीएस पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। अध्ययन में कहा गया है कि कोविड से ठीक होने वालों में से कुछ में साइटोकिन्स, तीव्र चरण प्रोटीन और ईकोसैनोइड्स जैसे संबंधित मार्कर जो सूजन का संकेत देते हैं, इनकी पहचान आसान नहीं है।

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