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दावा: अमरूल्लाह सालेह के बड़े भाई की हत्या, तालिबान ने दरिंदगी के बाद मौत के घाट उतारा

Fri, 10 Sep 2021 05:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 10 Sep 2021 05:22 PM IST
सार

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तालिबानी लड़ाकों ने पंजशीर में बीती रात रोहुल्लाह सालेह की बर्बरता से हत्या कर दी। पंजशीर वही इलाका है, जहां पर अभी तालिबान का राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा और नॉर्दर्न अलायंस के साथ संघर्ष चल रहा है।

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Amrullah Salehs Brother Rohullah Tortured to Death by Taliban Claimed Report
रोहुल्लाह सालेह - फोटो : साेशल मीडिया

विस्तार

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद वहां दिन पर दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इस बीच खबर आ रही है कि तालिबान के कब्जे से पहले अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति रहे अमरूल्लाह सालेह के बड़े भाई रोहुल्लाह सालेह की हत्या कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें दरिंदगी के बाद मौत के घाट उतार दिया गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तालिबानी लड़ाकों ने पंजशीर में बीती रात रोहुल्लाह सालेह की बर्बरता  के साथ हत्या कर दी।

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जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात तालिबान और नॉदर्न अलायंस के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसी घटना में सालेह के बड़े भाई को मार गिराया गया। ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि तालिबान के लड़ाकों ने रोहुल्लाह सालेह को काफी टॉर्चर किया था। हालांकि, अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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तालिबान ने किया पंजशीर पर जीत का दावा
रिपोर्ट में यह दावा ऐसे वक्त किया गया है, जब तालिबानी लड़ाके की उसी स्थान पर बैठे हुए तस्वीर सामने आई है, जहां से अमरूल्लाह सालेह ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा था कि वह अभी भी पंजशीर में है। इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर यह दावा किया जा रहा है कि तालिबान ने उस जगह के पुस्तकालय पर कब्जा कर लिया है, जहां अमरूल्लाह सालेह रह रहा था।
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पंजशीर ने आजादी के लिए जंग लड़ी
पंजशीर वहीं इलाका है, जहां पर अभी तालिबान का राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा और नॉर्दर्न अलायंस के साथ संघर्ष चल रहा है। 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान ने अपना कब्जा जमा लिया था। हालांकि, पंजशीर में नॉर्दर्न अलायंस ने अपनी आजादी की जांग जारी रखी थी। अशरफ गनी के देश छोड़कर जाने के बाद अमरूल्लाह सालेह ने पंजशीर के लड़ाकों को खुला समर्थन दिया था। उनकी तरफ से कई मौकों पर तालिबान को खुली चेतावनी भी दी गई है।

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