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अमेरिकी सांसदों की मांग, हथियारों की खरीद में भारत को मिले नाटो देशों जैसा दर्जा
Mon, 17 Jun 2019 10:02 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 17 Jun 2019 10:02 PM IST
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अमेरिका के दो शीर्ष सांसदों का कहना है कि अत्याधुनिक सैन्य सामग्री व हथियारों की बिक्री मामले में भारत का दर्जा अमेरिका के नाटो सहयोगियों की तरह किया जाए। इसके तहत उन्होंने सीनेट में विधेयक पेश कर देश के हथियार नियंत्रण कानून में बदलाव की मांग रखी।
डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद मार्क वार्नर और रिपब्लिकन पार्टी के जॉन कॉर्निन ने अमेरिकी हथियार नियंत्रण कानून में इस आवश्यक संशोधन की मांग रखी। अगर इसे मंजूरी मिली तो अमेरिका के बड़े रक्षा भागीदार के तौर पर भारत को आधार मिल जाएगा। यह कवायद ऐसे वक्त हुई है, जब एक साल पहले भारत और अमेरिका ने सीओएमसीएएसए (कम्युनिकेशन, कॉम्बेटिबिलिटी एंड सिक्युरिटी एग्रीमेंट) पर दस्तखत किए थे। दोनों देशों में बीईसीए (बेसिक एक्सचेंज कोपरेशन एग्रीमेंट) के बुनियादी करार पर हस्ताक्षर के लिए भी वार्ता हो रही है ।
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डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद मार्क वार्नर और रिपब्लिकन पार्टी के जॉन कॉर्निन ने अमेरिकी हथियार नियंत्रण कानून में इस आवश्यक संशोधन की मांग रखी। अगर इसे मंजूरी मिली तो अमेरिका के बड़े रक्षा भागीदार के तौर पर भारत को आधार मिल जाएगा। यह कवायद ऐसे वक्त हुई है, जब एक साल पहले भारत और अमेरिका ने सीओएमसीएएसए (कम्युनिकेशन, कॉम्बेटिबिलिटी एंड सिक्युरिटी एग्रीमेंट) पर दस्तखत किए थे। दोनों देशों में बीईसीए (बेसिक एक्सचेंज कोपरेशन एग्रीमेंट) के बुनियादी करार पर हस्ताक्षर के लिए भी वार्ता हो रही है ।
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कानूनी बाधाएं होंगी दूर
अमेरिका इंडिया स्ट्रैटिजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने इस मुद्दे को बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम करार दिया। उन्होंने कहा, पैरोकार समूह कानूनी बदलाव के हिमायती हैं, जिससे भारत को अत्याधुनिक रक्षा उपकरण के निर्यात में मौजूदा कानूनी बाधाएं खत्म होंगी। इस तरह के उपकरण आम तौर पर कुछ ही देशों को दिए जाते हैं।
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