ग्रीन कार्ड : ट्रंप प्रशासन के सख्त रुख पर सुप्रीम मुहर, नागरिकता पाने में आएगी दिक्कत
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अमेरिकी सर्वोच्च अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सख्त आव्रजन नीति को आगे बढ़ाने के लिए अपनी सहमति दे दी है जिसका डेमोक्रेटिक सांसद विरोध करते रहे हैं। इस नीति के तहत अब अमेरिका में स्थायी रूप से रहने के लिए ग्रीन कार्ड और नागरिकता हासिल करने में परेशानी आ सकती है। न्यायपालिका ने इस नीति को 5-4 मतों से मंजूरी दे दी है।
इस नई नीति के तहत अमेरिकी प्रशासन भविष्य में सरकारी सहायता की जरूरत समझे जाने वाले अप्रवासियों को कानूनी स्थायी निवास से इनकार कर सकता है। निचली अदालत के निर्देशों के तहत अब तक यह नीति रुकी हुई थी लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इसे 5-4 के मत विभाजन से मंजूरी दे दी। आव्रजन अधिकार के पक्षधर इस नीति की इसलिए आलोचना कर रहे थे क्योंकि यह गैर-श्वेत प्रवासियों को असमान रूप से अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं देगी।
मंजूरी देने वाले पांच जजों में जॉन रॉबर्ट्स और ट्रंप द्वारा नियुक्त दो अन्य जज शामिल हैं, जबकि चार उदारवादी जजों ने ट्रंप प्रशासन की इस नीति को खारिज किया। इस नीति के लागू होने पर अमेरिका में सस्ते में उपचार व सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिहाज से आने वाले निम्न आय वर्ग के निर्धन और असहाय आव्रजकों के सामने अब नई अड़चन खड़ी हो सकती हैं।
कई पेचीदगियों का करना पड़ेगा सामना
अमेरिकी सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में ट्रंप प्रशासन के जिस प्रस्ताव पर मुहर लगाई है उसमें कहा गया था कि ऐसे सभी आव्रजकों को वीजा देने में कड़ाई बरती जाए, जो फूड स्टैम्प, उपचार के लिए मेडिकेड और आवासीय सुविधाओं के नाम पर आव्रजक रूप में अमेरिका आते हैं। इन लोगों को ग्रीन कार्ड और अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में पेचीदगियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रस्ताव में ऐसे सभी वीजा आवेदकों से करीब आठ हजार डॉलर का एक बॉन्ड सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा गया था। इसकी देशभर में निंदा हुई थी और कुछ राज्यों ने इसे अमीर-गरीब के बीच पक्षपात वाला भी बताया गया था।
मजबूत होगा ट्रंप का चुनाव अभियान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ही सख्त आव्रजन नीतियों के पक्षधर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा फैसला ट्रंप के लिए 2020 में राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान को और मजबूती देगा। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिकागो को छोड़कर पूरे देश में लागू किया जा सकेगा क्योंकि शिकागो की एक अदालत में एक अन्य याचिका विचाराधीन है। अदालत के फैसले पर गृह सुरक्षा विभाग के मंत्री ने प्रसन्नता जताई है।