फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   American Senate passed a bill in support of protesters in Hong Kong

अमेरिकी संसद में हांगकांग प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बिल पास,चीन की मुसीबतें बढ़ी

Thu, 21 Nov 2019 06:44 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 21 Nov 2019 06:44 AM IST
सार

  • हांगकांग में लोकतांत्रिक आजादी को लेकर पिछले छह माह से हो रहा है आंदोलन
  • चीन और हांगकांग की सरकार पर अब लग रहे हैं मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप 
  • पास हुए बिल को 'हांगकांग ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी एक्ट' नाम दिया गया है
  • प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका से इस बिल को जल्द ही कानून बनाने की अपील की है

विज्ञापन
American Senate passed a bill in support of protesters in Hong Kong
हांगकांग प्रदर्शन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हांगकांग के मुद्दे पर दो तरफा घिरे चीन के लिए अमेरिका मुसीबत बन रहा है। यहां की संसद ने प्रदर्शनकारियों के हक में एक बिल पास कर चीन को चिढ़ाने का काम किया है। ये प्रदर्शनकारी लोकतांत्रिक आजादी को लेकर पिछले छह माह से आंदोलन कर रहे हैं। 

विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए चीन का रवैया भी लगातार सख्त होता जा रहा है। इसी के चलते चीन और हांगकांग की सरकार पर अब मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका लगातार प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयानबाजी कर रहा है। 
विज्ञापन


यही वजह है कि चीन और अमेरिका के बीच रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं। ट्रेड वार के बाद इन रिश्तों में गिरावट की यह दूसरी बड़ी वजह बना है। इस बिल को कानून बनाने के लिए जरूरी होगा कि अमेरिका का विदेश मंत्रालय हांगकांग को मिले विशेष दर्जे और व्यापार में मिली छूट की सालाना समीक्षा करे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि हांगकांग को यही विशेष दर्जा इसे चीन से अलग करता है। यदि इसके संवैधानिक ढांचे से किसी तरह की छेड़छाड़ होती है या इसको मिले विशेष दर्जे में बदलाव किया जाता है तो अमेरिका को हांगकांग के साथ हो रहे व्यापार पर विचार करना होगा।

अमेरिकी सीनेट में पास किए गए बिल को 'हांगकांग ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी एक्ट' नाम दिया गया है। कांग्रेस में भी इसको पूरा समर्थन मिला है। इस बिल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद यह कानून में तब्दील हो जाएगा। 


जहां तक ट्रंप की बात है तो मानवाधिकार से जुड़े मामलों में वह कम ही अपनी राय व्यक्त करते हैं। इसी वजह से ट्रंप ने इस बिल पर अभी तक कोई भी बयान नहीं दिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका से इस बिल को जल्द ही कानून बनाने की अपील की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed