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रूस-यूक्रेन युद्द के बीच पुतिन ने की आर्मेनिया और अजरबैजान की मेजबानी, सोच्चि में हुई त्रिपक्षीय शांति वार्ता
Mon, 31 Oct 2022 11:20 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 31 Oct 2022 11:20 PM IST
सार
पुतिन ने शांति वार्ता की मेजबानी ऐसे समय में की है, जब आठ महीने से भी ज्यादा वक्त से रूस- यूक्रेन के साथ युद्ध में है। रूस उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन।
- फोटो : ANI
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विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को आर्मेनिया और अजरबैजान के नेताओं की मेजबानी की। ताकि दोनों देशों के बीच जारी टकराव के समाधान की कोशिश की जा सके। दोनों देश पूर्व सोवियत संघ के पड़ोसी हैं। इनके बीच नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर लंबे समय से विवाद है।
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पुतिन ने शांति वार्ता की मेजबानी ऐसे समय में की है, जब आठ महीने से भी ज्यादा वक्त से रूस- यूक्रेन के साथ युद्ध में है। रूस उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है।
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आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनियन के साथ शुरुआती बैठक में पुतिन ने कहा कि उनका लक्ष्य शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है। काला सागर तट पर सोची शहर में हुई इस बैठक को लेकर पुतिन ने कहा कि इस बैठक का मकसद आर्मेनिया के आर्थिक व सामाजिक विकास में मदद करने के लिए बुनियादी ढांचे की बाधाओं को दूर करना है।
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रूसी राष्ट्रपति ने त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन से पहले अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ भी अलग बैठक की। पुतिन ने सोमवार कहा, हम आर्मेनिया-अजरबैजान सीमा और काराबाख के आसपास जो हो रहा है, उसके प्रति अपने सहयोगियों के दृष्टिकोण को देख रहे हैं। यह संघर्ष एक दशक से जारी है, इसलिए हमें अब इसे समाप्त करने की आवश्यकता है।
आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच दशों से नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर दशकों से संघर्ष जारी है। यह क्षेत्र अजरबैजान का हिस्सा है, लेकिन 1994 में अलगाववादी संघर्ष खत्म होने के बाद से यह आर्मेनिया समर्थित जातीय बलों के नियंत्रण में है।